December 3, 2022

*आयुर्वेद पूर्णरूपेण सक्षम* , कोरोना संक्रमण को रोकने में

विज्ञान की चकाचौंध में एंटीबायोटिक एंटीवायरल और स्टेरायड दवाइयों की चकाचौंध में हम अपनी प्राचीन चिकित्सा पद्धति को भूलते जा रहे हैं*
*लाइलाज कोविड-19 का सामना होने पर आयुर्वेद ही संभाल रहा है, आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में
*आयुर्वेद औषधि और घरेलू मसालों के रूप में गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, सौंठ, लोंग, काली मिर्च, दालचीनी*, इन सब का काढ़ा कोरोना के इलाज में कारगर *अस्त्र साबित हो रहा है*, क्लिनिकल ट्रायल भी चल रहा है *आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी यह स्वीकार करता है की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में यह काढ़ा न सिर्फ अधिकतर लोगों को बचा रहा है, बल्कि संक्रमित रोगियों की प्राण रक्षा और शीघ्र संक्रमण मुक्त करने में भी रामबाण सिद्ध हो रहा है! दिन में एक बार से दो बार काढ़ा पीकर करोड़ों लोग कोरोनावायरस को मात दे रहे हैं, प्रमुख रूप से *गिलोय* इसे गुडुची भी कहते हैं
। इसके रासायनिक अवयव रक्त में मौजूद श्वेत कणिकाओं की कार्यक्षमता बढ़ाकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं इसके तना से तैयार काढ़ा दमा खांसी डेंगू स्वाइन फ्लू आदि को नियंत्रण करने में कारगर है! *अश्वगंधा* एंटीऑक्सीडेंट एंटीबैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों से भरपूर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कारगर सिद्ध है !अश्वगंधा कैंसर सेल्स बढ़ने से रोकता है, गर्म तासीर वाला *दालचीनी* बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट है दालचीनी तनाव कम करती है, आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक ब्लड थिनर भी कहते हैं रक्त संचार को व्यवस्थित एवं मजबूत रखता है, *काली मिर्च* सर्दी जुखाम में बेहतरीन उपयोगी है यह प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है, काढ़ा में विशेष रूप से काम लिया जाता है *टेंशन कम करती है डिप्रेशन दूर करती है,* *अदरक*, यह एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर है प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है पाचन शक्ति को भी बढ़ाती है *लौग* एंटी ऑक्सीडेंट एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर इसके तेल में विटामिन ए और विटामिन सी प्रचुर मात्रा में है!
*तुलसी* मानव जाति के लिए वरदान है तुलसी पौधे में एंटीबैक्टीरियल तत्व होते हैं काढ़ा में पूर्ण उपयोगी
इन सभी के मिश्रण से *काढ़ा तैयार करें 4 भाग गिलोय 2 भाग दालचीनी तुलसी एवं सौंठ एक भाग लोंग के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें दो कप पानी मैं डाल कर उबालें और जब आधा कप शेष रह जाए तब इसको कपड़े से छानकर उपयोग में लें* *काढे के रूप औषधियां जब ब्लड में पहुंचती हैं तो उन प्रोटीन की कार्य क्षमता बढ़ाने का कार्य करती है जो इम्यूनिटी बूस्टर है!*अश्वगंधा* चूर्ण एक चम्मच सुबह एक चम्मच शाम को दूध के साथ सेवन करें एक एक चम्मच च्यवनप्राश, सभी राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार बार-बार आयुर्वेद औषधि युक्त काढ़ा पीने की आम जनता से अपील कर रही है आयुर्वेद विभाग अनवरत आम जनता की सेवा में समर्पित हैं नियमित रूप से आयुर्वेद औषधि यु बस बसक्त काढ़ा तैयार कर वितरित किया जा रहा है शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता जितनी मजबूत होगी रोग का प्रभाव उतना ही कम होगा दिन में दो से तीन बार गुनगुना पानी पीये!

डॉ घनश्याम व्यास
पूर्व अतिरिक्त निदेशक आयुर्वेद विभाग राजस्थान

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