December 7, 2022

आवाज उठाओ समूह महिला सुरक्षा दल के नाम से जाने जाएंगे

दिल्ली में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए 80 जेंडर रिसोर्स सेंटरों में 320 महिला सुरक्षा दलों का गठन शीघ्र ही किया जाएगा। दिल्ली के 11 जिलों में महिला सुरक्षा दल पायलट योजना के अंतर्गत रक्षा बंधन के दिन से 11 चिन्हित स्थानों पर जीआरसी कार्य करना प्रारंभ कर देंगे। ये फैसला दिल्ली के मुख्य सचिव एस के श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। इस बैठक में दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव (गृह), प्रधान सचिव(वित्त), प्रधान सचिव (महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण), निदेशक (सामाजिक सुविधा संगम), निदेशक (महिला एवं बाल विकास) और समन्वयक, एमएसडी गु्रप भी उपस्थित थे। बैठक में समन्वयक एमएसडी गु्रप ने महिला सुरक्षा दल की परियोजना की रूप-रेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि आवाज उठाओ परियोजना का नाम बदलकर महिला सुरक्षा दल कर दिया जाय और उसी की संरचना कर महिला सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने की जिम्मेदारी दी जाय। क्योंकि आवाज उठाओ परियोजना के अंतर्गत महिला समूहों में महिला सुरक्षा के लिए चेतना पैदा करने का कार्य आवाज उठाओ संगठन पहले से ही कर रहे थे। इसलिए नई समानान्तर संगठन खड़ा करने की बजाय इसी को महिला सुरक्षा दल की जिम्मेदारी दे दी जाय और उसे नए सैटअप के साथ मजबूती प्रदान की जाय।

इस पहल के अनुसार यौन उत्पीड़न /उत्पीड़न और बलात्कार और संकट की त्रासदि को झेल रही महिलाओं को उस स्थिति से उवारने और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में ये महिला सुरक्षा दल समाज में सतही स्तर पर चेतना पैदा करेंगे और लोगों में जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ कानून का उल्लंघन करने वाले लोगों पर सिकंजा कसने का कार्य भी करेंगे। इन महिला सुरक्षा दलों में समाज में रह रहे महिला, पुरुष, स्वयं सेवी संगठनों और स्थानीय निवासी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त सेना के सेवानिवृत्त कर्मियों को भी शामिल किया जाएगा जो लोगों की सोच को बदलने और लैंगिक मुद्दों पर सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में कार्य करेंगे। महिला सुरक्षा दल पुलिस बल की तरह कार्य न कर निजी सुरक्षा गार्डस की तरह कार्य करेंगे और साथ ही साथ महिला सुरक्षा संबंधी विषयों का आंकलन करने के साथ- साथ स्थानीय पुलिस और प्रशासन तंत्र के साथ संपर्क साधकर महिला सुरक्षा संबंधी विषयों पर वातावरण तैयार करेंगे।

महिला सुरक्षा दलों के गठन का समग्र उद्देशय महिलाओं व लड़कियों पर हो रही हिंसा और अत्याचार को रोकने और महिलाओं में हिंसा के विरूद्ध सुरक्षा शक्ति को बढ़ाना और उन्हें सशक्त बनाना है। उनका प्रयास होगा कि वे महिलाओं और लड़कियों को सार्वजनिक स्थलों पर पूरी गतिशीलता के साथ अपने मानव अधिकारों का उपयोग करते हुए स्वतंत्रता का आनंद उठाते हुए सशक्त हों।

अवाज उठाओ परियोजना वर्तमान में 50 जीआरसीज और 30 अन्य जीआरसीज पर चलायी जा रही है। इन सभी जीआरसीज पर चार-चार महिला सुरक्षा दल गठित किए जायेंगे यानी 80 जगहों पर 320 महिला सुरक्षा दलों की स्थापना की जाएगी। स्वैच्छिक आधार पर अच्छे कार्य के लिए अपनी सेवाओं की पेशकश कर दिलचस्पी रखने वाले पूर्व सैनिकों को महिला सुरक्षा दल के गठन में शामिल किया जाएगा। प्रत्येक महिला सुरक्षा दल में 04 पुरुष, 04 महिलाएं, 04 लड़कियां, 04 लड़के, 04 एनजीओ कार्यकर्ता और 03 पूर्व सैनिक शामिल होंगे। परियोजना में पूर्व सैनिकों की सक्रिय भागीदारी राज सैनिक बोर्ड/आरडब्लूए/एमटीए के द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। जिन्हे टेलीफोन और परिवहन के खर्चे के लिए प्रतिपूर्ति के रूप में 750 रुपए दिए जाएंगे।

सामाजिक सुविधा संगम द्वारा प्रस्तुत पूरी परियोजना का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव एस के श्रीवास्तव ने दिल्ली के 11 जिलों में रक्षा बंधन के दिन प्रत्येक जिले में 01 महिला सुरक्षा दल द्वारा कार्य आरंभ करने के लिए आदेश दिए। इन 11 जिलों में महिला सुरक्षा दल परियोजना के लिए स्थानों की पहचान कर ली गई है जो मध्य जिले में कुचामीर आसिक, चावड़ी बाजार, पूर्व जिले में बस्ती विकास केंद्र, त्रिलोकपुरी, नई दिल्ली में रिंग रोड, नारायण, उत्तरी दिल्ली में बस्ती विकास केंद्र लाल बाग, आजादपुर, उत्तर-पूर्व जिले में लेन नं 37 जाफराबाद, उत्तर-प”िचम में शर्मा काॅलनी बुद्ध विहार सुल्तानपुरी, शहादरा में हर्ष विहार, बुद्ध विहार चाॅक, मंडोली नंदनगरी, दक्षिण जिले में डीडीए कम्यूनिटी सेंटर, कालकाजी, दक्षिण-पूर्व जिले में जोगाबाई एक्सटेंशन, जामियानगर, महारानीबाग, दक्षिण-पश्चिम जिले में नवीन पैलेस, काली प्यायु, झरोड़ा रोड नजफगढ़ और पश्चिमी दिल्ली में शिव विहार काॅलोनी, उत्तम नगर में स्थित हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.


Previous post आवाज उठाओ समूह महिला सुरक्षा दल के नाम से जाने जाएंगे:दिल्ली सरकार
Next post 65 फर्जी डीलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई, 2777.73 करोड़ रुपए की फर्जी कारोबार दिखाया, पंजीकरण प्रमाण पत्र किए गए रद्द :दिल्ली सरकार