November 26, 2022

इस सर्दियों में रैन बसेरों में 40,000 नये कम्बल उपलब्ध कराए जाए: उपराज्यपाल दिल्ली

दिल्ली के उपराज्यपाल नजीबजंग ने आज राजनिवास में बीते दिनों सर्दियों के मौसम को देखते हुए दिल्ली में रैन बसेरों की तैयारियों के संबंध में एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्य सचिव, सचिव, शहरी विकास, सचिव, लोक निर्माण विभाग, सचिव, स्वास्थ्य, सचिव, समाज कल्याण, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सचिव, वित, तीनों निगम आयुक्त, प्रधान आयुक्त डी.डी.ए,विशेष पुलिस आयुक्त तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उपराज्यपाल को बताया कि सर्दियों के लिए तैयारी तेजी से चल रही है उपराज्यपाल महोदय ने विभिन्न विभागों को निम्न निर्देशो पर तुरन्त अमल करने के लिए कहा ः

1. दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड को निर्देश दिए गए कि 10 दिसम्बर, 2014 से रैन बसेरों के सभी निवासियों को चाय और रस दिए जाए इस पर आयी लागत सरकार द्वारा वहन की जाएगी। बोर्ड को इस पर काम करने के लिए कहा गया।

2. दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड को निर्देश दिए गए कि पुराने कम्बल को तुरन्त हटा लिया जाए और पुनः प्रयोग वाले कम्बलों को अगले सप्ताह तक ड्राईक्लीन करा लिया जाए। इसके अतिरिक्त 40,000 नए कम्बल उपलब्ध कराए जाए। बोर्ड ने उपराज्यपाल महोदय को बताया कि 20,000 कम्बल खरीदने का आदेश दे दिया गया है। 2500 कम्बल आ गए है बाकी अगले सप्ताह तक आ जाएगें। उपराज्यपाल महोदय ने सचिव, वित्त को निर्देश दिए कि 20,000 कम्बल खरीदने के लिए सहायता सुनिश्चित करे ताकि बोर्ड की विद्यमान क्षमता में 40,000 नये कम्बल जुड सके। बोर्ड को रैन बसेरों में आव”यकता अनुसार दरी उपलब्ध कराने को भी कहा गया।

3. दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड को निर्देश दिए गए कि सर्दियों में बेघरों को रहने के लिए बस का प्रयोग ना किया जाए। निवासी या तो पक्के ढांचे में या पोरटा केबन में रहें।

4. दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिए गए कि रैन बसेरों में पानी के टेंकर प्रतिदिन भरे जाए। बोर्ड को जहां पानी की मांग ज्यादा है वहां पानी के टेंकरों की क्षमता 500 लीटर से बढाकर 1000 लीटर के लिए भी कहा गया।

5. सचिव, स्वास्थ्य को प्रत्येक रैन बसेरें में सप्ताह में दो बार मोबाईल क्लिीनिक भेजने के निर्देश दिए गए। इन मोबाईल क्लिीनिकों में पर्याप्त मात्रा में दवाई आदि होनी चाहिए।

6. सचिव, लोक निर्माण विभाग को अगले दो सप्ताह के भीतर सभी रैन बसेरों की मरम्मत आदि के निर्देश दिए गए।

7. निगमायुक्तों को मोबाईल टाॅयलेट वैन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बोर्ड तथा निगमायुक्त इन टाॅयलेट को प्रतिदिन उपलब्ध कराने के संबंध में कार्यवाही करेगें।

उपराज्यपाल को बताया गया कि इस समय 85 पक्के रैन बसेरें, 102 पोरटा केबन तथा 18 टेंट में चलाए जा रहे है। पोरटा केबन डांडी पार्क, युमना पुस्ता तथा सराय काले खान के पास बनाने की योजना है। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड ने दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में निर्मित 10 सामुदायिक भवनों में रैन बसेरें स्थानांतरित किए है।

दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड द्वारा निम्न कदम भी उठाए गए है ः

1. रैन बसेरों के कार्यकालप तथा प्रबंधन को व्यवस्थित करने के लिए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड निविदा प्रक्रिया द्वारा शैल्टर मेनेजमेंट एजेन्सी का सूचीकरण करने जा रही है। यह सूचीबद्ध एजेन्सी अपने क्षेत्र में आने वाले सभी रैन बसेरों के लिए जिम्मेदार होगी। यह प्रक्रिया रैन बसेरों की अधिकतम जवाबदेही और बेहतर समन्वय तथा प्रबंधन में सहायक होगी।

2. 1 दिसम्बर से 24x 7 चलने वाला नियंत्रण कक्ष चालू हो जाएगा जिसमें रैन बसेरों की ”िाकायत आदि प्राप्त होगी।

3. दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की वेबसाइट पर रैन बसेरों की दैनिक रिपोर्ट अपडेट की जाएगी जो रैन बसरों की प्रतिदिन की क्षमता की जानकारी देगी।

4. नेशनल अरबन लाईवलीहुड मिशन के अन्तर्गत “शहरी बेघरों के लिए आश्रय, डी.डी.ए से भूमि अधिग्रहित की जाएगी और नये रैन बसेरें बनाने की योजना है। उपराज्यपाल महोदय ने सभी विभागों को दोगुने प्रयास से काम को शीघ्र खत्म करने के लिए कहा।

बैठक के अंत में उपराज्यपाल ने सर्दी में कोई भी बेघर बिना देख भाल के न रहे। दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की यह जिम्मेदारी है कि वह सर्दी में प्रत्येक बेघर को आश्रय प्रदान करे। उन्होने यह भी कहा कि 21वीं शताब्दी में यह शर्म की बात है कि लोग सर्दियों में ठंड के कारण मरने के लिए छूट जाते है। नैतिक रूप से यह हमें दोषी बनाता है।

उन्होने यह भी कहा कि रैन बसेरों का औचक निरीक्षण और जांच उनके कार्यालय के अधिकारियों तथा सचिवालय के सचिव स्तर तक के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। किसी तरह की लापरवाही को अनदेखा नही किया जाएगा।

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