December 2, 2022

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में बच्चों को विशेष प्रशिक्षण

समावेशी शिक्षा के लक्ष्य को बढ़ावा देने के लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने अपने विद्यालयों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के संबंध में प्रशिक्षण के बाद, निगम के शिक्षा विभाग ने अपने सभी 7500 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को कक्षाओं में ट्रांसजेंडर पहचान वाले बच्चों को शामिल करने के लिए प्रशिक्षण शुरू किया है।
प्रत्येक 250 प्रतिभागियों के एक समूह को एक-एख घंटे के सत्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्पेस एनजीओ द्वारा सत्र लिए जा रहे हैं जो कई वर्षों से समाज में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को शामिल करने पर काम कर रहे हैं। प्रशिक्षण के विषयों में शामिल हैं – ट्रांसजेंडर शब्दावली को समझना, स्कूल में ट्रांस पर्सन होने का क्या मतलब है, शिक्षक सभी जेंडर के लिए विद्यालयों में योग्य माहौल कैसे बना सकते हैं, संबंधित विषय में भ्रम व गलतफहमी को दूर करना और हाल ही में इस विषय पर आए निर्णय। यह विषय के अध्ययन की मदद से किया जाता है और अंत में शिक्षकों को प्रश्नोत्तर सत्र में प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर बच्चा, लिंग पहचान की परवाह किए बिना, उपलब्ध शैक्षिक अवसरों का पूरा उपयोग करने में सक्षम हो और शिक्षक कक्षा में सभी बच्चों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित कर सके। पहले 2 दिनों में लगभग 1000 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया, जिसमें लगभग 99% सक्रिय जुड़ाव था। सत्र के लिए अपना उत्साह दिखाते हुए शिक्षकों ने सत्र के अंत में कई प्रश्न पूछे। उपस्थित लोगों द्वारा दी गई प्रतिक्रिया अत्यंत सकारात्मक है, उनमें से अधिकांश ने कहा कि वेबिनार निश्चित रूप से उन्हें ऐसे बच्चों की जरूरतों को पहचानने में मदद करेगा।
शिक्षकों के अलावा, सभी डीडीई, एडीई और विद्यालय निरीक्षक इस वेबिनार में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चे को विद्यालय प्रणाली में समान अवसर मिले और वे अपनी प्रतिभा के आधार पर भविष्य के अवसर प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को अपने सभी विकासात्मक जरूरतों के साथ गरीब बच्चों की मदद करना।

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