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सिसोदिया के ओएसडी की गिरफ़्तारी

सिसोदिया के ओएसडी की गिरफ़्तारी

कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने की जाँच और सज़ादेने की मांग

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को आरोप लगाया है कि आप पार्टी की सरकार का पांच वर्ष का शासन पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबा रहा है । ये घोटाले मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल की शह पर हुए है. जनता के धन को लूटने के लिए किए इन घोटालों में दिल्ली सरकार के मंत्री और आप पार्टी के अन्य लोग भी शामिल हैं। चोपड़ा ने कहा है कि दिल्ली के उप मुख्यमंत्री के ओ एस डी की गिरफ़्तारी से यह साबित हो गया है कि दिल्ली सरकारमें भ्रष्टाचार व्याप्त है, उन्होंने कहा कि ओएसडी का रंगेहाथों रिश्वत लेते पकड़े जाने से जनता सकते में है वह मानने लगे हैं कि आप सरकार पर लग रहे सारे आरोप सच हैं। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष श्री सुभाष चोपड़ा ने कहा कि दिल्ली में सीसीटीवी लगाने में सबसे बड़ा घोटाला हुआ है। दिल्ली की जनता को सुरक्षित और हिफाजत में रखने के लिए सीसीटीवी लगाने के लिए शुरू में 1500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई थी। लेकिन मूल्य वृद्धि के नाम पर सीसीटीवी लगाने के काम में करीब 4000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना दी गई । इसे और बढ़ाने की भी नियत है। जानेमाने पत्रकार पी के भारद्वाज के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठï सदस्यों की टीम ने जांच पड़ताल में पाया कि सीसीटीवी लगाने की परियोजना में साजो सामान लगाने का कार्य गुरुग्राम स्थित एमएनएम नामक कम्पनी को दिया गया है। इस कम्पनी के मालिक केजरीवाल सरकार के उर्जा और स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन के ससुराल के निकटम रिश्तेदार बताये जा रहे हैं। जिन्हें दक्षिण दिल्ली और पूर्वी दिल्ली का कार्य अंजाम देना है। वहीं पश्चिम दिल्ली तथा शेष भागों में सीसीटीवी लगाने का ठेका भी आप पार्टी के आला नेताओं के करीबियों को दिया गया है।

सुभाष चोपड़ा ने कहा कि यह घोटाले के अन्दर घोटालों का मामला है। घटिया किस्म के उपकरण व सामान लगाये गए है, जिनकी वजह से दूर तक की फोटो नहीं आती है और छवि धुंधली दिखती है। इन सीसीटीवी के प्रति कैमरे को स्थापित करने का ठेका 1400 रुपये परति कैमरा है। जिसमें से 1100 रुपये सीधे ठेकेदार की जेब में जाते हैं। जो किस किस के हिस्से में जाते हैं अन्दाजा लगाया जा सकता है। असल में कैमरे को लगाने वाले के हिस्से में सिर्फ 300 रुपये आते हैं। ये कैमरे स्कूलों और सरकारी संस्थानों में स्थापित किए जा रहे हैं।

सुभाष चोपड़ा ने एक अन्य घोटाले का उल्लेख करते हुए बताया की पानी के एटीएम में भी इस सरकार ने २५०० करोड़ रुपयों का घोटाला किया है । इस सरकार ने दीपावली से पहले बीएसईएस और दिल्ली जलबोर्ड के साथ एक करार किया , जिस के तहत बीएसईएस ने अपने कोरपोरेट सोशल रिस्पान्सबिलीटी (सीएसआर फंड) में से २५०० करोड़ रुपये दिल्ली जलबोर्ड को दिल्ली में साफ पानी पिलाने के लिए वॉटर एटीएम लगाने को दिए। जिसके प्रथम चरण में पश्चिमी दिल्ली में वाटर एटीएम लगाने की योजना शुरू करनी थी। एटीएमों से निशुल्क शुद्ध जल उपलब्ध कराना था. इस एटीएम से 20 लीटर पानी प्रति परिवार पानी उपलब्ध कराया जाना था। अभी तक दिल्ली में ऐसे एटीएम का कहीं भी नामोनिशान नहीं है।

केजरीवाल ने झूठ बोलकर मतदाताओं को भ्रमित करने की साजिश है। छानबीन करने वाले समूह को यह भी पता चला कि दिल्ली के उपमुख्य मंत्री मनीश सीसोदिया के अपनी पीठ थपथपाने और शिक्षा सम्बन्धी सुधार के दावे कितने खोखले और भ्रामक हैं कि शिक्षा विभाग ने चन्द स्कूलों को खोलने के अलावा पहले से चल रहे स्कूलों में सैकड़ों की संख्या में नए क्लाव रूम बनवाये हैं। जिससे स्कूल में उपलब्ध खुला आसमान छुप गया है। बच्चों को ताजी हवा-धूप नहीं मिल रही है और खेलने के खेल के मैदान ख़त्म हो गए हैं।

सबसे चौकाने वाली बात है कि हर क्लास रूम को बनवाने का खर्च बीस लाख रुपया दिखाया गया है। यह भी बड़ा घोटाला है , लोग मानते है कि इतनी राशि से एक मध्यवर्गी परिवार के लिए जमीन सहित एक निवास का निर्माण किया जा सकता है। अगला घोटाला वाटर और सीवर पाइप लाइन का है। राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में आप पार्टी के विधायकों द्वारा मनमाने ढंग से अपने करीबियों को ठेके दिए जाने से सम्बन्धित हैं।

चौकाने वाली बात यह है कि आम आदमी के पैसों का दुरुपयोग करते हुए तीन फुट चौड़ाई के सीवर लाइन के स्थान पर एक फुट चौड़ा पाइप डाला जा है जो निर्धारित मानकों का सरासर उल्लंघन है। ये पाइप घटिया स्तर के हैं। जिसका खामियाजा वर्षा के दौरान भुगतना पड़ेगा। इसका उदाहरण ओखला विधान सभा क्षेत्र और अन्य इलाकों में देखा जा सकता है। जनता की खून पसीने की कमाई को लूटने और उन सुविधाओं से वंचित रखने का यह नायाब तरीका है, जिसके वे हकदार हैं। घोटाला यहीं समाप्त नहीं होता, पानी की पाइपे बिछा दी गई हैं लेकिन पानी इन पाइपों में छोड़ा गया है। उन्हें पानी तब मिलेगा जब कनेक् शन देने के लिए अधिसूचना जारी की जाएगी। ऐसे पानी के कनेक् शन दिल्ली जल बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त प्लम्बर द्वारा किए जाएंगे। जो मनमाने तरीके से जनता को लूटेंगे। असल बात यह है कि इन पाइपों में पानी छोडऩे का मतलब दिल्ली के अन्य क्षेत्रों से पनी की कटौती होगी। जिसका अर्थ यह है कि इन क्षेत्रों के अलावा उन क्षेत्रों में जल संकट पैदा हो जाएगा। असली मकसद पाइप और सीवर लाइन दिखाकर लोगों के वोट बटोरना है।

मोहल्ला क्लिनिक भी आप पार्टी की भ्रमित करने वाली अदाकारी का नमूना है। जानकारी मिली है कि इन क्लिनिकों में आने वाली वाली दवाईयों को औने पौने दाम पर प्राइवेट कैमिस्टों को बेच कर जनता और सरकारी पैसों का गोलमाल हो रहा है। एक अन्य गड़बड़ी यह है कि मोहल्ला क्लिनिकों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर नियुक्त नहीं किए गए हैं या केवल कागजों पर नियुक्त हुए हैं। इस अव्यवस्था के चलते एक मरीज दूसरी बार उस क्लिनिक पर आने पर उस डॉक्टर से इलाज नहीं करवा पाता जिससे उसने अपना इलाज शुरू करवाया था। ऐसे मरीजों को कई मिलोमीटर दूर यह कहकर दौड़ाया जाता है कि वह डॉक्टर अमुक दिन उस क्लिनिक पर उपलब्ध हैं। स्वास्थ विभाग में घोटालों का खेल यहीं खत्म नहीं होता। अगर भ्रष्टïाचार का कोई उदाहरण चाहिए 2तो इस नमूने को देखें। चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय जो पूर्वी दिल्ली में है , के निदेशक को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि वह स्वास्थ्य मंत्री की रिश्वतखोरी की मांग के सामने झुकने के लिए तैयार न था। यह डॉक्टर अब लेडी हार्डिंग मेडिकील कॉलेज में पढ़ा रहे हैं क्योंकि वह पढऩे पढ़ाने में रुचि रखते हैं। इस तरह से एक दक्ष अनुभवी डॉक्टर के इलाज से मरीज वंचित हो गए। यह सिर्फ और सिर्फ लालची स्वास्थ्य मंत्री के कारण हुआ है।

इसी तरह से बुजुर्ग नागरिको के लिए शुरु की गई निशुल्क तीर्थ यात्रा योजना भी एक घोटाले के रूप में सामने आई हैं। आप पार्टी के मॉडल टाउन क्षेत्र से विधायक अखिलेश प्रताप त्रिपाठी ने अपने क्षेत्र के बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा का आयोजन किया था परन्तु उन बुजुर्गों को असहनीय स्थिति का सामना करना पड़ा । यात्रा पर जा रहे लोगों के लिए रेलवे स्टेशन पहँुचने के लिए बस की व्यवस्था और उन्हें अंतिम समय पर खुद बस कर स्टेशन पर पहँुचने के लिए संदेश दिया गया जिसका खर्च खुद उन्हें वहन करना पड़ा। दुख की बात यह है कि इनकी रेल यात्रा के लिए टिकट नहीं खरीदा गया। जिसके चलते इन गरीब बुजुर्ग तीर्थ यात्रियों को आगरा रेलवे स्टेशन पर बिना टिकट यात्रा करने पर रेल से उतारा गया और उन्हें दिल्ली वापस आने के लिए भीख जैसे एहसान लेने पड़े। यह खबर सोशल मिडिया पर कई दिनों तक छाई रही। ‘केजरी बना श्रवण कुमार , हुआ बुजुर्र्गों पर अत्याचार, असल में निकला गबन कुमार’ शीर्षक से बनी खबर ने लोगों को झकझोर दिया। ये सब केजरीवाल की ईमानदार एवं भ्रष्टïाचार मुक्त सरकार के नाम उपलब्धियां है जो वे खुद गिनवाना नहीं चाहते। सुभाष चोपड़ा ने मांग की कि इन सभी घोटालों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

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