PHONE : +91-011-23626019
(M) 09811186005
Email : crimehilore@gmail.com ,
editor.crimehilore@gmail.com


Breaking News
केजरीवाल सरकार का अहम फैसला : अब दिल्ली वालों का पिछले महीने से 1.5 गुना से अधिक नहीं हो सकता पानी का बिल*

केजरीवाल सरकार का अहम फैसला : अब दिल्ली वालों का पिछले महीने से 1.5 गुना से अधिक नहीं हो सकता पानी का बिल*

दिल्ली के जल मंत्री और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के अध्यक्ष सत्येंद्र जैन ने गुरुवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की।बैठक में दिल्ली जल बोर्ड की राजस्व प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

दिल्ली के जल मंत्री एवं दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के अध्यक्ष सत्येंद्र जैन ने गुरुवार शाम ट्वीट कर यह जानकारी दी कि दिल्ली जल बोर्ड ने आज अपने बिलिंग सिस्टम को अपडेट कर दिया है। अब आपका बिल पिछले महीने के 1.5 गुना से ज्यादा नहीं हो सकता। यदि बिल इससे अधिक हो जाता है, तो आपको दिल्ली जल बोर्ड की तरफ से एक स्पष्टीकरण दिया जाएगा और इसके तर्ज़ पर ग्राहक शिकायत दर्ज करा सकते हैं। दिल्ली जल बोर्ड किसी भी प्रकार की गलती के लिए जवाबदेह और उत्तरदायी होगा।

दिल्ली सरकार को कई शिकायतें सरकार मिलीं, जिसमे बताया गया कि मीटर रीडर्स या तो मौजूदा मीटर रीडिंग की तस्वीर अपलोड नहीं करते थे या फिर एक रैंडम इमेज अपलोड करते थे और बाद में उसे खुद से सत्यापित कर उचित समझे जाने पर रीडिंग अलग से डालते हैं। जब तक कोई उपभोक्ता इसके लिए शिकायत दर्ज नहीं करता था, तब तक इस प्रक्रिया की कोई जांच नहीं होती थी। अधिकतर उपभोक्ता अपने बिलों का भुगतान सही मानते हुए करते हैं और द्विमासिक बिलिंग चक्र में खपत पैटर्न में बदलाव को महसूस नहीं करते हैं। राजस्व अधिकारियों के साथ मंत्री सत्येन्द्र जैन की चली इस लंबी बैठक में इन मुद्दों को सामने लाया गया और गलत बिल बनाने की इस प्रक्रिया को रोकने के लिए निम्नलिखित ऐतिहासिक कदम उठाए गए।

*यह लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय:*

1. पिछले बिल की तुलना में पानी की खपत 50 फीसद से अधिक या कम होने पर मीटर रीडर के टैबलेट से बिलिंग रोकने के लिए एक सिस्टम चेक होगा। मीटर रीडिंग द्वारा लिए गए फोटो के अनुसार पानी की खपत की पुष्टि के बाद ही जेडआरओ कार्यालय द्वारा बिल जनरेट किया जा सकता है। यह कदम गलत रीडिंग बिलों पर अंकुश लगाएगा, जो बनाए जा रहे थे।

2. राजस्व अधिकारियों द्वारा सिस्टम में रेंडम आधार पर रोज़ाना ”मीटर रीडिंग इमेज ऑडिट’ किया जाएगा। यह निर्णय एक ऐतिहासिक निर्णय में से एक होगा। इससे व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता आएगी। इस व्यवस्था पर दिल्ली जल बोर्ड द्वारा कड़ी निगरानी रखी जाएगी। जिससे सिस्टम में हेर-फेर की संभावना न के बराबर हो जाएगी। इससे मौजूदा बिलिंग प्रणाली से संबंधित सभी खामियों को भी दूर किया जा सकेगा। जिससे कि सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और काम पहले और आसान हो जाए।

3. दिल्ली जल बोर्ड अपने विजिलेंस सिस्टम को मजबूत करेगा। टैबलेट द्वारा अपलोड किए गए अनुचित फोटो के मामले में मीटर इंस्पेक्टर दोबारा जांच करेंगे और रीडिंग में गलतियों के मामले में मीटर रीडर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मीटर रीडिंग का फोटो सही नहीं आता है, तो इस स्थिति में मीटर निरीक्षक साइट का दौरा कर रीडिंग फोटो की जांच करेंगे। यदि मीटर रीडिंग फोटो में किसी प्रकार की गड़बड़ी होगी, तो मीटर रीडर के खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी। इसके कारण बिलिंग प्रणाली में 100 फीसदी पारदर्शिता तथा किसी भी प्रकार की हेरा- फेरी नहीं होगी। वर्तमान में दिल्ली जल बोर्ड के 41 जोनों में लगभग 26.50 लाख उपभोक्ताओं की रीडिंग लेने वाले लगभग 900 मीटर रीडर हैं। इनमें से लगभग 18 लाख उपभोक्ता मुफ्त पानी योजना के तहत जीरो बिल का लाभ उठाते हैं।

4. मीटर रीडर के लिए रोटेशन सिस्टम भी बिलिंग सिस्टम को मजबूत और पारदर्शी बनाने में मदद करेगा। इस रोटेशन सिस्टम में हर बिलिंग साइकल में मीटर रीडर्स बदले जाएंगे। इसके द्वारा मीटर रीडर और ग्राहक में किसी भी प्रकार का सबंध नहीं बनेगा, जिसके कारण किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सकेगा। जिससे सिस्टम में हेर-फेर की संभावना न के बराबर हो जाएगी। इससे बिलिंग प्रणाली में मजबूती मिलेगी। यह कदम बिलिंग प्रणाली तथा सिस्टम में किसी भी प्रकार शिकायत का कम मौका देगी। उपभोक्ताओं को पारदर्शी तरीके से और समयबद्ध तरीके से सेवाएं देने के लिए यह एक बेहतरीन कदम है।

केजरीवाल सरकार द्वारा उठाया गया यह एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम है। जो भ्रष्टाचार को मिटाने और मौजूदा व्यवस्था में मौजूद परेशानियों को दूर करने में कारगर साबित होगा। यह सिस्टम दिल्ली के लोगों के लिए आसान और पारदर्शी बिलिंग प्रणाली है। जो दिल्ली के लोगों के लिए काफी मददगार साबित होगा।

ShareShare on Google+0Pin on Pinterest0Share on LinkedIn0Share on Reddit0Share on TumblrTweet about this on Twitter0Share on Facebook0Print this pageEmail this to someone

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*


You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>