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केजरीवाल सरकार की अनूठी पहल, बच्चों को नशामुक्त बनाने के लिए खोला वन स्टॉप सेंटर सूर्योदय

केजरीवाल सरकार की अनूठी पहल, बच्चों को नशामुक्त बनाने के लिए खोला वन स्टॉप सेंटर सूर्योदय

महिला एवं बाल विकास राजेंद्र पाल गौतम ने नशामुक्ति केंद्र वन स्टॉप सेंटर सूर्योदय का उद्घाटन किया। यह महिला एवं बाल विकास विभाग और दिल्ली हाईकोर्ट को जुवेनाइल जस्टिस कमेटी के मार्गदर्शन और समर्थन में एक अनूठी पहल है।

इस वन स्टॉप सेंटर में ड्रग्स की समस्या से जूझ रहे लोगों के सम्पूर्ण विकास पर ज़ोर दिया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा, “बच्चों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की समस्या बढ़ रही है। शिक्षा और जागरूकता की कमी बच्चों को मादक द्रव्यों के सेवन की ओर आकर्षित करती है। हमें ऐसे बच्चों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग की समस्या से बाहर आने में मदद करने की आवश्यकता है। बच्चों को मादक द्रव्यों से दूर करने का एकमात्र तरीका इसके माध्यम से उनका पुनर्वास करना है। यह एक स्टॉप सेंटर लाभार्थियों को नशीली दवाओं का सेवन बंद करने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करेगा।”

वन स्टॉप सेंटर डिजिटल लाइब्रेरी से भी लैस है, जो छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और बौद्धिक उत्तेजना के लिए सक्षम करेगा। केंद्र लाभार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा भी प्रदान करेगा।

कैबिनेट मंत्री ने कहा, “हमें दिल्ली के हर जिले में ऐसे वन स्टॉप सेंटर स्थापित करनी चाहिए, तभी हम शहर में नशाखोरी की समस्या को रोक सकते हैं।”

इस केंद्र की विशेषता यह है कि यह न केवल नशे का सेवन करने वालो को, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी बना है। यह उन परिवारों को आवश्यक मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान करेगा, जिनके सदस्य नशे के शिकार हो गए हैं।

इस पहल की उन लोगों ने सराहना की है, जिन्हें नशीली दवाओं के दुरुपयोग की समस्या से सफलतापूर्वक पुनर्वासित किया है। उन्होंने इस अवसर पर अपने अनुभवों को साझा किया।

उद्घाटन समारोह दिल्ली उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति राजीव शकधर और जेजेसी के अध्यक्ष द्वारा आयोजित किया गया था। इस दौरान दिल्ली उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता, माननीय न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा और जेजेसी के सदस्य समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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