PHONE : +91-011-23626019
(M) 09811186005
Email : crimehilore@gmail.com ,
editor.crimehilore@gmail.com


Breaking News
केजरीवाल सरकार के स्कूलों के बिजनेस ब्लास्टर्स अपने देश को फिर से बनाएंगे सोने की चिड़िया

केजरीवाल सरकार के स्कूलों के बिजनेस ब्लास्टर्स अपने देश को फिर से बनाएंगे सोने की चिड़िया

केजरीवाल सरकार द्वारा स्कूलों में चलाए जा रहे बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम के 50 हजार स्टार्ट अप में से 1 हजार स्टार्ट अप शॉर्टलिस्ट होकर दूसरे राउंड में पहुंच गए हैं । अगले चरण में 100 स्टार्ट अप शॉर्टलिस्ट किए जाएंगे और फिर एक बिजनेस कार्निवल के माध्यम से ये स्टार्ट अप अपने लिए फंड इकट्ठा करेंगे। इन स्टार्ट अप को बिजनेस को बढ़ाने और उसे सफल बनाने के गुर सिखाने के लिए ऑनलाइन मास्टर क्लास का आयोजन किया गया। इस मास्टर क्लास में देश के दो सफल उद्यमियों ‘इनोवेट को-वर्किंग’ के रितेश मलिक और ‘कैश करो’ और ‘अर्न करो’ स्टार्ट अप की को-फाउंडर स्वाती भार्गव ने बिजनेस मंत्र दिए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल सरकार के स्कूलों के बिजनेस ब्लास्टर्स अपने देश को फिर से सोने की चिड़िया बनाएंगे। ये देश में ऐसी कंपनी खड़ी करेंगे जिसमें अमेरिका और जापान के नौजवान काम करने का सपना देखेंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया में पहली बार स्कूलों में इतने बड़े पैमाने पर स्टार्ट अप को लेकर कोई कार्यक्रम शुरु हुआ है। ये कार्यक्रम जबरदस्त हिट है। और पूरे देश में इसकी चर्चा हो रही है। एमएलए आतिशी ने कहा कि बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम से बच्चों का भविष्य को तो उज्जवल होगा ही साथ ही देश का भविष्य भी शानदार होगा।

बिजनेस ब्लास्टर्स से संवाद के दौरान ‘इनोवेट को-वर्किंग’ के रितेश मलिक ने छात्रों को अल्केमिस्ट बनने के मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि देश में स्टार्ट अप का ये सही वक्त है। देश के स्टार्ट अप आज अमेरिका और दूसरे देशों तक अपने बिजनेस को फैला रहे हैं। अब वक्त आ गया है कि तकनीक की बदौलत हिंदुस्तानी उद्यमी दुनिया पर राज करेंगे। रितेश मलिक ने कहा कि किसी भी बिजनेस को सफल बनाने के लिए जरुरी है तीन चीजें; बिजनेस आइडिया की पहचान, रिस्क लेने की इच्छाशक्ति और आइडिया पर काम करने का जज़्बा। और जब तीनों एक साथ मिल जाते हैं तो बिजनेस बढ़ता चला जाता है। लेकिन उसको और बढ़ने के लिए जरुरी है कि बिजनेस से सिर्फ पैसा कमाने के बारे में ना सोचें, बिजनेस आइडिया को सामाजिक दायित्वों से जोड़ने से अभूतपूर्व सफलता मिलती है।

शॉर्ट लिस्टेड बिजनेस ब्लास्टर्स को सफल बिजनेस के मंत्र देते हुए ‘कैश करो’ और ‘अर्न करो’ स्टार्ट अप की को-फाउंडर स्वाती भार्गव ने उनको बिजनेस के लिए फंड जुटाने के तरीके सिखाए। उन्होंने कहा कि अपना देश भारत दुनिया में सबसे बड़ा बाजार है। अगर ठीक से प्लानिंग कर लिया जाए तो किसी भी सॉलिड आइडिया के दम पर बिजनेस को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए जरुरी है एक शानदार टीम का होना। टीम के दम पर एक छोटा स्टार्टअप बड़ी कंपनी बन सकता है।

उपमुख्यमंत्री ने शॉर्ट लिस्ट किए गए 1 हजार स्टार्टअप से जुड़े हुए छात्रों को बधाई देते हुआ कहा कि आप लोगों ने अपने आइडिया और मेहनत के बल पर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। ये दुनिया का पहला स्कूल स्टार्ट अप प्रोग्राम है जिसे इतने बड़े पैमाने पर लांच किया गया। 3 लाख बच्चों और 50 हजार स्टार्ट अप में से 1 हजार बिजनेस आइडिया को शॉर्ट लिस्ट किया गया है। ये अद्भुत है। उन्होंने कहा कि जब मैंने सीड मनी का अनाउंस किया तो लोगों ने काफी आलोचना की। कहा गया कि सरकारी स्कूल के बच्चों को, गरीब परिवार के बच्चों को 60 करोड़ रुपया दिया जा रहा है, ये बर्बाद हो जाएगा लेकिन तमाम आलोचना के बावजूद मुझे आप पर भरोसा था। आपकी क्रिएटिव सोच और आपकी लगन पर भरोसा था। और लोअर मिडिल क्लास और गरीब परिवार के बच्चों ने मेरे भरोसे को सच कर दिखाया है। मुझे इस बात पर गर्व है। आप लोगों ने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है। स्कूलों में ऐसे ऐसे आइडिया को लेकर स्टार्ट अप ग्रुप बना है जिसके बारे में कोई सोच नहीं सकता। झटपट साड़ी बनाने के लिए ग्रुप बना, शुद्ध मसालों के लिए एक ग्रुप बना, वेंडिंग मशीन बनाना, फूलों के वेस्ट से अगरबत्ती बनाना, ऑर्गेनिक घी से लेकर ड्राइवर के लिए ऐसे चश्मे बनाना जिसमे झपकी आने पर अलार्म बज जाएगा, सारे आइडिया अद्भुत हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 600 लोगों ने 11 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया है इन स्टार्ट अप में। ये बड़ी बात है। अगले चरण में 100 ग्रुप आगे जाएंगे और उसके अगले चरण में 10 से 20 ग्रुप फाइनल में पहुंचेंगे। केजरीवाल सरकार ने बेहतरीन आइडिया को आगे ले जाने वाले बच्चों की पढ़ाई के लिए दिल्ली की नामचीन यूनिवर्सिटी में बिना एंट्रेंस एग्जाम के एडमिशन के लिए 400 सीट सुरक्षित रखी है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को शुरु करने के पीछे हमारा दो मकसद था ।एक तो हमारा देश विकासशील देश है। हमें इसको विकसित देश बनाना है। हमने अब तक अपनी शिक्षा से जॉब सीकर्स पैदा किए, जॉब प्रोवाइडर्स नहीं। तो हमारा मकसद है कि हमारे देश में ऐसी कंपनी बने जब दुनिया की बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले बच्चे ये सोचे कि हमें भारत की इस कंपनी का काम करने का अवसर मिले तो बढ़िया रहे। ये समय जब आएगा तभी हम आगे बढ़ेंगे। मुझे उम्मीद है कि इन 1 हजार स्टार्ट अप में से कुछ कंपनी ऐसी कंपनी बनेगी। जो विदेशों के बच्चों को लुभाएंगे। दूसरा मकसद है कि हमारा देश युवा आबादी वाला देश है। लेकिन नौकरी ढूंढ रहे हैं। लेकिन इसको बदलना है। हमें जॉब प्रोवाइडर बनना है। तो इससे बेरोजगारी की समस्या भी खतम होगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश सोने की चिड़िया था लेकिन आज 22 फीसदी लोग 900 रुपए प्रति माह पर गुजारा कर रही है। सोने की चिड़िया के देश को आज ये हालात का सामना करना पड़ रहा है। तो कहीं न कहीं चूक हुई है। हमने कुछ बच्चों को एजुकेशन दी भी तो उनको जॉब सीकर्स बना दिया। उनमें आंत्रप्रेन्योर माइंडसेट नहीं डेवलप किया। आप इस देश को दुबारा सोने की चिड़िया बनाएंगे। स्वाती जी और रितेश जी! इन्हीं बच्चों में बड़ा उद्यमी निकलेगा। थोड़ा इनको हैंड होल्डिंग की जरूरत है। ये बच्चे एक ऐसा देश बनाएंगे जिसका सपना अरविंद केजरीवाल जी ने देखा है।

कालकाजी की एमएलए आतिशी ने शॉर्ट लिस्ट हुए बच्चों को बधाई दी। साथ की कहा कि जो बच्चे शॉर्ट लिस्ट नहीं हुए हैं उन्हें निराश होने की जरुरत नहीं है। उन्होंने इस दौरान बहुत कुछ सीखा है। बिजनेस ब्लास्टर प्रोग्राम ना सिर्फ बच्चों के भविष्य के लिए बल्कि देश के भविष्य को भी उज्ज्वल बनाएगा। आज तकनीक के इस युग में हर रिसर्च सहज उपलब्ध है लेकिन पहले ऐसा नहीं था। पहले एक एक चीज के लिए लाइब्रेरी की खाक छाननी पड़ती थी आज गूगल पर सर्च कर लीजिए सभी चीजें आसानी से मिल जायेगी। उन्होंने कहा कि आप लोग अपने प्रोजेक्ट पर मन लगा कर काम कीजिये। आप पर पूरे देश की निगाहें हैं।

‘इनोवेट को-वर्किंग’ के रितेश मलिक ने रितेश मलिक ने कहा कि दुनिया में जितने बड़े उद्यमी हैं उनमें 100 में से 77 लोग पहली बार उद्यमी थे। और इनमें से अधिकतम वो लोग थे जिन्होंने कभी कॉलेज का गेट तक नहीं देखा। आज जरूरी है कि खुद पर भरोसा करें। आज किसी भी चीज से ज्यादा जरूरी है बच्चे में आंत्रप्रेन्यूरशिप कोशेंट का होना। आज इससे फर्क नहीं पड़ता कि
आप कहां से आते हैं। रंग से फर्क नहीं पड़ता। अंग्रेजी जानना जरुरी नहीं है सफल होने के लिए। हम कहीं से भी आते हैं कौन हैं ये जरूरी नहीं है। सफल होने के लिए जरूरी है तीन बाते।
ध्यान से आप चीजों को ऑब्जर्व करना जरुरी है। जहां कमी है अगर आप उसको पहचान लिए तो जबरदस्त काम होगा। हमने ऐसे ही एक आइडिया पर काम करना शुरु किया। और 4 से 5 हजार रुपए किराए में लोगों को देश के 45 शहरों में प्राइम लोकेशन पर ऑफिस उपलब्ध कराए। आज मेरे अकाउंट में 250 करोड़ है। क्योंकि मैंने एक सपना देखा और एक आइडिया पर काम किया। साथ ही जरूरी है कि आपका प्रोडक्ट डायनेमिक हो। साथ ही इनोवेशन पर काम करना है। दूसरा, बोल्डनेस जरूरी है। आइडिया आपके पास है तो आप कुछ भी कर सकते हैं। आपके अंदर रिस्क लेने और बड़ा सोचने का माद्दा होना चाहिए। तीसरा, पैशन जरुरी है। जब आइडिया मिल जाए तो उसे बोल्डनेस और पैशन के साथ करना शुरु कीजिए।

रितेश मलिक ने कहा कि कोई आइडिया तब और भी सफल होता है जब आप उसके साथ कोई सामाजिक दायित्व जोड़ देते हैं। तो वो आइडिया और बड़ा हो जाता है। उन्होंने बच्चों को Alchemist बनने का भी मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि किताबें पढ़िए। खुद पर भरोसा कीजिए, विनम्र बनिए, उत्साह के साथ काम कीजिए, सपना देखिए, नवाचार और अपने सपने को पूरा करने के लिए रणनीति पर काम कीजिए। साथ ही नए लोगों से मिलते रहिए।

स्वाति भार्गव ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि लंदन से देश वापस लौटे लेकिन यहां आने के बाद यहां किसी को नहीं जानते थे। तो सबको अप्रोच करना शुरु किया। हमने ‘कैश करो ऐप’ बनाई। उससे सभी ऑनलाइन शॉपिंग एप को जोड़ा। अगर आप अमेजन से या किसी ऑनलाइन पोर्टल से खरीदकारी करते हैं तो आपको कैशबैक मिलता है। अब तक हम लोग 450 करोड़ रुपए कैश बैक बांट चुके हैं। उन्होंने बच्चों को बिजनेस के लिए फंड इकट्ठा करने के गुर सिखाए। बिजनेस को जल्दी से ग्रो कैसे करेंगे उसके बारे में टीप दिए। उन्होंने कहा कि टीम वर्क बहुत जरूरी होता है। इसलिए अकेले काम करने से ज्यादा जरूरी है कि आप एक ऐसी टीम बनाएं जो हर तरह से काम कर सके। तभी एक कंपनी और बिजनेस आइडिया सफल हो सकता है।

पिछले 3 महीनों से दिल्ली के सरकती स्कूलों में बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोजेक्ट चल रहा है। इस प्रोजेक्ट में लगभग 3 लाख छात्रों ने भाग लिया, 50 हजार आइडिया के साथ नए स्टार्टअप बने जिनको सरकार ने 60 करोड़ की सीड मनी दी। बिजनेस ब्लास्टर का पहला राउंड खत्म हो चुका है। 50 हजार स्टार्टसअप में से राउंड 2 के लिए जोन स्तर पर बनाए गए पैनल द्वारा 1000 टीम को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन 1000 टीमों को कोच सौंपे जाएंगे जो उनका मार्गदर्शन करेंगे और इन टीमों को ईएमसी केंद्रीय टीम द्वारा सहायता सामग्री/सामग्री भी प्रदान की जाएगी। अगले एक महीने तक अपने कोच के साथ उनके विचारों पर काम करने के बाद, शीर्ष 100 स्टार्टसप को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिन्हें एक्सपो स्टाइल एंटरप्रेन्योरशिप कार्निवल में भाग लेने और देश भर के निवेशकों और उद्यमियों से मिलने का मौका मिलेगा। अंतिम दौर के लिए शीर्ष 10-20 टीमों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिन्हें निवेशकों से अपने स्टार्टअप के लिए धन जुटाने और डीटीयू, एनएसयूटी और आईजीडीटीयूडब्ल्यू जैसे विश्वविद्यालयों में सीधे प्रवेश प्राप्त करने के लिए मिलेगा।

ShareShare on Google+0Pin on Pinterest0Share on LinkedIn0Share on Reddit0Share on TumblrTweet about this on Twitter0Share on Facebook0Print this pageEmail this to someone

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*


You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>