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कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के निर्देश पर डीसीपीसीर व राजस्व विभाग ने नबी करीम से पीरागढ़ी में बच्चों को शिफ्ट कराया

कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के निर्देश पर डीसीपीसीर व राजस्व विभाग ने नबी करीम से पीरागढ़ी में बच्चों को शिफ्ट कराया

महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने नबीकरीम इलाके में स्थित एक आश्रय गृह की बिल्डिंग में कोविड-19 पॉजिटिव का एक केस मिलने पर ऐहतियात के तौर पर आश्रय गृह में रह रहे बच्चों को पीरागढ़ी इलाके में स्थित दूसरे आश्रय गृह में शिफ्ट करा दिया है। वहां बच्चों को पानी की भी दिक्कत हो रही थी। जेएसी सोसायटी के निदेशक से मिली एक शिकायत पर यह कार्रवाई की गई।

दरअसल, महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने जेएसी सोसाइटी के निदेशक विश्वजीत घोषाल से एक शिकायत प्राप्त की। घोषाल ने कहा था कि नबीकरीम इलाके में स्थित उनके एक आश्रय गृह की बिल्डिंग में कोविड-19 पॉजिटिव एक केस पाया गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि पानी की अनापूर्ति की वजह से बच्चों को कई कठिनायों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते उन्हें दूसरे स्थान पर शिफ्ट कराना जरूरी है। यह इलाका अप्रैल 2020 से कंटेन्मेंट जोन घोषित है।

कोरोना महामारी जैसे इस वैश्विक आपातकाल में कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग को निर्देश दिया कि वह तुरंत बच्चों को पीरागढ़ी स्थित दूसरे आश्रय गृह में शिफ्ट करने की व्यवस्था करें।

जेएसी सोसाइटी के निदेशक विश्वजीत घोषाल ने व्यक्तिगत रूप से मामले में त्वरित कार्यवाही करने के लिए मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को धन्यवाद दिया है।

उन्होंने लिखा, “हम आपका आभार व्यक्त करना चाहते हैं कि आपने हमारी शिकायत मिलने के तुरंत बाद संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की, जिसकी वजह से हमारे शेल्टर होम के बच्चों को नबीकरीम से पीरगढ़ी आश्रय गृह में स्थानांतरित करना संभव हो सका।

कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने कहा कि नबी करीम इलाका कंटेन्मेंट जोन घोषित होने की वजह से यहां रहने वाले बच्चों के लिए काफी संवेदनशील था, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ी थी। ऐसे आपातकालीन स्थिति में हमने जिला मजिस्ट्रेट और अन्य स्थानीय निकायों की मदद से दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा समय पर बच्चों को शिफ्ट कराया है। बच्चों की सेहत का ख्याल रखना हमारे लिए सबसे ज़्यादा महत्पूर्ण है। इसके लिए दिल्ली सरकार सभी कदम उठाने के लिए तैयार है।

राजेंद्र पाल गौतम ने इस शिकायत को मात्र 10 घंटे के अंदर सुलझाया और यह साबित कर दिया कि दिल्ली सरकार इस महामारी के दौर में गवर्नेंस की एक नई मिसाल कायम कर रही है।

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