December 2, 2022

कॉलरी प्रबंधन की कार्यप्रणाली से लाखों परिवार परेशान

अनूपपुर। राजेश पयासी/ माननीय उच्च न्यायालय ने कॉलरी प्रबंधन को आदेश दिया है कि कॉलरी के कॉलोनियों में जो अवैध अतिक्रमण किए हैं उन्हें स्थानीय एवं जिला प्रशासन के सहयोग से खाली कराया जाये। इस आदेश को हाथ लगते ही एसईसीएल एवं कॉलरी प्रबंधन के अधिकारी-कर्मचारियों का रूवाब आसमान पर चढ़ गया है और कॉलरी प्रबंधन ने अपना पूरा काम छोड़कर सिर्फ लोगों का आशियाना उजाड़कर अतिक्रमण मुक्त कराने में लगा हुआ है। बताया गया है कि व्यक्तिगत विवाद में एक व्यक्ति ने माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में जनहित चायिका प्रस्तुत किया था। इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने कोल माइन्स प्रबंधन राजनगर उपक्षेत्र को लीज की भूमि पर अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर कार्यवाही करने का आदेश पारित किया। इस आदेश से कॉलरी प्रबंधन ने उमरिया, अनूपपुर, शहडोल जिले की सभी कॉलोनियों से अतिक्रमण हटाने का मुहिम छेड़ दिया है। जिससे संभाग के लगभग १ लाख लोग बेरोजगार एवं बेघर हो जाएंगे। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जिले के राजनगर, रामनगर, डोला, बनगवां, डूमरकछार, न्यूडोला के व्यापारी एवं रहवासियों ने भाजपा जिलाध्यक्ष रामदास पुरी, नगर पालिका कोतमा अध्यक्ष राजेश सोनी, जिला महामंत्री आधाराम वैश्य, पूर्व महामंत्री बृजमोहन सिंह की अगुवाई में कल १३ सितंबर २०१४ को कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर पहुंचकर कलेक्टर के नाम एडीएम मूलचंद्र वर्मा, तहसीलदार महेश अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि

माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष कोल माइंस प्रबंधन राजनगर ने गलत तथ्य तथा जानकारी प्रस्तुत किया कि इस भूमि पर राष्ट्रीकरण के पूर्व से आवास बने हैं जानकारी नहीं दी। कुछ कोल माइंस कर्मचारी तथा अन्य लोग ७० वर्ष पहले से ही आवास बनाकर रह रहें हैं यह जानकारी नहीं दी गई।

एैसे हुई क्षेत्र में बसाहट

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि राजनगर उपक्षेत्र ग्राम पंचायत बनगवां में निर्मित सभी आवास वन भूमि, राजस्व भूमि, निजी भूमि तथा कॉलरी द्वारा लीज पर ली गई बिना उपरी तल अधिकार के भूमि पर बने है। राष्ट्रीकरण के पूर्व तथा राष्ट्रीकराण के बाद कोयला प्रबंधकों ने इस निजी आवास मालिकों में कई लोगों के मकान बनाने बिजली कनेक्शन देने पानी कनेक्शन देने की अनुमति देकर निवास आवास बनाने की सुविधा प्रदान किया।

कॉलरी प्रबंधन ने सही तथ्य को छिपाया

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि कोल माइंस प्रबंधन ने कई शासकीय विद्यालयों, अशासकीय विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं को विद्यालय कार्यालय बनाने की अनुमति प्रदान किया तथा वित्तीय व्यवस्था भी किया। कोयला प्रबंधन ने इन भूमियों पर निजी मकान बनाने वालों के विस्थापन की स्थिति में पुर्नवास करने की जानकारी माननीय न्यायालय को नहीं दिया।

लाखों परिवार होगा प्रभावित

ज्ञापन में उल्लेख है कि कॉलरी प्रबंधन ने सही जानकारी से माननीय उच्च न्यायालय को अवगत नहीं कराया गया जिसके कारण लाखों आवादी वाले इस क्षेत्र के निवासियों के बेघर होने की दुर्भाग्य पूर्ण स्थिति पैदा हो गई है। कोलमाइंस के रवैया के कारण उत्पन्न स्थिति से जनमानस में भारी रोस है।
होगा अनिश्चित कालीन अनशन
ज्ञापन में उल्लेख है कि क्षेत्र की जनता अपनी कई मांगों को लेकर दिनांक १५ सितंबर से अनिश्चित कालीन क्रमिक अनशन राजनगर के ह्दय स्थल भगत सिंह चौक राजनगर में प्रारंभ करने जा रही है। इस क्षेत्र के नागरिक गण अपनी पांच सूत्रीय मांगों के मद्देनजर बाध्य होकर अपनी मांगों के निराकरण कराने हेतु दिनांक १५/०९/२०१४ से अनिश्चित कालीन क्रमिक अनशन प्रारंभ कर रहे हैं।
संघर्ष समिति की यह है मांगें
कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में संघर्ष समिति द्वारा यह मांगें रखी गई है। कोल माइंस की अनुपयोगी तथा बिना सर्फेस राइट भूमि का हस्तानांतरण राज्य शासन को अति शीघ्र कराया जाये। वर्षो से निवासरत नागरिकों को स्थायी रूप से निवास करने का आदेश पारित किया जाये। ग्राम पंचायत बनगवां में वर्षो से निवासरत निवासियों के भूमि का पट्टा प्रदान कराया जाये। ग्राम पंचायत बनगवां की भूमि का ठीक प्रकार से सीमांकन कराया जाये। विस्थापन की स्थिति आने पर पीड़ित परिवारों के पुर्नवास की समुचित व्यवस्था कराया जाये।
अनूपपुर विधायक ने प्रमुख सचिव से ली जानकारी
हसदेव क्षेत्र के सैकड़ो लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के पश्चात जब अनूपपुर विधायक रामलाल रौतेल से मुलाकात कर घटना के बारे में चर्चा किए तो उन्होनें मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव एसके मिश्रा से चर्चा किए। चर्चा के दौरान श्री मिश्रा ने कहा कि अगले सप्ताह में कोल प्रबंधन एवं जिला कलेक्टरों की बैठक बुलाई गई है।

उजड़ जाएंगे हजारों दुकाने

कॉलरी प्रबंधन ने जिस तरह से अपना कार्य प्रणाली व्यक्त कर रहा है उसे देखकर लग रहा है कि जिले के सीमावर्ती क्षेत्र राजनगर, रामनगर, डोला, बनगवां, डूमरकछार के हजारों दुकानें टूट जाएंगे जो विगत ५० वर्षो से दुकान चलाकर अपना परिवार पाल रहे हैं। एैसी कार्यवाही से आखिर कॉलरी प्रबंधन को क्या मिलेगा?
सैकड़ो बैगा परिवार है परेशान
राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में ग्राम पंचायत बनगवां, डोला, रामनगर, राजनगर में लगभग २०० एैसे बैगा परिवार हैं जो अपनी झोपड़ी बनाकर जीवन यापन कर रहे हैं, अगर अंत्योदय अन्य योजना का राशन कार्ड उनके पास न होता तो एक जून की रोटी भी उनके नसीब नहीं थी, एैसे परिवार को भी कॉलरी प्रबंधन उजाड़ने की तैयारी बना रहा है।

कॉलरी प्रबंधन के सह पर हुआ था बसाहट

कॉलरी प्रबंधन के उच्चाधिकारियों ने अपने स्वार्थ को विशेष ध्यान में रखते हुए अतिक्रमणकारियों को खुला संरक्षण दिये थे जिसके चलते वहां लोग अपना घर बनाकर रहने लगे और जीविकोपार्जन के लिए छोटी-मोटी दुकानें खोलकर व्यवसाय से जुट गए। कॉलरी प्रबंधन विगत ७० वर्षो से सड़क, बिजली, पानी की खुली छूट दे रखा और आज उन्ही लोगों का आशियाना उजाड़ने का मन बना रहा है।
पुनर्वास नीति का नहीं हो रहा पालन
कोल इंडिया की सर्वाधिक कोयला उत्पादन वाली कंपनी एसईसीएल के अधिकारी कोयला उत्पादन के लिए ग्रामीण जनता को उजाड़ देते हैं और सत् प्रतिशत पुनर्वास नीति का पालन किए जाने का बकायदा एग्रीमेंट करते हैं फिर जैसे ही उनका स्वार्थ सिद्ध होना शुरू हुआ नहीं की शासन द्वारा बनाई गई पुनर्वास नीति का पालन नहीं करते। उस पुनर्वास नीति को दरकिनार कर घर, खेत, आंगन उजाड़कर कोयला उत्पादन का कार्य शुरू कर देते हैं।

सीएम ने नपा बनाये जाने की किए थे घोषणा

लाखों आवादी वाले क्षेत्र डोला, राजनगर, रामनगर, बनगवां, डूमरकछार को कॉलरी प्रबंधन उजाड़ने का मुहिम चला रहा है वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विगत पांच वर्ष पूर्व कोतमा आगमन के दौरान क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के मांग को ध्यान में रखते हुए बनगवां, डूमरकछार, रामनगर, राजनगर को मिलाकर नगरपालिका बनाये जाने की घोषणा किए थे जिसे आज कॉलरी प्रबंधन उखाड़ फेकने का तैयारी कर रहा है।

शासन की प्रतिष्ठा दांव पर

कॉलरी प्रबंधन ने विगत माह जिले के सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत संजयनगर कॉलोनी को पल भर में उखाड़ फेंका। उस कार्यप्रणाली को देखते हुए हसदेव क्षेत्र, जमुना, कोतमा क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। कॉलरी प्रबंधन की कार्यवाही से बचाने के लिए मध्यप्रदेश शासन के आदिम जाति कल्याण मंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री ज्ञान सिंह, सांसद दलपत सिंह परस्ते, पूर्व मंत्री जयसिंह मरावी, भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल गुप्ता, जिलाध्यक्ष रामदास पुरी, बृजेश गौतम, दिलीप जायसवाल, लवकुश शुक्ला, आधाराम वैश्य, बृजमोहन सिंह सहित अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मांग किए हैं कि जनहित में उचित निर्णय लिया जाये। जिससे लोग बेघर न हो।

ज्ञापन सौंपने में यह रहे शामिल

हसदेव क्षेत्र से जो ज्ञापन सौंपने आए थे उसमें प्रमुख रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष रामदास पुरी, नगर पालिका परिषद कोतमा अध्यक्ष राजेश सोनी, जिला महामंत्री आधाराम वैश्य, बृजमोहन सिंह, गजेन्द्र सिंह सिकरवार, एनआर मलिक, ग्रीजेश श्रीवास्तव, राजेन्द्र त्रिपाठी, आधाराम वैश्य, रामनारायण, रामगोपाल, धमेन्द्र सिंह, रामनारायण ङ्क्षसह, लीलाधर शर्मा, टोनी कालिया, सुनील जैन, अनिल सिंह, कन्हैयालाल, भवरलाल, सूरजप्रकाश, किशोर कुमार मिश्रा, अजय कुमार, नारायण प्रसाद गुप्ता, संतोष सिंह, विकास बोघटा, रामजी जायसवाल, राजेश शर्मा, राधेश्याम, सुनील सिंह, बसंतलाल, सुमन, आनंद सिंह सहित क्षेत्र के सैकड़ो लोग शामिल रहे।

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