December 3, 2022

कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए गिलोय है अमृत

गिलोय बेल के आकार की होती है, इसे संस्कृत में अमृता कहते हैं इसका बॉटनिकल (वनस्पतिक) नाम टीनोस्पोरा कार्डिफ़ फोलिया कहते हैं।,
गिलोय रोग प्रतिरोधक क्षमता को शीघ्र बहुत तेजी से बढ़ाती है ,एवं स्वस्थ व्यक्ति को बीमारियों से दूर रखती है, इसका कारण भरपूर मात्रा में *गिलोय के अंदर एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं*, जो शरीर में एकत्रित हुए विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है, खून को शुद्ध करती है कीटाणुओं से लड़ती हैं, विशेष रुप से लीवर एवं किडनी को सुरक्षित रखती है। खून को साफ करने के काम करती हैं!
बार-बार जिन्हें बुखार आता है उन्हें गिलोय का सेवन करते रहना चाहिए, गिलोय हर प्रकार के बुखार से लड़ने में मदद करती है ,डेंगू के मरीज कोरोना के संक्रमित रोगियों को गिलोय शीघ्र स्वस्थ करती है, मलेरिया स्वाइन फ्लू आदि से भी छुटकारा दिलाती है, *डायबिटीज के रोगियों को गिलोय अमृततुल्य है*।
गिलोय एक हाइपो ग्लाइसेमिक है, यानी खून में शर्करा की मात्रा को कम करती है, इसके सेवन से खून में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है, दूसरे नंबर की डायबिटीज में विशेष लाभकारी है, पाचन शक्ति को बढ़ाती है यह वेल पाचन तंत्र के सारे कामों को भलीभांति संचालित करती है एवं भोजन पचाने में पूर्ण सहयोगी है, इसके सेवन करने से कब्ज एवं पेट की अन्य बीमारियां नहीं होने देती है, मानसिक तनाव को कम करती है, तनाव अर्थात स्ट्रेस एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है, गिलोय मानसिक तनाव और चिंता एंजायटी के स्तर को भी कम करती है, याददाश्त स्मृति बेहतर बनाती है, एवं मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को भी मजबूत करती है एकाग्रता को भी विशेष रूप से बढ़ाने में कार्य करती है।
गिलोय के सेवन से आंखों की रोशनी तेज होती है, गिलोय को आंखों की पलकों के ऊपर लगाने पर आंखों की रोशनी बढ़ती है, इसके लिए आप गिलोय पाउडर को गर्म करें, जब पानी अच्छी तरह ठंडा हो जाए इसे पलकों पर लगाए अस्थमा के रोगियों में भी फायदेमंद है, गिलोय खासकर सर्दियों में अस्थमा के मरीजों को काफी परेशानी होती है, ऐसे में अस्थमा के मरीजों को नियमित रूप से गिलोय की मोटी दंडी चवानी चाहिए, उसका जूस पीना चाहिए, गिलोय से श्वास संबंधी बीमारियां समाप्त होने लगती है, गठिया, अर्थराइटिस, मैं न केवल जोड़ों में दर्द होता है ,बल्कि चलने फिरने में भी परेशानी होती है *गिलोय में एंटी अर्थराइटिक गुण होते हैं* कई अन्य गुणों कारण जोड़ों के दर्द सहित कई लक्षण में फायदा पहुंचाती है,
एनीमिया हिंदुस्तान में अक्सर खून की कमी से पीड़ित महिला एवं पुरुषों की संख्या ज्यादा होती है, इससे उनको थकान एवं कमजोरी महसूस होती है, गिलोय के सेवन से शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की संख्या बढ़ जाती है, पर एनीमिया से छुटकारा मिलने लग जाता है,
गिलोय शरीर के उपापचय मेटाबॉलिज्म को ठीक करती है, सूजन को कम करती है, पाचन शक्ति को बढ़ाती है, एवं पेट की चर्बी को जमा नहीं होने देती है, मोटापा भी कम हो जाता है,
पुरुषों को जवान रखती है। क्योंकि गिलोय में एंटी एजिंग विशेष गुण होते हैं, चेहरे पर काले धब्बे मुंहासे मुंह पर झुर्रियां नहीं होने देता है, बालों की समस्या शंभी दूर होती है बालों में डैंड्रफ बाल झड़ने लगते हैं, सिर की त्वचा अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, गिलोय का सेवन सभी समस्याओं को दूर कर देता है गिलोय को लेने के तरीके जूस के रूप में गिलोय की डंडियों को छील ले, पानी मिलाकर मिक्सी में अच्छी तरह पीस लें, छानकर सुबह खाली पेट पीना है,
6 इंच लंबी गिलोय की डंडी को छोटे-छोटे टुकड़े काट लें, इन टुकड़ों को एक कप पानी में उबालें आधा पानी रह जाए तब छानकर पी लें आप इसमें लोंग, अदरक, तुलसी, एवं दालचीनी, भी डाल सकते है गिलोय पाउडर गिलोय बनाने के लिए डंडियों को धूप में सुखा लें, अच्छी तरह सूख जाए तो मिक्सी में पीसकर इसका पाउडर बना लें गिलोय की गोली अभी बाजार में उपलब्ध हैं यदि ताजा गिलोय उपलब्ध नहीं है तो आप गिलोय की गोलियां ले सकते हैं, *गिलोय आयुर्वेद की अमृत औषधि है। गिलोय आयुर्वेद की सबसे महत्वपूर्ण औषधि है* जो शरीर के सभी रोगों में लाभदायक है

डॉ घनश्याम व्यास
पूर्व अतिरिक्त निदेशक आयुर्वेद

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