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कोरोना : लॉक डाउन : गऊशाला में गऊओं को चारा भी नसीब नहीं

कोरोना : लॉक डाउन : गऊशाला में गऊओं को चारा भी नसीब नहीं

जहाँ कोरोना के कहर से पूरे देश म लॉक डाउन है। सरकार द्वारा भी जरूरतमंद लोगों के लिए रहने, खाने का बंदोबस्त किया जा रहा है। लेकिन इन गम्भीर परिस्थितियों में किसी का भी ध्यान पशुओं की ओर नही गया है । लोगो से अपील तो की जा रही है कि वो अपने आस पास गलियों सड़को पर घूम रहे पशुओं को खाना दे साथ ही पक्षियों के लिए दाना पानी का बंदोबस्त करे। जिससे कोई भी भूखा ना रहे।

लेकिन अपनी परेशानियों से परेशान लोग इस ओर खास ध्यान नही दे पा रहे है।

हमारे देश मे गऊ को माता समान पूजा जाता है। जहाँ हर ओर सामाजिक संस्थाओं द्वारा लंगर लगा लोगो को भोजन कराया जा रहा है वही देश मे पूजे जाने वाली गऊ माता की ओर इन गम्भीर परिस्थितियों में इस ओर किसी का ध्यान नही जा रहा है।

जी हां हम बात कर रहे दिल्ली के किशन गंज स्थित गऊशाला की , जहां सैकड़ो की संख्या में गाय है , लेकिन इस वक्त काफी समय से है भूखी प्यासी ? दिल्ली के किशन गंज क्षेत्र दिल्ली पिंजरापोल सोसायटी द्वारा इस गऊशाला का संचालन किया जा रहा, इसी संस्था की जिम्मेदारी है कि कोई गऊ भूखी ना रहे । लेकिन गउओं की हालत आपके सामने है ? लॉक डाउन के चलते लोगो का गौशाला में ना आना भी एक वजह है ? यही वजह है कि यहां गौशाला में इन्हें ठीक से चारा तक नसीब नहीं हो हो तो रहा है।
ऐसे में हम सभी सामाजिक संस्थाओं से अपील करते है कि इन गौशालाओ में भी पशु चारा व पानी की व्यवस्था करे जिससे ये भूखी प्यासी ना रह सके साथ ही हमे सड़को गलियों में अन्य पशुओं की ओर भी ध्यान देने की आवश्यक्ता है। आखिर जीवन जीने का अधिकार सभी का है।

बड़ा सवाल ?

चारा भी है, चारे की कोई कमी नही है ??? टेबल पर 10, 20, 50,100 और 200 कि पर्ची भी सजी है ? ट्रस्ट भी है लेकिन संस्था को पर्ची कटाकर दानियों के आने का इंतज़ार है ? यानी पैसों की पर्ची कटेगी तब गउओं को चारा नसीब होगा ? ऐसे में इस ट्रस्ट की क्या जिम्मेदारी है ??

क्राइम हिलोरे न्यूज़ के लिए मणि आर्य की खास रिपोर्ट।

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