November 26, 2022

गैंग रेप, धर्मान्तरण या फिर कुछ और ?

फिर वही हुआ उ0प्र0 की छवि मिट्टी में मिलाने को सदैव तत्पर प्रदेश की पुलिस ने एक बार पुनः प्रदेश क्या सारे देश में भूचाल खड़ा कर दिया। नतीजा लापरवाही में खरखौंदा थानाध्यक्ष महोदय को लाईन हाजिर कर दिया गया। जैसा कि हमेशा होता है खाना पूरी करने के लिए पुलिस ने ग्राम प्रधान व एक महिला को गिरफ्तार कर लिया।

मामला 3 अगस्त का मेरठ जिले के खरखौंदा क्षेत्र के एक गांव सरावां का है। गांव में एक युवती का समुदाय विशेषकर (मुसलमानों) ने अपहरण कर लिया और लगभग दस दिनों के बाद मुजफ्फरनगर के एक शिक्षण संस्थान से छूटकर उक्त युवती छूटकर/भागकर अपने गांव पहुँच कर सनसनीखेज खुलासा किया। युवती ने अपने घर वालों को बताया कि उसके साथ गैंगरेप के बाद उसका जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया गया। युवती ने पेट में आपरेशन के निशान से किडनी निकालने की भी आशंका बताई। घटना को साम्प्रदायिक रंग देने में कोई भी अवसर न चूकने वाली भाजपा पार्टी के नेताओं ने युवती के परिजनों के साथ रविवार को ही लगभग 10 बजे प्रातः थाना खरखौंदा पहुँच गए और जमकर हंगामा किया। परिजन पीडि़ता को लेकर थाना खरखौंदा पहुँचे और थानाध्यक्ष को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। आरोपियों का नाम बताने के बावजूद थानाध्यक्ष ने कोई कार्यवाही नहीं की। जैसा कि थानों पर आमतौर पर होता है। हंगामे के दौरान लगभग 2 बजे के बाद ही रिपोर्ट दर्ज हुई। हंगामे के लगभग 4 घंटे बाद एक मदरसे के हाफिज और ग्राम प्रधान समेत नौ लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में आला अधिकारियों की मौजूदगी में रिपोर्ट लिखी गई। युवती के पिता की ओर से दर्ज रिपोर्ट में कहा गया कि 23 जुलाई को एक मदरसे के हाफिज सनाउल्ला और ग्राम प्रधान नवाब ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया तथा हापुड़ स्थित एक शिक्षण संस्थान में ले जाकर उससे गैंगरेप किया गया और जोर जबरजस्ती से उसका धर्मान्तरण भी करा दिया गया। युवती को पीटा गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके अतिरिक्त उक्त युवती ने पुलिस को बताया कि उसे हापुड़ के अलावा गढ़मुक्तेश्वर के गांव दौताई और फिर मुजफ्फरनगर तथा देवबंद में उसे बंधक बनाकर रखा गया, जहां पर उसे बेहोश रखने के लिए नशे का इंजेक्शन लगाया जाता था। पीडि़त युवती ने यह भी बताया कि उस शिक्षण संस्थान में उसकी जैसी लगभग 40-50 और भी युवतियां थीं उनकी भी ऐसी हालत कर उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है। सभी को एक एक कर सऊदी अरब में बेचने की तैयारी है। युवती के अनुसार उस शिक्षण संस्थान मे निर्माण कार्य चल रहा है। रविवार तड़के वह मौका पाकर वहां से फरार हो गई और बस से भैंसाली बस अड्डा पहुँचकर किसी राहगीर से मोबाइल फोन लेकर परिजनों को पूरा प्रकरण बताया।
मदरसे मे बंधक बनाकर धर्म परिवर्तन और सामूहिक दुष्कर्म की खबर को लेकर क्षेत्र में तनाव बढ़ता गया। इसके विरोध में भाजपाईयों ने धरना प्रदर्शन भी शुरू कर दिया साथ ही साथ खरखौंदा में महापंचायत की घोषणा भी हो गई। मंगलवार को गैंगरेप के बाद धर्म परिवर्तन का मामला लोकसभा में भी गूंजा। उस मामले को भाजपा सांसद ने उठाते हुए सी0बी0आई0 जांच की भी मांग की। मामले को तूल पकड़ता देख केन्द्र सरकार ने उ0प्र0 सरकार से इस कथित मामले में जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा। गैंगरेप और जबरन धर्म परिवर्तन पर राज्य महिला आयोग भी सक्रिय हो गया और बलात्कार के बाद धर्म परिवर्तन के मामले को आयोग ने सही पाया। आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी का कहना है कि पीडि़त लड़की ने अपना बयान दिया है, ‘‘लड़की का कहना है कि बलात्कार के बाद आरोपियों ने उसका धर्म परिवर्तन भी किया।’’ बृहस्पतिवार को ही जरीना उस्मानी ने कहा कि बलात्कार की बात पहले ही सामने आ चुकी है। धर्म परिवर्तन के लिए एफिडेविट तैयार करने वाले दो लोगों की गिरफ्तारी कर ली गई है। अभी भी एक आरोपी पकड़ से बाहर है। बृहस्पितिवार को ही एस0एस0पी0, एन0एन0 सिंह ने यह सच स्वीकार किया कि इसी मदरसे से दूसरी जगह ले जाने के दौरान ही युवती भागने में कामयाब हुई।

पूरे राष्ट्र को हिलाकर रख देने और राजनीति में तूफान खड़ा करने वाले गैंगरेप व धर्मान्तरण प्रकरण में शनिवार को नया मोड़ आ गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार गैंगरेप का दावा करने वाली युवती के साथ कभी रेप हुआ ही नहीं। वह अपनी मर्जी से कलीम नामक व्यक्ति के साथ गई थी। युवती का आपरेशन भी उसकी अपनी इच्छा पर हुआ था। पुलिस के अनुसार उक्त युवती का कलीम से प्रेम सम्बन्ध था और उसी के साथ वह अपनी इच्छा से गई थी। एस0एस0पी0 मेरठ, ओंकार सिंह के अनुसार ‘‘युवती के चार बयान सामने आये है। भा0द0स0 की धारा 164 के अन्तर्गत बयान के अनुसार कलीम नामक व्यक्ति ने अल्ट्रासाउण्ड सेन्टर में जाकर युवती की जांच कराई और वह गर्भवती थी। वहां शायद पैसों की कमी के कारण आपरेशन नहीं कराया गया, फिर मेरठ मेडिकल कालेज में आपरेशन कराया गया। 23 जुलाई को कलीम और उक्त युवती ने अपने को पति पत्नी के रूप में दर्शाया और अपनी इच्छा से पेपर पर हस्ताक्षर भी किये।’’ प्रकरण/वाकये के बाद पूरे क्षेत्र में भगवाधारी संगठनों ने जमकर हंगामा किया।

गैंगरेप व धर्मान्तरण के प्रकरण में कथित युवती का अपहरण नही हुआ था क्योंकि जिस दौरान उसके अपहरण की बात कही जा रही थी उस समय वह मेरठ मेडिकल कालेज में भर्ती थी। इस बात की तस्दीक मेडिकल कालेज के चिकित्सकों से तथा युवती के बयान से हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार यह तथ्य राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में भी दर्ज है। सरकारी सूत्रों के अनुसार ‘‘युवती के पिता ने पहले 31 जुलाई को गुमशुदगी की सूचना दी थी जिसमें कहा गया था कि उनकी बेटी 29 जुलाई से लापता है। राज्य गृह सचिव के अनुसार युवती के पिता ने इसके बाद तीन अगस्त को मुकदमा दर्ज कराया कि उनकी बेटी 23 जुलाई से लापता है। इसमें अपहरण की आशंका जताई गई है।’’
गृह सचिव के अनुसार ‘‘युवती ने अपने बयान में कहा कि वह कलीम नामक व्यक्ति के साथ 23 जुलाई को मेरठ मेडिकल कालेज में भर्ती हुई थी जहां उसका आपरेशन हुआ और वह कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रही और जांच पड़ताल में सामने आया है कि युवती गलत नाम से उलघन गांव खरखौंदा निवासी कलीम की पत्नी बनकर अस्पताल में दाखिल हुई थी, जिसको पीडि़त युवती ने भी स्वीकार किया है।’’ गृह सचिव ने यह भी कहा कि ‘‘पीडि़त युवती ने अपने बयान में कहा कि उसका धर्म परिवर्तन नही किया गया है। जबकि पीडि़ता के घर वालों ने कहा कि आरोपियों ने इसके धर्म परिवर्तन के लिए हलफनामा लिया था लेकिन पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि उससे किसी प्रकार को कोई हलफनामा नहीं लिया गया।’’- सूत्रों के अनुसार युवती के धर्मान्तरण से सम्बन्धित शपथ पत्र तैयार कराने में हेराफेरी की गई है। शपथपत्र में युवती के स्थान पर किसी दूसरी ल़ड़की के हस्ताक्षर कराये गए थे। इसके दो गवाह भी बने थे, जिन्हें बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही साथ युवती को कोई अंग भी चोरी नही हुआ।

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार 8 अगस्त शुक्रवार को गैंगरेप व धर्मान्तरण के बारे में राज्य सरकार ने केन्द्रीय मंत्रालय को एक रिपोर्ट भेज दी है। चार पन्नों की रिपोर्ट में पीडि़ता की शिकायत पर प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से लिखा गया है। रिपोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष महिला के बयानों को भी उल्लिखित किया गया है। दूसरी ओर गैंगरेप व धर्मान्तरण प्रकरण की सी0बी0आई0 जांच हेतु इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ में एक याचिका दायर की गई है।

गैंगरेप और धर्मान्तरण मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पीडि़त युवती को 29 जून को गांव का सनाउल्ला अपनी पत्नी के साथ मिलकर ग्राम प्रधान नवाब की मदद से बुर्का पहनाकर बाईक से उठा ले गए। वहां से लेकर युवती को हापुड़ के मदरसे में रखा गया। इसके पश्चात् गढ़ के दतोई स्थित मदरसे में ले जाकर नशीला पदार्थ खिलाकर चार लोगों के द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इसके बाद मदरसे में रखकर बहला फुसला कर धर्म परिवर्तन करा दिया गया और धर्म परिवर्तन हेतु जो शपथपत्र तैयार किया उस पर जन्नत बुशरा नाम से हस्ताक्षर भी उन्होंने खुद ही कर दिए। उसके बाद पीडि़त युवती घर लौट आई। आठ जुलाई को हालत बिगड़ने पर सनाउल्ला को मामले की जानकारी दी। सनाउल्ला 23 जुलाई को वहां से पहले मेरठ ले गया जहां एक अस्पताल में अल्ट्रासाउण्ड कराया गया जिसमें गर्भाशय की फेलोपियन ट्यूब में गर्भधारण होने के कारण मुजफ्फरनगर ले गए वहां आपरेशन कराने के बाद मुस्तफा कालोनी स्थित एक मदरसे में रखा गया। जहां पर वहां से बाहर भेजने की तैयार चल रही थी। युवती इसी डर से घबरा गई और वहां से भाग आई। इसी जानकारी के ठीक दो दिन बाद अर्थात 9 अगस्त को प्राप्त जानकारी के अनुसार पीडि़त युवती ने दावा किया कि 23 जुलाई से दो अगस्त के बीच उसके साथ गैंगरेप हुआ और जबरजस्ती इस्लाम धर्म कुबूल करवाया गया। इससे पूर्व 29 जून को हापुड़ के सरावा गांव से कोसों दूर एक खेत में उसके साथ बलात्कार किया गया।
गैंगरेप व धर्म परिवर्तन मामला पुलिस अफसरों के बयानों से उलझ गया है। अफसरों के बयानों में ही मतभेद है। सोमवार को ए0डी0जी0 कानून व्यवस्था मुकुल गोयल ने कहा कि युवती का धर्म परिवर्तन तो हुआ है लेकिन रेप नहीं जबकि मंगलवार को डी0आई0जी0 रेंज सत्यनारायण ने जानकारी दी कि धर्म परिवर्तन के साथ गैंगरेप भी हुआ है। खासबात यह है कि पीडि़ता ने स्वयं अपने मेडिकल के दौरान दुष्कर्म होने की बात कही थी। पीडि़ता के अनुसार घटना वाले दिन दोपहर दो बजे उसे हापुड़ कालेज से आते समय हाफिज जी ने धोखे से गाड़ी में बैठा लिया था। गाड़ी में एक लड़का और था। फिर उसे खेत में ले जाकर कुछ सुंघाने के बाद उससे बलात्कार किया गया। फिर शाम करीब 5 बजे तहसील के पास छोड़ दिया गया। लेकिन यहां पर दिन और तारीख का जिक्र नही किया गया।
गैंगरेप और जबरन धर्मांतरण मामले के कथित मास्टर माइंड और पांच हजार रूपये के इनामी सनाउल्ला को पुलिस ने बुधवार 13 अगस्त को दोपहर लगभग 1.30 बजे सोहराब गेट बस स्टैण्ड के पास से गिरफ्तार कर लिया है। सनाउल्ला पर आरोप है कि उसने ही युवती के रहने के इंतेजाम कराये थे और मेरठ में उसके आपरेशन से लेकर धर्म परिवर्तन तक में अहम भूमिका थी। सना उल्ला के सम्बन्ध में जानकारी हुई है कि वह हार्ट का पेंशेंट है और इसी बीमारी के कारण वह 28 जून से एक जुलाई तक नई दिल्ली के लोकनायक अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती हुआ था। ऐसे में उसके खिलाफ 29 जून को युवती का अपहरण कर दुष्कर्म करने के साक्ष्य नहीं मिले जबकि धर्म परिवर्तन का शपथपत्र बनवाने और हापुड़ और मुजफ्फरनगर ले जाने का आरोपी माना गया है।
प्रकरण में अब तक की जांच में गैंग रेप व धर्म परिवर्तन रहस्य बना हुआ है। पुलिस के अनुसार युवती का न तो गैंगरेप हुआ है और न ही धर्म परिवर्तन जबकि गाजियाबाद अस्पताल से वापसी के बाद युवती अपने पूर्व बयान पर अड़ी है कि इसका जबरन धर्म परिवर्तन किया गया है जिसका मास्टर माइन्ड सना उल्ला है और कलीम इसमें बेकुसूर है और वह इसका दोस्त है। एस0एस0पी0 ने पूरा मामला कलीम और शालू तक सीमित कर दिया है, जबकि कलीम के पिता ने भी अपने बेटे के किसी प्रेम प्रसंग से इन्कार करते हुए कलीम की गिरफ्तारी पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा मामला होने के बावजूद कलीम घर पर ही था, वहीं दूसरी ओर रंजीत होटल के मालिक रंजीत का भी कहना है कि हमारे होटल में कलीम और कथित युवती कभी नहीं ठहरें हैं। पुलिस मनगढ़न्त कहानी बना रही है। हमारे रिकार्ड में भी इनका कोई उल्लेख/जिक्र नहीं है। कलीम को हमारे होटल क्यों लाया गया इसकी कोई जानकारी नहीं है।

सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, ऐसे में देखना होगा कि पुलिस अब जांच किस तरह करती है और इस केस को अदालत में किस तरह से पेश करती है। सी0बी0आई0 जांच की भी मांग की जा रही है। देखिए ऊंट किस करवट बैठता है। हालांकि 16 जुलाई को हुए मोहनलाल गंज रेप हत्याकांड में सी.बी.आई. जांच की केन्द्र द्वारा संस्तुति 14 अगस्त तक नही प्राप्त हो पाई। दूसरी ओर प्रदेश के ही बदायूं बलात्कार कांड में वही शक के घेरे में है जिनकी मांग पर सी.बी.आई. जांच हुई है और डी.एन.ए. रिपोर्ट के अनुसार उनके साथ बलात्कार हुआ ही नहीं। वैसे भी केन्द्र की राष्ट्रीय सरकार के सहयोगी रेप के आरोपी अधिकारी के बचाव करते नजर आते हैं।

पिछले दिनों प्रदेश में तीन घटनाऐं ऐसी हुई जिनमें मीडिया विशेषकर इलेक्ट्रानिक मीडिया ने खूब उछाला और भगवा संगठन ने तो आसमान सर पर उठा लिया लेकिन इन तीनों घटनाओं की हवा निकल गई। बदायँ शहर का हत्या एवं बलात्कार का मामला काफी चर्चित रहा जिसमें दो सगी बहनों से सामूहिक बलात्मार के बाद उन्हें पेड़ से लटकाकर हत्या करने का आरोप है। इस केस में पांचों आरोपियों को लाई डिटेक्टर टेस्ट में सी0बी0आई0 ने क्लीन चिट दे दी और मृत लड़कियों के कपड़े की डी0एन0ए0 जांच में दुष्कर्म की आशंका को सिरे से खारिज भी किया गया है। दूसरा मामला मुजफ्फरनगर के गैंग रेप व जबरन धर्म परिवर्तन का है जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के हस्तक्षेप पर भा0द0वि0 की धारा 164 के तहत पीडि़ता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज होने के बाद पुलिस ने कथित अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला बंद कर दिया। तीसरा मामला मेरठ गैंग रेप व जबरन धर्म परिवर्तन का है जो आपके सामने है। अब आप स्वयं ही अन्दाजा लगाए क्या सही है और क्या गलत, क्योंकि गैंग रेप के बाद धर्म परिवर्तन की बात गले से नीचे नही उतरती।

इन तथ्यों के बाद यह साबित होता है कि राजनीतिक पार्टियां खासकर भगवा संगठन और मीडिया प्रदेश की सरकार को बदनाम करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे है। जिन लोगों ने इन मामलों में प्रदेश का माहौल खराब किया है उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही होना चाहिए और अब देश और प्रदेश का माहौल खराब करने वाले मुंह छिपाए फिर रहे है। यदि माहौल खराब करने में मुसलमानों का हाथ होता तो प्रदेश की जाबांज और बहादुर पुलिस मुसलमानों का घर तक खोद डालती।

अली इशरत

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