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जाट आरक्षण आंदोलन: हरियाणा हिंसा पर राजनाथ के घर बैठक, खट्टर ने कहा-सरकार सभी मांगें मानने को तैयार

जाट आरक्षण आंदोलन: हरियाणा हिंसा पर राजनाथ के घर बैठक, खट्टर ने कहा-सरकार सभी मांगें मानने को तैयार

हरियाणा में जाट आंदोलन के हिंसक एवं उग्र हो जाने के बाद शनिवार शाम गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर बैठक हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल शामिल हुए। इस बीच, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने राज्य के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों की सभी मांगें मानने को तैयार है। खट्टर ने कहा कि लोग किसी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हु्ड्डा ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। हुड्डा रविवार को जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल करेंगे।

इससे पहले जाटों के लिए ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण की मांग कर रहे जाट नेताओं ने हरियाणा सरकार की ओर से दिए गए प्रस्ताव को ठुकरा दिया और कहा कि उनका आंदोलन मांग पूरी होने तक जारी रहेगा। शनिवार को भी हिंसा जारी है। आज एक रेलवे स्टेशन, एक थाना और कुछ भवनों में आग लगा दी गई। वहीं रोहतक जिले के कुछ स्थानों पर पहुंचने के लिए सेना को हेलीकॉप्टर का प्रयोग करना पड़ा। आज तीन और शहरों में कर्फ्यू लगाया गया जिसमें सोनीपत, गोहाना और झज्जर शामिल हैं जहां रात के दौरान और दिन में भी आगजनी की छिटपुट घटनाएं हुईं। सेना ने रोहतक और भिवानी जिलों में फ्लैग मार्च किया। राज्य में रेल और सड़क परिवहन प्रभावित रहा जिस कारण दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और चंडीगढ़ के लिए विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों से सेवा बाधित रही। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 (दिल्ली अंबाला) और एनएच 10 (दिल्ली हिसार फाजिल्का) भी बाधित रहा। रेल अधिकारियों ने कई रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया। पुलिस ने कहा कि कुछ लोगों ने हरियाणा के मंत्री ओ पी धनखड़ के झज्जर स्थित आवास पर पथराव किया लेकिन घटना में कोई जख्मी नहीं हुआ।

आरक्षण की मांग को लेकर जाट प्रदर्शनकारियों की हिंसा को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर ने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की फिर से अपील की और कहा कि सरकार समस्या का समाधान ढूंढेगी। अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा के बाद उन्होंने कहा, ‘इस तरह की घटनाओं से सौहार्दता खत्म होती है।’ प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए खट्टर ने कहा कि सार्वजनिक संपति को नष्ट करने से कुछ हासिल नहीं होगा और अधिक संख्या में केंद्रीय बल राज्य में आ रहे हैं। राज्य के बड़े हिस्से में सामान्य जनजीवन बाधित रहा और दुकानें तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठान, स्कूल बंद रहे, कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बाधित रहीं और एलपीजी, दूध और सब्जियों सहित आवश्यक खाद्य पदार्थों की ढुलाई पर भी असर पड़ा। जाट आंदोलन के ज्यादा क्षेत्रों में फैलने को देखते हुए हरियाणा के पुलिस प्रमुख यशपाल सिंघल ने आज कहा कि स्थिति को नियंत्रण में लाने में वक्त लग रहा है क्योंकि कोई नेता विशेष इसकी अगुवाई नहीं कर रहा है। आंदोलन में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 78 जख्मी हो चुके हैं। बहरहाल उन्होंने कहा कि स्थिति में कल से सुधार आया है और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सेना सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस का सहयोग कर रही है। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि यह खुफिया विफलता रही और सरकार स्थिति का आकलन नहीं कर सकी। डीजीपी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आंदोलन अब नेताहीन हो गया है और कई युवक इसमें शामिल हो गए हैं जिससे हमारा काम कठिन हो गया है। सिंघल ने कहा, समझना होगा कि सुरक्षा बल संवेदनशील स्थिति से निपट रहे हैं। उन्होंने कहा, जैसा कि मैंने कहा कि आंदोलन नेताविहीन हो गया है। यह व्यापक आंदोलन है। लोग तेजी से अपनी योजना बदल रहे हैं इसलिए स्थिति को नियंत्रण में लाने में वक्त लग रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरू में कुछ जाट और खाप नेताओं से वार्ता की लेकिन स्थिति बदलने के बाद उपयुक्त कदम उठाए। डीजीपी इस विचार से सहमत नहीं थे कि पुलिस कल रोहतक में स्थिति नहीं संभाल सकी।

डीजीपी कहा, आज की स्थिति कल की तुलना में बेहतर है। सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस प्रभावित इलाकों में मार्च कर रही है। उन्होंने कहा, अर्धसैनिक बल की दस टुकड़ियां पहुंची हैं जबकि 23 और रास्ते में हैं और इनमें से कुछ को हवाई मार्ग से लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह सचिव से भी बात हुई और उन्हें जमीनी स्थिति से अवगत कराया गया है। डीजीपी ने कहा कि रोहतक में कल हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 78 अन्य जख्मी हो गए। उन्होंने कहा, पीजीआईएमस रोहतक के निदेशक ने कल मुझे सूचित किया कि एक व्यक्ति को अस्पताल में मृत स्थिति में लाया गया। घटना में पांच पुलिसकर्मियों सहित 78 व्यक्ति जख्मी हो गए। 46 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 36 लोग अब भी भर्ती हैं जिनमें पांच आईसीयू में भर्ती हैं।

सेना ने शहर में आज एक फ्लैग मार्च निकाला और आगजनी एवं हिंसा में शामिल जाट प्रदर्शनकारियों की रेल एवं सड़क नाकाबंदी हटाई। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सेना के एक दल के साथ पुलिस ने सड़कों और रेल पटरियों पर कई स्थानों पर की गई प्रदर्शनकारियों की नाकाबंदी हटाई। सेना ने मायर गांव के निकट भी फ्लैग मार्च निकाला जहां जाट हिसार-भिवानी मार्ग पर रेल पटरी के निकट बैठे हैं। हिसार के पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी ने कहा कि सेना की एक इकाई और बीएसएफ की एक इकाई हिसार में है। प्रदर्शनकारियों ने जींद में बूढ़ा खेड़ा रेलवे स्टेशन पर आग लगा दी रेलवे स्टेशन में आग लगाने पर फर्नीचर, रिकॉर्ड रूम और अन्य सामान जल गए। सेना ने कर्फ्यू ग्रस्त दो जिलों में फ्लैग मार्च किया और अवरूद्ध किए गए रोहतक जिले के हिस्सों में पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर का सहारा लिया। रोहतक आंदोलन का केंद्र है। रोहतक और भिवानी में कल शुरू हुई हिंसा के कारण आम जनजीवन बाधित हुआ है और राज्य के कई अन्य हिस्सों में सड़कें एवं रेल मार्ग अवरूद्ध हैं, दुकानें एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठान और स्कूल बंद पड़े हैं। शुरू में सेना रोहतक में प्रवेश नहीं कर पायी क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली, हिसार, रोहतक और फजिलका राजमार्गों को अवरूद्ध कर दिया था जिसके कारण जवानों को हवाई मार्ग से पहुंचना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सोनीपत जिले में नांगल गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-1 को भी अवरूद्ध कर दिया जिससे यातायात की आवाजाही बाधित हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर को जोड़ता है। प्रदर्शनकारियों ने झज्जर जिले के बेरी में एक सरकारी कार्यालय में आगजनी की और सफीदों में कुछ वाहनों में आग लगा दी।

रोहतक के मेहम में करीब 2000-2500 लोगों की हिंसक भीड़ ने पुलिस थाने, पेट्रोल पंप, सरकारी इमारत और बैंकेट हॉल में आग लगा दी। रोहतक जिले में आने वाला मेहम राज्य में चल रहे जाट आंदोलन से सबसे अधिक प्रभावित होने वाला इलाका है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए जिले में सेना को भी तैनात किया गया है। हरियाणा के वरिष्ठ मंत्री ओपी धनखड़ के मकान पर आज भीड़ ने आज पथराव किया, वहीं आरक्षण की मांग को लेकर जाटों का आंदोलन राज्य के अन्य हिस्सों में फैल रहा है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ। उन्होंने बताया, भीड़ ने धनखड के मकान पर पथराव किया लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। धनखड़ राज्य के प्रमुख जाट नेताओं में से एक हैं। अधिकारी ने बताया कि इलाके में तैनाव है और पुलिस तथा अर्धसैनिक बल स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। झज्जर उन जिलों में शामिल हैं, जो आरक्षण के लिए जाटों की हड़ताल से सबसे अधिक प्रभावित हैं। जाट आरक्षण आंदोलन दिल्ली यूनिवर्सिटी तक पहुंचा, जाट समुदाय के छात्रों ने नॉर्थ कैम्पस के बाहर प्रदर्शन किया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के जाट नेताओं से कहा कि प्रदर्शनकारियों से बात कर मामले का हल निकालें। उधर प्रदर्शनकारियों ने रोहतक में पेट्रोल पंप, सामुदायिक भवन और दुकानों में आग लगा दी है। आरक्षण की मांग को लेकर जाट आंदोलन जारी है और कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने आज जींद जिले में बूढ़ा खेड़ा रेलवे स्टेशन में आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि रेलवे स्टेशन में आग लगाने पर फर्नीचर, रिकॉर्ड रूम और अन्य सामान जल गया। यह स्टेशन जींद पानीपत रेल प्रखंड में आता है। जींद आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे जाट आंदोलन से बुरी तरह प्रभावित जिलों में से एक है।

दिल्ली-अंबाला, दिल्ली-अमृतसर, दिल्ली-हिंसा-फजिल्का मार्ग और हिसार-धूरी खंड पर जाटों के विरोध प्रदर्शन को लेकर रेल सेवा गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। कुल 37 ट्रेने रद्द की गई है जबकि 22 आंशिक रूप से रद्द करनी पड़ी। जाट आरक्षण की मांग को लेकर कई स्थानों पर रात में हुई ताजा हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बीच सेना ने तनावग्रस्त क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया और साथ ही रोहतक के विभिन्न इलाकों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया। राज्य के दो जिलों में पहले ही कर्फ्यू लगा दिया गया है और हिंसा करने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिये गए हैं। जाटों के प्रदर्शन के कारण जनजीवन बाधित है। रोहतक, जींद, भिवानी और राज्य के कई अन्य हिस्सों में सड़कें एवं रेल मार्ग बाधित है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। हरियाणा सरकार ने कल राज्य के नौ जिलों में सेना को लगाया था। भिवानी और रोहतक जिले में कर्फ्यू लगाने के साथ ही देखते ही गोली मारने के आदेश दिये गए हैं। यह कदम जाटों के प्रदर्शन के हिंसक रूख अख्तियार करने के बाद उठायी गई जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए।

केंद्र सरकार ने अव्यवस्था फैला रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अर्धसैनिक बलों के 3,300 जवानों को तैनात किया था। बहरहाल, निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद रात भर कई जिलों में हिंसा और आगजनी की घटनाएं जारी रहीं जिनमें हिसार, झज्जर, जिंद, कैथल और पानीपत शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भिवानी में सेना ने आज सुबह फ्लैग मार्च किया। प्रशासन ने लोगों से अपने घरों में ही रहने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि शुरू में सेना रोहतक में प्रवेश नहीं कर पायी क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर मार्ग अवरूद्ध कर दिया था जिसके कारण जवानों को हवाई मार्ग से पहुंचना पड़ा। उपद्रवी भीड़ ने कल कुछ पुलिस वालों को बंधक बना लिया था और राज्य के वित्त मंत्री अभिमन्यू के आवास एवं कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी थी। इसके अलावा रोहतक, झज्जर, हांसी और कई स्थानों पर निजी संपति को नुकसान पहुंचाया गया। पूरे राज्य में स्कूलों को बंद करने के आदेश दिये गए हैं और लगभग सभी जिलों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने हिसार में हांसी और रोहतक के पास दो टॉल प्लाजा समेत कई कार्यालयों की इमारतों और पुलिस एवं निजी वाहनों को निशाना बनाया। कल एक प्रदर्शनकारी की उस समय मौत हो गई जब बीएसएफ के जवान ने उपद्रवी भीड़ द्वारा गोली चलाये जाने के बाद आत्मरक्षा में गोली चला दी। इस घटना में बीएसएफ का एक जवाब घायल हो गया। राज्य में पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी है और इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाने और इस प्रदर्शन को वापस लेने की अपील के बाद इसने हिंसक रूप ले लिया था। सभी राजनीतिक दलों ने जाटों से विरोध प्रदर्शन वापस लेने की अपील कही है लेकिन जाटों ने इस अपील को अस्वीकार कर दिया है।

ऑल इंडिया जाट आरक्षण संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा, हरियाणा सरकार की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव नहीं दिया गया है। भाजपा सरकार जाटों को मूर्ख बनाने का प्रयास कर रही है क्योंकि जाटों को आरक्षण देने के संदर्भ में उसके इरादे ठीक नहीं हैं। सर्वदलीय बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि जाट को आरक्षण देने के लिए बिल का मसौदा तैयार करेगी और इस संदर्भ में सभी दलों से सुझाव मांगे हैं। मलिक ने कहा, जाटों को आरक्षण देने में सिर्फ मुख्यमंत्री को समस्या है। भाजपा में शेष नेता आरक्षण देन के पक्ष में हैं। उन्होंने आरोप लगाया, खट्टर की जातिवादी मानसिकता है क्योंकि वह जाट नहीं है। वह खुद को गैर जाट नेता के तौर पर साबित करने का प्रयास कर रहे हैं। हरियाणा में ओबीसी कोटे के तहत आरक्षण की मांग को लेकर जाटों का आंदोलन हिंसक होने के बाद शुक्रवार को राज्य के नौ जिलों में सेना बुला ली गयी और रोहतक तथा भिवानी में कर्फ्यू लगाने के साथ ही हिंसा भड़काने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। हिंसक भीड़ द्वारा राज्य के विभिन्न हिस्सों में की गयी आगजनी के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गयी और 25 अन्य घायल हो गए। केंद्र ने भी 3,300 अर्धसैनिक बलों को हरियाणा भेज दिया। रोहतक में हिंसक भीड़ ने कुछ पुलिसकर्मियों को बंधक बनाने के साथ ही राज्य के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के घर को आग लगा दी और रोहतक, झज्जर, हांसी तथा कई अन्य जगहों पर कई सरकारी और निजी संपत्तियों को को भी आग के हवाले कर दिया गया। राज्यभर में कल स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है और साथ ही सभी जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयी हैं। आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग में आरक्षण की मांग कर रहे आंदोलनकारियों ने हिसार और रोहतक में टोल प्लाजा समेत पुलिस और निजी वाहनों, इमारतों, कार्यालयों को भी निशाना बनाया। दोनों टोल प्लाजा दिल्ली-हिसार-फाजिल्का राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ते हैं।

हरियाणा के डीजीपी यशपाल सिंघल ने चंडीगढ़ में एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तोड़फोड़ पर उतारू भीड़ में से किसी व्यक्ति द्वारा चलायी गयी गोली में घायल हुए बीएसएफ जवान द्वारा आत्मरक्षा में चलायी गयी गोली से एक व्यक्ति मारा गया। रोहतक के उपायुक्त डी के बेहरा ने देर शाम बताया कि केवल एक व्यक्ति की मौत हुई है और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। रोहतक स्थित पंडित भगवत दयाल शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के वाइस चांसलर ओ पी कालरा ने भी बताया कि केवल एक व्यक्ति की मौत हुई है। उन्होंने बताया, अधिक लोगों की मौत केवल अफवाह है। केवल एक व्यक्ति मारा गया है और उसे यहां मृत अवस्था में ही अस्पताल में लाया गया था। उन्होंने बताया कि कुल 62 मरीजों को उपचार के लिए पीजीआईएमएस में भर्ती कराया गया था जिनमें से 22 गोली लगने से घायल हुए थे जबकि बाकी को शारीरिक चोटें थीं। कालरा ने बताया कि कुल मरीजों में से तीन की हालत गंभीर है जिन्हें आईसीयू में रखा गया है। एक मरीज को सिर में चोट है जबकि दो को पेट में गोली लगी है। घायलों में पांच सुरक्षाकर्मी भी हैं। राज्य पुलिस प्रमुख ने बताया कि हालात के बेकाबू होने के चलते हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित आठ जिलों रोहतक, झज्जर, जींद, भिवानी, हिसार, कैथल, पानीपत और सोनीपत में सेना को बुला लिया गया है।

दिल्ली में सेना सूत्रों ने सेना के नौ कालम भेजे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि करनाल में भी सेना भेजी जा रही है। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि रोहतक और भिवानी के शहरी इलाकों की सीमाओं के भीतर कर्फ्यू लगा दिया गया है। पिछले कुछ दिनों से जारी आंदोलन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा सर्वदलीय बैठक में आंदोलन को खत्म करने की अपील करते हुए जारी किए गए बयान के तुरंत बाद हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने इस अपील को खारिज कर दिया। हालांकि खट्टर ने आश्वासन दिया था कि समुदाय को आरक्षण मुहैया कराने के लिए एक समाधान निकाला जाएगा। रोहतक से करीब 50 किलोमीटर दूर हिसार छावनी से सेना की यूनिटों को रोहतक भेजा गया है और सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इन्हें रोहतक और भिवानी के इलाकों में तुरंत तैनात किया जाएगा।

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