November 26, 2022

जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में संशोधन को कैबिनेट की हरी झंडी

केंद्रीय कैबिनेट ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में बदलाव पर मुहर लगा दी है। इसके तहत हत्या और रेप जैसे जघन्य अपराधों में शामिल 16 से 18 साल के किशोरों पर मुकदमा चलाने के फैसले का हक जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को दिया जाएगा। मामला और आरोपी को देखकर बोर्ड ही तय करेगा कि, मुकदमा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में चलेगा या फिर सामान्य अदालत में। दिल्ली में निर्भया कांड के बाद से गंभीर अपराध में शामिल नाबालिगों को बालिग मानकर सजा देने की मांग काफी जोर शोर से की जा रही थी। ये भी मांग की जा रही थी कि, सरकार नाबालिग आरोपी की उम्र 18 से घटाकर 16 कर दे। सरकार ने इन मांगों को देखते हुए ही बीच का रास्ता निकाला है। जिसमें सीधे तौर पर तो नाबालिग की उम्र नहीं घटाई जा रही है लेकिन, गंभीर अपराध में शामिल 16 से 18 साल के किशोरों को दंडित करने की व्यवस्था हो रही है।

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