December 3, 2022

डराती है दिल्ली पुलिस ????

दिल्ली में 350 परिवार दहशत के साये में जी रहे हैं। कहने को तो वो थाने के ठीक सामने रहते हैं, मगर रहते हैं दहशत के साये में …एक , दो नहीं बल्कि पूरे 350 परिवार …वजह है दिल्ली पुलिस की एक लेडी इंस्पेक्टर और उसका परिवार …. उसके किस्से तो इतने हैं की पूरी एक किताब लिखी जा सकती है। मगर ताज़ा मामले पर नजर डालें तो इस लेडी इंस्पेक्टर और इसके जवान बेटे ने एक 52 साल की प्रेस का काम करने वाली महिला को महज शर्ट का बटन टूटने को लेकर इतना मारा की वो आज भी याद करके बेहोश हो जाती है …. इस बात के 12 चश्मदीद और 5 लिखित बयान भी हैं …. मगर इनकी शिकायत पर काफी समय बीतने के बाद भी FIR तक दर्ज नहीं हुई …. मामला प्रसाद नगर थाना इलाके का है।

रोती बिलखती और उस पल को ये याद भर से बेहोश हो रही ये 52 वर्षीय प्रेमा हैं जो प्रसाद नगर थाने के ठीक सामने बना DDA MIG फ्लैट्स के F ब्लॉक में इसी जगह पर पिछले 35 वर्षों से प्रेस का काम करती हैं …. बीते गुरुवार 31 जुलाई की सुबह तक़रीबन 11 बजे F – 2 में रहने वाली रीता शर्मा और उनके बेटे विष्णु शर्मा ने इन्हे ये कहते हुए बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया , की प्रेमा ने प्रेस करते हुए उनके शर्ट का बटन तोड़ …दोनों ने मिलकर प्रेमा को इतनी बुरी तरह से पीटा की उसे अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ा …. इतना ही नहीं बीच में जो भी बचाने आया ,दोनों ने उसे भी पीटा। …

कैमरे से मुहं छुपाती ये वही रीता शर्मा हैं जिन पर अपने बेटे के साथ प्रेमा को पीटने का आरोप लगा है …. मगर इनका परिचय कराने से पहले हम आपको इनकी चंद तारीफ जरूर बताना चाहेंगे …. जी हाँ तो DDA के इस कैम्पस में 352 फ़्लैट और इतने ही परिवार हैं …. रीता यहां महज दो साल पहले किराये पर रहने आई हैं … मगर इन 351 परिवारों में से शायद ही कोई ऐसा परिवार हो जिससे इनका झगड़ा न हो …. पूरे कैम्पस में लगभग 70 कामवालियां हैं , मगर शायद ही कोई ऐसी हो जिससे काम करवा कर इन्होने उसके पैसा न मारे हों …. शायद ही कोई ऐसा दुकानदार हो जिससे सामान लेकर उसके पूरे पैसे दिए हों …. और तो और मोहतरमा तो रेड़ी वालों और कबाड़ी से भी जबरदस्ती सामान छीन लेती हैं, ये कहना है यहाँ के स्थानीय लोगो का …. क्यूंकि ये कोई और नहीं दिल्ली पुलिस के प्रोविजन और लॉजिस्टिक डिपार्टमेंट में तैनात इन्स्पेक्टर रीता शर्मा हैं।

यहाँ के RWA के जनरल सेकेट्री संजय भाटिया का कहना है की ये इस महिला इंस्पेक्टर का रोज़ का काम है ये यहाँ पर सभी से पुलिस का रोब दिखाते हुए आये दिन लड़ाई झगड़ा करती रहती है, चूकि ये खुद पुलिस में है तो पुलिस भी इसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करती।
गुरुवार 31 जुलाई को को रीता शर्मा और उसके बेटे ने जो किया उसके 12 चश्मदीद , 5 लिखित बयान और प्रेमा की हालत के साथ साथ थाने में उनकी माफ़ी चीख चीख कर बता रहे हैं की रीता शर्मा और उसका बेटा गुनहगार है …. मगर उसकी पहुँच ऐसी है की घटना के काफी समय के बाद भी थाने में अभी FIR तक दर्ज नहीं हो पाई है। और आला अधिकारीयों को मीटिंग से फुर्सत नहीं मिलती …. इसलिए RWA ने फैसला किया है की वो इस मकान के मालिक को जल्द ही इन्हे मकान खाली करवाने को कहेगा तो वहीँ कैम्पस की सभी कामवालियां ने सुनवाई न होने तक काम बंद करने का एलान कर दिया है ….

वही यहाँ घरो में काम करने वाली सुनीता ने बताया की हम इस महिला इंस्पेक्टर की रोज़ रोज़ मारपीट और गाली गलौज के तंग आ चुकी है जब तक मकान मालिक रीता शर्मा से मकान खली नहीं करवा लेते हम सभी घरो का काम नहीं करेंगी।
दिल्ली पुलिस की चुप्पी साफ बता रही है की वो मामले को रफा दफा करने का मन बना चुकी है , मगर ऐसा करने से पहले उन्हें जनता को ये बता देना चाहिए की वो किसका दरवाजा खटखटाये …

हरी किशन शर्मा की खास रिपोर्ट

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