December 4, 2022

डीजेबी के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने मायापुरी में निर्माणाधीन 12.4 एमएल क्षमता के यूजीआर/बीपीएस का स्थलीय निरीक्षण किया*

दिल्ली जल बोड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने आज सुबह हरि नगर विधानसभा के विधायक राजकुमारी ढिल्लो और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पश्चिमी दिल्ली स्थित मायापुरी में निर्मित किए जा रहे यूजीआर/बीपीएस परियोजना की प्रगति का जायजा लेने के लिए स्थलीय निरीक्षण किया। इस परियोजना को 18 महीने में पूरा किया जाना था, लेकिन इसे पूरा होने में करीब 14 महीने और लगने की उम्मीद है। मायापुरी क्षेत्र में बढ़ते पेयजल की मांग के मद्देनजर और क्षेत्र वासियों को पर्याप्त स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इस भूमिगत जलाशय का उद्घाटन 2018 में किया गया था।

इस दौरान डीजेबी के वीसी राघव चड्ढा ने परियोजना के पूरा न होने पर निराशा व्यक्त की और अधिकारियों से परियोजना को पूरा होने में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है, क्योंकि परियोजना की धीमी रफ्तार से सुभाष नगर, हरि नगर, माया एन्क्लेव, एम ब्लाॅक, खजान बस्ती, ए-ब्लॉक, मायापुरी पीएच-1 और 2 आदि क्षेत्र में रहने वाले निवासी पानी की समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 4 करोड़ रुपये है।

राघव चड्ढा ने परियोजना को पूरा होने में 14 महीने से अधिक समय की देरी होने के लिए ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, ‘परियोजना को पूरा होने में देरी करने के लिए संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है, क्योंकि इस परियोजना को पूरा करने में बरती गई लापरवाही के चलते क्षेत्र के निवासियों को पेजयल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदार 18 महीने के अंदर, जून 2019 तक यूजीआर निर्माण का कार्य पूरा करने के अपने संविदात्मक दायित्व को पूरा करने में विफल रहा है। इस तरह का अव्यवसायिक व्यवहार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परियोजना को तय समय के अंदर पूरा करने में विफल रहने पर संबंधित ठेकेदार से एक समय सीमा में इसे पूरा करने के संबंध में शपथ पत्र भी मांगा गया है। उन्होंने आगे कहा कि यह सभी ठेकेदारों के लिए एक उदाहरण होगा, क्योंकि काम में देरी स्वीकार्य नहीं है और गलत अधिकारियों व ठेकेदारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

दिल्ली के जल वितरण प्रणाली को तर्कसंगत बनाने के लिए एक अध्ययन किया गया था। अध्ययन के अनुसार इस यूजीआर के निर्माण के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया था। मायापुरी में 12.4 एमएल क्षमता के यूजीआर/बीपीएस के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इस यूजीआर को साउथ दिल्ली के मुख्य पाइप लाइन (1500 एमएम) से जोड़ा जाएगा, जो हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जनकपुरी सेंटर सेंटर तक जाता है। इसके अलावा पानी की मुख्य लाइन से एक और 700 मिमी पानी की लाइन बिछाई जाएगी, जो इस यूजीआर से कीर्ति नगर यूजीआर तक जाती है।

मायापुरी यूजीआर/बीपीएस के चालू होने के बाद क्षेत्र की करीब 1.50 लाख की आबादी को अधिक प्रेशर के साथ स्वस्छ जल आपूर्ति का लाभ मिल सकेगा। वर्तमान में इन क्षेत्रों के निवासियों को सुभाष नगर यूजीआर, ऑनलाइन बूस्टर तिलक नगर और नारायण मेन से पानी मिल रहा है।

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