December 9, 2022

थायराइड का इलाज लाइलाज नहीं है है, बशर्ते कि समय पर जांच और दवा के साथ खानपान ठीक से किया जाए

थायराइड वर्तमान समय की आम समस्या होती जा रही है ।जो अधिकांश लोगों में देखी जा रही है, मानव शरीर में थायराइड ग्रंथि तितली के आकार की होती है, यह गले के सामने वाले हिस्से में स्थित होती है,यह खून में हार्मोन का निर्माण, स्टोर, एवं निकालती करती है ,ताकि हार्मोन शरीर की कोशिकाओं तक पहुंच सके।
थायराइड एवं एंडोक्राइन लैंड है जो गले में स्थित होती है थायराइड हार्मोन निकलता है, यह मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखता है, थायराइड ग्रंथि से कम या ज्यादा मात्रा में हार्मोन निकलने से थायराइड की समस्या होती है, थायराइड का इलाज लाइलाज नहीं है है, बशर्ते कि समय पर जांच और दवा के साथ खानपान ठीक से किया जाए,

थायराइड बढ़ने से होने वाली परेशानी।
थायराइड कितना होना चाहिए वयस्क व्यक्ति में इसका सामान स्तर 0.4 से5 मिली तक यदि खून में टी एस एच का स्तर ज्यादा होता है तो अंडरएक्टिव थायराइड हो सकता है, प्रेगनेंसी के दौरान टी एस एच बढ़ा हुआ हो सकता है, थायराइड की कमी से क्या हो सकता है थायराइड ग्रंथि की क्रिया pituitary ग्रंथि नियंत्रण करती है राइड की कमी से सुस्ती ठंड लगना याददाश्त कमजोर हो ना त्वचा में रूखापन वजन बढ़ने की समस्या पैदा हो जाती है थायराइड से नुकसान हाइपो- थायराइडिज्म किन चीजों को नहीं खाना चाहिए, ब्रोकली फूल गोभी, जैसी सब्जियां पत्ता गोभी फाइबर अन्य पोषक तत्वों से भरी होती है, लेकिन यदि आयोडीन की कमी है तो यह थायराइड हार्मोन के उत्पादन को कम करती है थायराइड की दवाई प्रातः काल लेनी चाहिए उसका अच्छा असर होता है सुबह खाली पेट में खाने के 30 मिनट से 45 मिनट पहले लें फल के रूप में नाशपाती ब्लूबेरी चेरिया खट्टे फल आदि शामिल करें। थायराइड ग्रंथि में गड़बड़ी से हार्मोन में असंतुलन होता है थायराइड कैंसर भी इसी असंतुलन के कारण होता है, गले में दर्द सूजन भारीपन इसके लक्षण है आयोडीन की कमी के अलावा खान-पान पर ध्यान नहीं देने से एवं जरूरत से ज्यादा तनाव से थायराइड की समस्या हो सकती है पुरुषों में थायराइड पांच लक्षण से पहचाना जाता है बहुत अधिक थकान बहुत जल्दी थक जाना सोने में तकलीफ बेवजह चिड़चिड़ापन बेचैनी तनाव थायराइड के संकेत है T3 T4 कम होने से मांसपेशियों में जोड़ों में दर्द रहता है गर्दन में सूजन बालों की एवं त्वचा की समस्या पेट खराब होना हारमोंस बदलना मोटापा अवसाद थकान घबराहट यह लक्षण पाए जाते हैं थायराइड हार्मोन शरीर की हर एक कोशिका के कार्य को प्रभावित करती है विटामिन ए की कमी थायराइड के लिए परेशानी पैदा करता है यह वसा में घुलनशील विटामिन 3 के स्तर को बढ़ावा देने एवं टी एस एच को दिखाता है आयोडीन की अधिकता या कमी हार्मोन के उत्पादन के लिए आयोडी की जरूरत होती है लेकिन आयोडीन की अधिकता या कमी थायराइड रोग पैदा रखती है इसमें दूध दही का अधिक सेवन करें कैल्शियम मिनरल्स और विटामिंस थायराइड से ग्रसित को स्वस्थ बनाने में मदद करती है मुलेठी का सेवन बेहद फायदेमंद होता है मुलेठी में मौजूद तत्व ग्रंथि को संतुलित बनाते हैं सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट्स होता है जो थायराइड को बढ़ने नहीं देती है नारियल पानी पत्ता गोभी अनानास संतरा सेव गाजर चुकंदर अंगूर का रस पीना चाहिए विशेष रुप से 5 किलो गेहूं 1kg बाजरा 1kg ज्वार इनको मिलाकर उनका भोजन करना चाहिए काले अखरोट का सेवन भी करें
डा० घनश्याम व्यास
पूर्व अतिरिक्त निदेशक
आयुर्वेद विभाग

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