October 2, 2022

दिल्ली:होम आइसालेशन में इलाज करा रहे मरीजों को 7 मई को 1100 से अधिक सिलेंडर वितरित किए गए

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने 07 मई को कोरोना वैक्सीन की 1,14,657 डोज दी है। वहीं, एसओएस कॉल आने कम हो गए हैं। 7 मई को केवल 10 कॉल्स प्राप्त हुए। अधिकारियों की एक टीम राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति की स्थिति पर लगातार 24 घंटे निगरानी कर कर रही है। इसके अलावा, होम आइसोलेशन में जिन मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत है, उन में 7 मई को 1100 से अधिक सिलेंडर वितरित किए गए। दिल्ली सरकार ने लोगों को व्यापक स्तर पर मदद करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में 174 भूख राहत केंद्र बनाए हैं। सरकार की इस पहल से गरीबों और जरूरतमंदों को प्रतिदिन भोजन दिया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह के दौरान दिल्ली में करीब 9 लाख जरूरतमंदों में भोजन का वितरण किया गया।

दिल्ली के प्रमुख सचिव (परिवहन) एवं ओएसडी (स्वास्थ्य) आशीष कुंद्रा ने एक जूम बैठक को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण आंकड़े बताए और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि रेलवे द्वारा औसतन 29 फीसद ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है, जबकि रोडवेज के जरिए औसतन 71 प्रतिशत ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। दिल्ली में प्रतिदिन औसतन 507.5 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है।

सात मई को कुल 10 एसओएस कॉल्स प्राप्त हुईं। सात मई को दिल्ली में 1,14,657 लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज दी गई। यह संख्या पिछले दिनों की तुलना में सबसे ज्यादा है।

ऑक्सीजन दान करने के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित करते हुए यह हाईलाइट किया गया कि लोग सिलेंडर दान पत्रक तक पहुंचने के लिए delhi.gov.in पर लॉग-इन कर सकते हैं और https://oxygen.jantasamvad.org पर सिलेंडर रिफिलिंग भी बुक कर सकते हैं। इसके अलावा, नीती आयोग ऑक्सीजन सिलेंडरों के दान की कुल संख्या की निगरानी करने के लिए केंद्र बिंदु है।

धीरे-धीरे, राष्ट्रीय राजधानी में लिक्विड ऑक्सीजन के परिवहन के मामले में दिल्ली की क्षमता बढ़ा रही है। रेलवे के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति श्रृंखला अधिक मजबूत हो गई है। सभी डीएम प्रत्येक री-फिलर को ट्रैक कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यह उस निर्धारित गंतव्य तक पहुंचे। अधिकारियों की एक टीम राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति की स्थिति की निगरानी के लिए लगातार 24 घंटे काम कर रही है। राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में चुनौतियों और बाधाओं को कम करने के लिए सरकार द्वारा गठित टीम की तरफ से ऑक्सीजन टैंकरों की वास्तविक समय निगरानी की जा रही है। दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट के प्रत्येक स्थान पर अधिकारियों की एक टीम भी तैनात की है। यह टीम सुनिश्चित करती है कि दिल्ली को ऑक्सीजन की आपूर्ति में कोई गड़बड़ी या कोई प्रशासनिक बाधा न आए।

संख्या बताते हुए यह रेखांकित किया गया कि केंद्र सरकार के अस्पतालों ने कुल आवंटित ऑक्सीजन का लगभग 9.39 फीसद खपत की। दिल्ली सरकार के अस्पतालों ने 20.20 फीसद और निजी अस्पतालों ने 50.20 फीसद ऑक्सीजन की खपत की है। शेष 15.67 फीसद ऑक्सीजन आपातकालीन एसओएस कॉल के लिए आरक्षित है। 3.03 फीसद कोटा लोगों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए एकमुश्त जिलों को दिया गया था।

दी गई ऑक्सीजन के सर्वोत्तम उपयोग के लिए उचित वितरण और आवंटन की रणनीति तैयार की जा रही है। जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम दिल्ली में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए टैंकरों के वास्तविक समय की निगरानी करने में मदद कर रहा है। एक नेटवर्क टीम बनाई गई है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से ऑक्सीजन प्रबंधन प्रणाली पर रियल टाइम जानकारी दे रही है। जिलाधिकारी अपनी टीमों के माध्यम से ट्रैकिंग कर रहे हैं कि ऑक्सीजन निर्धारित अस्पतालों और संस्थानों में समय पर पहुंच रही है या नहीं।

होम आइसालेशन में इलाज करा रहे मरीजों को, जिन्हें ऑक्सीजन आपूर्ति की आवश्यकता है, उन मरीजों में 07. मई 2021 को 1100 से अधिक सिलेंडर वितरित किए गए। दिल्ली सरकार द्वारा पूरे शहर में 174 भूख राहत केंद्र बनाए गए हैं। सरकार की इस पहल से गरीबों और जरूरतमंदों को प्रतिदिन भोजन दिया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह में शहर में करीब 09 लाख जरूरतमंदों में भोजन का वितरण किया गया है।

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