November 29, 2022

दिल्ली में पेट्रोल पंपों पर ईंधन लेने के लिए 25 अक्टूबर से अनिवार्य होंगे पीयूसी सर्टिफिकेट

दिल्ली सरकार ने वाहन प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोल पंपों पर 25 अक्टूबर से प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) अनिवार्य होंगे। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन (पेट्रोल-डीजल) लेने के लिए पीयूसी 25 अक्टूबर से अनिवार्य करने की तैयारी है। इसके लिए पर्यावरण विभाग को नोटिफिकेशन जारी करने का निर्देश दे दिए हैं। विंटर एक्शन प्लान को लागू करने के लिए ग्रीन वॉर रूम को 3 अक्टूबर को लॉन्च किया जाएगा। दिल्ली में 06 अक्टूबर से एंटी डस्ट कैंपेन शुरू किया जाएगा। पराली गलाने को लेकर  10 अक्टूबर से पूसा बायो-डीकंपोजर का छिड़काव शुरू करेगी। दिल्ली सरकार ग्रेप को सख्ती से लागू करेगी‌। एनसीआर से जुड़े राज्यों के लिए एक जॉइंट एक्शन प्लान बनना चाहिए।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आज महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि सर्दियों में होने वाली प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए 15 फोकस बिंदुओं पर आधारित विंटर एक्शन प्लान की कल  सीएम अरविंद केजरीवाल जी ने घोषणा की है। उसी के आधार पर सभी सम्बंधित विभागों द्वारा सर्दियों में होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। विंटर एक्शन प्लान के तहत सरकार सभी तरह के आगे अभियान चलाएगी। इस साल भी दिल्ली के अंदर पटाखों के उत्पादन, भण्डारण और किसी भी प्रकार की बिक्री या खरीद और ऑनलाइन डिलीवरी पर पूरी तरह प्रतिबन्ध लगाने का निर्णय पहले ही सरकार ने ले लिया है।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन (पेट्रोल-डीजल) लेने के लिए प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र (पीयूसी) 25 अक्टूबर से अनिवार्य करने की तैयारी कर ली गयी है। उसके लिए पर्यावरण विभाग को नोटिफिकेशन जल्द जारी करने का निर्देश दिया गया है। विंटर एक्शन प्लान में ग्रीन वॉर रूम की मुख्य भूमिका होगी होगी। जहां से ग्रीन दिल्ली ऐप पर आयी प्रदूषण से  सम्बंधित शिकायतों को विभागों को भेजा जाता है। साथ ही वहां से सभी सबंधित विभाग से कोर्डिनेशन किया जाता है। इसको 3 अक्टूबर को बेहतर रूप में लॉन्च किया जाएगा, जहां एक्सपर्ट की ड्यूटी लगायी जाएगी।

उन्होंने ने बताया कि 06 अक्टूबर से एंटी डस्ट कैंपेन शुरू किया जाएगा। सभी निर्माण एजेंसी को निर्देश जारी कर दिया गया है की वो डस्ट नॉर्म्स का पालन करें, अन्यथा उनपर सख्त कार्रवाई की जायेगी। 10 अक्टूबर से पराली गलाने को लेकर पूसा बायो-डीकंपोजर का छिड़काव की शुरुआत की जाएगी।। इस साल भी, हम दिल्ली में 5 हजार एकड़ से अधिक बासमती और गैर-बासमती कृषि भूमि पर मुफ्त में पूसा बायो-डीकंपोजर का छिड़काव करेंगे।

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में विशेष रूप से सर्दियों के दौरान गंभीर वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ता है। उसमें वाहनों से निकलने वाला धुआं भी एक बड़ा कारक है। इसको देखते हुए सरकार राजधानी के सभी पेट्रोल पंपों पर वाहन में ईंधन (पेट्रोल-डीजल) भरवाने के लिए प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र (पीयूसी) अनिवार्य करने जा रही है। सरकार ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए यह मसौदा तैयार कर लिया है। इस सन्दर्भ में परिवहन विभाग ,पर्यावरण विभाग, ट्रैफिक पुलिस और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के उच्च अधिकारियों  के साथ 29 सितम्बर को दिल्ली सचिवालय में बैठक की गई।  परिवहन विभाग को अधिसूचना के संबंध में दिल्ली की जनता को सूचित करने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही साथ पर्यावरण विभाग को पीयूसीसी अधिसूचना के लिए जल्द सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इसमें जरूरी सेवा के लिए लगे वाहनों के छूट के प्रावधान को भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि दिल्ली और  केंद्र सरकार के सरकारी  विभागों /शहरी निकाय / सरकारी एजेंसी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों में अनिवार्य पीयूसीसी सुनिश्चित करने के  विभागों को नोटिस जारी किया जाए। सभी पेट्रोल पंपों पर 25 अक्टूबर, 2022 से वाहन में ईंधन (पेट्रोल-डीजल) भरवाने के लिए प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र (पीयूसी) अनिवार्य होगा। इस सन्दर्भ में दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों पर इसकी सूचना देने वाले सार्वजनिक होर्डिंग लगाए जाने के निर्देश भी दे दिए गए हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को निर्देश दिया गया है कि वो दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के साथ एक अलग बैठक बुलाकर उनको इस सन्दर्भ में जानकारी दें।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि इस बार कमीशन फार एयर क्वालिटी मैनेजमेंट की तरफ से ग्रेप में कुछ परिवर्तन किए गए है। 2018 से इमरजेंसी रिस्पासं सिस्टम के रूप में लागू किया जा रहा था। इसका आधार वायु में पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा हुआ करती थी। उसी के आधार पर प्रदूषण के स्तर को 5 वर्गों में विभाजित किया गया था। 2022 में इसमें संशोधन करके एक्यूआई लेवल के आधार पर, प्रदूषण के स्तर को 4 वर्गों में विभाजित किया गया है।

इस बार बढ़ते हुए प्रदूषण के पूर्वानुमान के आधार पर प्रतिबंधात्मक कदम उठाये जायेगें। अब वायु गुणवत्ता की स्थिति खराब होने से पहले पूर्वानुमानों के आधार पर 3 दिन पहले से ही ग्रेप के उपायों को लागू किया जाएगा। एक्यूआई की भविष्यवाणी आईआईटीएम और आईएमडी के एयर क्वालिटी डेटा के आधार पर की जाएगी। इस बार ग्रेप के चार स्टेज में अलग अलग पाबंदी लागू होगी। इसका दिशा निर्देश इस सन्दर्भ में आयोग द्वारा जारी किया गया है। ग्रेप को दिल्ली सरकार सख्ती से लागू करेगी। पर्यावरण विभाग ने ग्रेप से सम्बंधित दिशा निर्देश को सभी सम्बंधित विभाग को सर्कुलेट कर दिया है। यह निर्देश दिया गया है कि वो दिशा निर्देश को लेकर सभी तरह की तैयारी एडवांस में कर लें।

उन्होंने कहा कि सीएसई की पिछले साल की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण में केवल 31 फीसदी दिल्ली के अंदर के सोर्स की भूमिका होती है। जबकि बाहरी सोर्स का योगदान 69 फीसदी है। इसलिए मेरा कहना है कि एनसीआर से जुड़े राज्यों के लिए एक जॉइंट एक्शन प्लान बनाना चाहिए,‌जिससे कि सर्दी के मौसम में दिल्ली तथा एनसीआर के राज्यों में प्रदूषण को कम किया जा सके।

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