December 7, 2022

दिल्ली में भारी बारिश की चेतावनी ,अलग-अलग प्रदेश में भारी वर्षा की संभावना

गुजरात क्षेत्र में अलग-थलग स्थानों पर भारी से लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है; उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र और कच्छ, मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्र, कोंकण एवं गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना के अलग-अलग जगहों पर भारी लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है

हिमाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम एवं त्रिपुरा तथा तटीय कर्नाटक के इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना

उत्तर-दक्षिण कम दवाब का वायु क्षेत्र बिहार से पश्चिम बंगाल की खाड़ी के निचले क्षोभमण्डल (ट्रोपोस्फेरिक) स्तरों की तरफ बढ़ रहा है। ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों से दूर पश्चिमोत्तर और उससे सटे पश्चिम बंगाल की खाड़ी में मध्य चक्रवाती स्तरों पर एक चक्रवाती वायु का दवाब बना हुआ है।
उपरोक्त दो प्रणालियों के प्रभाव में, 13 अगस्त यानि आज से बंगाल और उत्तर पश्चिमी खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके 2-3 दिनों के दौरान इस क्षेत्र में बने रहने और बंगाल की उत्तरी खाड़ी पर अधिक संगठित होने की संभावना है।
मॉनसून गर्त का पश्चिमी भाग अपनी सामान्य स्थिति के उत्तर में स्थानांतरित हो गया है और अगले 48 घंटों के दौरान इसके वहां बने रहने की संभावना है। इसका पूर्वी भाग सामान्य स्थिति में है।
उपरोक्त मौसम संबंधी परिस्थितियों के प्रभाव में:

अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गरजने के साथ हल्की गरज के साथ बारिश हो सकती है।

15 अगस्त (दिन 3): सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-थलग स्थानों में अत्यधिक भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है; पूर्वी राजस्थान और गुजरात क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने के आसार है; छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश और उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना।

–दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम मध्य अरब सागर के ऊपर तेज हवा (50-60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना) चलने की संभावना; उत्तर-पूर्व और पूर्व-पूर्वी अरब सागर के ऊपर गुजरात-महाराष्ट्र-गोवा के तटीय इलाकों (40-50 किमी प्रति घंटे की गति तक) के साथ और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर तेज रफ्तार (गति 45-55 किमी प्रति घंटे तक) के साथ हवा चलने की संभावना है। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे समुद्र के तटीय इलाकों से दूर रहें।

16 अगस्त (दिन 4): सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-थलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है; गुजरात क्षेत्र, छत्तीसगढ़, झारखंड और कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना और पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पूर्व मध्य प्रदेश, विदर्भ, बिहार, ओडिशा, गंगा के पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, मध्य महाराष्ट्र के घाट वाले इलाके, मराठावाड़ा, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना।

–दक्षिण पश्चिम और पश्चिम मध्य अरब सागर के ऊपर तेज रफ्तार (गति 50-60 किमी प्रति घंटे तक) की हवा चल सकती है और गुजरात-महाराष्ट्र-गोवा तटों के ऊपर भी तेज रफ्तार (45-55 किमी प्रति घंटे तक की गति) से हवा चल सकती है। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे इन क्षेत्रों में ना जाएं।

17 अगस्त (दिन 5): सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-थलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है; गुजरात क्षेत्र, छत्तीसगढ़, झारखंड और कोंकण तथा गोवा में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पूर्व मध्य प्रदेश, विदर्भ, बिहार, ओडिशा, गंगा के पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह , मध्य महाराष्ट्र के घाट वाले इलाके, मराठवाड़ा, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तटीय तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना।

–दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम मध्य अरब सागर के ऊपर (50-60 किमी प्रति घंटे तक की गति) की रफ्तार से हवा चल सकती है। गुजरात-महाराष्ट्र-गोवा तटों के ऊपर भी (45-55 किमी प्रति घंटे तक) तेज रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे इन क्षेत्रों में ना जाएं।

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