December 4, 2022

दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड ने भवन निर्माण में गुणवत्ता आशवासन के लिए तीसरे पक्ष द्वारा आॅडिट किए जाने को बनाया अनिवार्य

दिल्ली शहरी आश्रय विकास बोर्ड ने अपने अहम फैसले में बोर्ड द्वारा बनायी जा रहे रैन बसेरे, स्वास्थ्य केन्द्र, विद्यालय, बस्ती विकास केंद्र, सामुदायिक भवन, शौचालय ब्लाॅक सहित घरों व अन्य इमारतों की देखरेख के कार्य भी सम्मिलित है, और जिनकी लागत 25 लाख से 500 लाख के बीच है के निर्माण कार्याें की गुणवत्ता के मानक को आशवस्त करने के लिए तीसरे पक्ष/आॅडिट को अनिवार्य बनाया है। इस कार्य को सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड ने भवन निर्माण के क्षेत्र में गुणवत्ता मानक आ”वस्त करने के लिए तीसरे पक्ष/आॅडिट का कार्य कर रही नामी गिरामी एजेंसियों से अभिरूचि मांगी है ताकि उन्हें सूचीबद्ध किया जा सके।

दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमरनाथ ने बताया कि बोर्ड द्वारा अब बनायी जाने वाले भवनों के निर्माण में गुणवत्ता के मानक के आशवासन को सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की एजेंसियों से करार कर तीसरे पक्ष के आॅडिट के काम को सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीसरे पक्ष के आशवासन/आॅडिट एजेंसी के क्षेत्र में काम कर रही ऐसी एजेंसियों को सूचीबद्ध किया जाएगा जिन्हें भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) के प्रमाणन निकायों के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीसीबी) में पंजीकरण व अनुभव प्राप्त हो।

अमरनाथ ने बताया कि भवन निर्माण के लिए निविदा आमंत्रण में तीसरी पार्टी द्वारा आॅडिट किए जाने को जरूरी बनाया जाएगा और इस शर्त का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आश्रय सुधार बोर्ड द्वारा रैन बसेरे, स्वास्थ्य केन्द्र, विद्यालय, बस्ती विकास केंद्र, सामुदायिक भवन, शौचालय ब्लाॅक सहित घरों व अन्य इमारतों की देखरेख के कार्य भी सम्मिलित है और ऐसे सभी कार्याें की लागत 25 लाख से 500 लाख के बीच है, कार्य किए जाने के दौरान उनकी निगरानी ऐसी तीसरी पक्ष की एजेंसी द्वारा की जाएगी और उन निर्माण कार्याें की गुणवत्ता व देखरेख के कार्य के आॅडिट की भी जिम्मेदारी इन एजेंसियों को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे निश्चित तौर पर भवनों के निर्माण में गुणवत्ता के मानक को सुनिश्चित किया जा सकता है। भवन निर्माण के कार्यो पर नजर रखना आवशयक है और इसीलिए उपरोक्त प्रकार के कार्यों की जांच/आॅडिट के लिए तीसरे पक्ष के आशवासन/आॅडिट एजेंसी की आवशयकता है।

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