December 4, 2022

दिल्ली सरकार की समिति ने कोविड-19 से आर्थिक सुधार में तेजी लाने के लिए जीवित, पुनर्जीवित व सफल दृष्टिकोण अपनाने पर सहमति जताई

डीडीसी के वाइस चेयरमैन जस्मीन शाह की अध्यक्षता में दिल्ली सरकार की कमेटी ने कोविड महामारी के समय में लोगों और व्यापार में मदद करने के लिए विभागों, कारपोरेट, स्थानीय निकायों द्वारा शुरू किए गए उपायों के बारे में व्यापक विश्लेषण और सुझाव के लिए आज पहली बैठक की। पिछले सप्ताह, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और एलजी अनिल बैजल की सिफारिशों के आधार पर समिति का गठन किया गया था, ताकि सरकार और उद्योग दिल्ली में आर्थिक सुधार के लिए रोडमैप को तैयार करने के लिए मिलकर काम कर सकें। बैठक में आयुक्त (उद्योग), आयुक्त (दक्षिणी दिल्ली नगर निगम), आयुक्त आयुक्त (श्रम), विशेष सचिव (पर्यावरण) और दिल्ली में व्यापार, उद्योग और रेस्तरां क्षेत्रों में काम करने वाले उनके प्रतिनिधि शामिल थे।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीडीसी के वाइस चेयरमैन जस्मीन शाह ने कहा कि दिल्ली सरकार ने मजबूत हेल्थकेयर की रणनीति बनाने के बाद अर्थ व्यवस्था को शीघ्र खोल दिया। दिल्ली सरकार ने दिल्ली में आर्थिक सुधार लाने के लिए सही जमीनी स्तर पर परिस्थितियों को तय किया है। इसका असर, दिल्ली में पाॅजिटिव केस में आई गिरावट की दर, नए मामलों और अस्पतालों में भरे बिस्तरों के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे समय में, जब देश के कई शहर अभी भी लाॅकडाउन करने और अनलॉक करने को लेकर हिचकिचा रहे हैं, वहीं, दिल्ली का आर्थिक पुनरुद्धार पर मजबूती से ध्यान केंद्रित करना दिखाता है कि हमने अब तक जबरदस्त प्रगति की है। उद्योग हितधारकों के साथ मिलकर काम करने से दिल्ली सरकार कोविड-19 के कारण आर्थिक सदमे से बाहर निकलने के लिए प्रयासरत है।

बैठक में गेम (ग्लोबल एलायंस फॉर मास एंटरप्रेन्योरशिप, ळ।डम्) के सह-संस्थापक मेकिन माहेश्वरी ने भी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भाग लिया। समिति को संबोधित करते हुए श्री माहेश्वरी ने गेम द्वारा गठित एमएसएमई परिवर्तन पर राष्ट्रीय टास्क फोर्स के काम को प्रस्तुत किया। जिसमें रवि वेंकटेशन (सह-संस्थापक, गेम), डॉ केपी कृष्णन (भारत सरकार के पूर्व सचिव,) जैसे उद्योग के दिग्गज शामिल थे। श्री मनीष सभरवाल (चारिमन, टीमलीज) विभिन्न उपायों पर बल दिया, जो राज्य और केंद्र सरकार को दीर्घकालिक रूप से एमएसएमई और उद्यमशीलता को पुनर्जीवित करने के लिए अपनाने चाहिए। समिति के विभिन्न सदस्यों से विचार-विमर्श और इनपुट के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि समिति दिल्ली में आर्थिक सुधार के लिए रोडमैप को चार्ट करने के लिए सर्वाइव (जीवित रखने), रिवाइव (पुनर्जीवित) और थ्राइव (कामयाब होने) दृष्टिकोण अपनाएगी।

तात्कालिक अल्पावधि (अगले 3-6 महीने) में, लाइसेंस मानदंड में संशोधन करके, कोविड संबंधित नियमों को सरल बनाने और मांग को पुनर्जीवित करने के लिए उपाय करके व्यवसायों और विभिन्न उद्योग क्षेत्रों के अस्तित्व को सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा। इस संदर्भ में, कमिश्नर (एसडीएमसी) ज्ञानेश भारती ने बताया कि एसडीएमसी ने स्थानीय निकायों द्वारा जारी किए गए सभी मौजूदा लाइसेंसों के स्वतः विस्तार के लिए 31 मार्च .2020 तक बिना किसी ब्याज या दंड के प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयुक्त (उद्योग) ने उद्योग विभाग द्वारा डीएसआईआईडीसी द्वारा जारी भूमि पर लीज रेंट पर स्थगन प्रदान करने के साथ-साथ जुर्माने पर ब्याज दर में बड़ी कमी किए जाने की जानकारी को साझा किया।

कई उद्योग के सदस्यों ने उद्योग विशिष्ट उपाय करके मांग को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर बल दिया। मसलन, बाहर बैठने और रेस्तरां में काम के घंटे बढ़ाने की अनुमति देने और बाजारों में खरीदारी की सुरक्षा के बारे में उपभोक्ताओं में विश्वास पैदा करने के लिए सामाजिक दूरियों व सैनिटाइजेशन प्रोटोकॉल की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने का सुझाव दिया गया। मार्केट स्तर पर हितधारकों के बीच एक संयुक्त प्रयास शुरू करने, नई फर्में अभी तक बैंकों से क्रेडिट नहीं प्राप्त कर रही हैं, उनको बैंकों से क्रेडिट लेने में आ रही परेशानियों आदि के मुद्दों पर भी प्रकाश डाला गया।

मध्यम अवधि (3 वर्ष) में, समिति ने दिल्ली में व्यापार को आसान करने से संबंधित लंबित सुधारों को तेज करके कारोबारी माहौल को पुनर्जीवित करने पर ध्यान केंद्रित किया। पिछले 5 वर्षों में, दिल्ली ने पहले ही व्यापार को आसान आसन करने से संबंधित कई सुधारों को लागू कर दिया है, अब यहां नए बिजली कनेक्शन, निर्माण परमिट या ऑनलाइन विभिन्न लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया काफी सरल है। अब प्रमुख लंबित सुधारों को उठाए जाने की आवश्यकता है, जो दिल्ली में व्यापार को आसान करने में बेहतर बनाएंगे और विशेषकर एमएसएमई के लिए कोविड-19 के प्रभाव से पूर्ण आर्थिक पुनरुत्थान सुनिश्चित करेंगे।

लंबे समय में, वैश्विक शहरों के साथ बराबरी पर एक कामयाब कारोबारी माहौल प्रदान करना एक लक्ष्य है, जिस पर समिति ने काम करने के लिए सहमति जताई। बैठक में चर्चा किए गए कुछ उपायों में पर्यटन, हाॅस्पिटलिटी, मनोरंजन और नाॅलेज पर आधारित उद्योगों जैसे उदीयमान हो रहे क्षेत्रों की पहचान करना, उसे मजबूत करना और स्टार्टअप के लिए संपन्न वातावरण प्रदान करना शामिल थे।
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