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दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को आसानी से प्रोत्साहन राशि देने के उद्देश्य से ईवी पाॅलिसी पोर्टल ev-delhi-gov-in लांच किया- कैलाश गहलोत*

दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को आसानी से प्रोत्साहन राशि देने के उद्देश्य से ईवी पाॅलिसी पोर्टल ev-delhi-gov-in लांच किया- कैलाश गहलोत*

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने आज इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को आसानी से प्रोत्साहन राशि मुहैया कराने के उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन नीति पोर्टल का शुभारंभ किया। परिवहन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में “युद्ध प्रदूषण के विरूद्ध” जो अभियान चल रहा है, उसका इलेक्ट्रिक व्हीकल्स नीति एक अहम हिस्सा है। ईवी डीलर ev-delhi-gov-in में लॉग इन कर सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया सरल और परेशानी मुक्त है। श्री गहलोत ने कहा कि परिवहन विभाग ने पहले ही 100 से अधिक ईवी मॉडलों को मंजूरी दे दी है, जो इस सब्सिडी के लिए पात्र होंगे और अभी तक 36 वाहन निर्माताओं ने इस पाॅलिसी के तहत अपना पंजीकरण किया है और 98 डीलर इस मिशन में हमारे साथ जुड़ चुके हैं। इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन का दावा करने के लिए खरीदार को केवल बिक्री चालान, आधार कार्ड और एक निरस्त चेक देने की आवश्यकता होगी।

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुये कि दिल्ली सरकार ने जो इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाई थी उसका नोटिफिकेशन 7 अगस्त को जारी हुआ था। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में “युद्ध प्रदूषण के विरूद्ध” जो अभियान चल रहा है, उसका इलेक्ट्रिक व्हीकल्स नीति एक अहम हिस्सा है। ताकि दिल्ली में प्रदूषण को कम कर सकें। इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत रोड टैक्स माफ करने का नोटिफिकेशन 10 अक्टूबर को जारी हुआ था। जैसा कि वादा किया था कि रजिस्ट्रेशन शुल्क भी माफ किया जाएगा, तो उसका नोटिफिकेशन 15 अक्टूबर 2020 को किया गया। मुझे आज यह बताते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि हमने हमने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत जो भी वादे किए उन्हें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पूरा कर रहे हैं। एक सपना जो हमने देखा था, आज वह हकीकत में बदलता हुआ नजर आ रहा है। इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी की पूरी वेबसाइट बिल्कुल तैयार है, जिसे आज लॉन्च भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा संचालन दिशानिर्देश (ऑपरेटिंग गाइडलाइंस) है, जिससे यह पता चलता है कि किस प्रकार से लोग सब्सिडी ले पाएंगे। ऑपरेटिंग गाइडलाइंस के जरिए बताया गया है कि डीलर की इसमें क्या भूमिका रहेगी। डीलर जब सब्सिडी प्रक्रिया को शुरू करेगा, तो उसका आवेदन एमएलओ ऑफिस में जाएगा। एमएलओ ऑफिस उसको सत्यापित करते हुए उसे सीधे बैंक भेजेगा। यह पूरी प्रक्रिया जनता, खरीदार और उपभोक्ता को ध्यान में रखते हुए बनाई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बार-बार कहते हैं कि हमारा फोकस उपभोक्ता और जनता पर है। उसको किसी भी प्रकार से कोई परेशानी न हो। जैसे ही किसी ने गाड़ी खरीदी, वहां से सब्सिडी का पैसा सीधे उसके खाते में जाएगा। यह पूरा सिस्टम ऑनलाइन है। खरीदार को कहीं किसी ऑफिस में जाने की जरूरत नहीं है।

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के 100 से ज्यादा मॉडल को दिल्ली सरकार पहले ही स्वीकृत कर चुकी है। अभी तक 36 निर्माताओं ने इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति के तहत खुद पंजीकृत कर लिया है। पूरे नेटवर्क में 98 डीलर पहले ही जुड़ चुके हैं। दिल्ली सरकार की तरफ से स्वीकृत 100 मॉडल में 14 दो पहिया वाहन, ई रिक्शा के 45 मॉडल और चार पहिया वाहनों के मॉडल 12 हैं।
हमने सब्सिडी की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और बहुत ही सरल किया है। सब्सिडी का दावा करने के लिए आपको सिर्फ तीन चीजें देनी होगी। पहला, बिक्री रसीद (सेल्स इनवॉइस), दूसरा आधार कार्ड और तीसरा कैंसल चेक की एक कॉपी। इसके अलावा हमें किसी भी चीज की आवश्यकता नहीं है।

कैलाश गहलोत ने कहा कि उपभोक्ता को पता रहे है कि उसका सब्सिडी क्लेम कहां पर है, इसको लेकर भी तीन चरण बनाए गए हैं। इनमें सबसे प्रमुख है डीलर का शोरूम। इसके अलावा दूसरा है एमएलओ कार्यालय और तीसरा बैंक है। प्रत्येक चरण में एसएमएस के जरिए उपभोक्ता को अपडेट रखा जाएगा कि आपका सब्सिडी क्लेम किस चरण में है। ताकि उसको कहीं भी पूछने या फोन करने की जरूरत न पड़े।

100 मॉडलों में यह वाहन शामिल हैं-*

-14 इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहन (हीरो इलेक्ट्रिक, ओकिनावा, एम्पीयर, जितेंद्र न्यू ईवी टेक और ली-आयनों इलेक्ट्रिक)
- 12 इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन (टाटा-महिंद्रा)
- चार इलेक्ट्रिक ऑटो (2 महिंद्रा, 1 पिआगो और 1 सारथी)
- ई-रिक्शा के 45 मॉडल
- 17 ई-कार्ट मॉडल

कैलाश गहलोत ने कहा कि इस वेबसाइट की मदद से खरीदारों को सभी इलेक्ट्रिक वाहनों के मॉडल के बारे में जानने और उसे खरीद संबंधी निर्णय लेने में मदद मिलेगी। हमने खरीदरों के लिए इन प्रोत्साहनों को प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया को सरल और प्रभावी रखा है।

*इसमें 3 चरण शामिल हैं-*

1. इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए खरीदार को अपने पसंद के इलेक्ट्रिक वाहन डीलर के पास जाता है।
2. खरीदार इलेक्ट्रिक वाहन को खरीदता है और डीलर को प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए आवश्यक सभी जानकारी देता है (जैसे बिक्री चालान, आधार, बैंक खाता विवरण आदि)। इसके लिए किसी भी सरकारी कार्यालय में अलग से कोई फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है।
3. प्रत्येक इलेक्ट्रिक वाहन डीलर को वेबसाइट ev-delhi-gov-in पर एक लॉगिन प्रदान किया गया है। जिसमें वे ऑनलाइन प्रोत्साहन के दावे और संपूर्ण स्वीकृति व संवितरण प्रक्रिया ऑनलाइन दायर कर सकते हैं, यह प्रक्रिया पेपरलेस है और 3 दिनों के भीतर पूरी हो जाएगी। एमएलओ दावों को मंजूरी देने के प्रभारी होंगे।
उन्होंने कहा कि हमने यह सुनिश्चित किया है कि खरीदार प्रोत्साहन दावे के आवेदन की प्रगति और स्थिति के बारे में अच्छी तरह से अवगत रहे। उन्हें नियमित एसएमएस के माध्यम से लगातार जानकारी मिलेगी। परिवहन विभाग के पास एक डैशबोर्ड होगा, जिसके माध्यम से ट्रैक कर सकते हैं कि कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं और कितने स्वीकृति के लिए लंबित है। रियल टाइम ट्रैक करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

*वेबसाइट ev-delhi-gov-in पर यह उपयोगी जानकारी भी मौजूद हैं-*

1. शहर भर में मौजूद इलेक्ट्रिक व्हीकल डीलरों की सूची
2. जिला और जोन के अनुसार मौजूद चार्जिंग स्टेशनों की सूची उनके गूगल मैप लोकेशन के हिसाब से।
3. प्रोत्साहन के वितरण के लिए ऑपरेशन दिशानिर्देश भी साइट में अपलोड किए गए हैं।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि लोग 7 अगस्त से खरीद प्रोत्साहन अनुदान राशि प्राप्त कर सकेंगे। रोड टैक्स में 10 अक्टूबर से और पंजीकरण शुल्क में छूट 15 अक्टूबर के बाद से मिलेगी।

*इलेक्ट्रिक वाहन का चार्जिंग शुल्क लो-टेंशन से 4.5 रुपये प्रति यूनिट और हाई-टेंशन से 5 रुपये प्रति यूनिट होगा। यह भारत में सबसे कम टैरिफ मूल्य है- जस्मीन शाह*

संवाद और विकास आयोग (डीडीसी) के उपाध्यक्ष जस्मीन शाह ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों का चार्जिंग शुल्क लो टेंशन से 4.5 रुपये प्रति यूनिट और हाई-टेंशन से 5 रुपये प्रति यूनिट होगा। यह भारत में सबसे कम टैरिफ मूल्य है। इस कीमत के साथ, चार्जिंग सुविधा के आधार पर सर्विस चार्ज जोड़ा जाता है। दिल्ली में आज हमारे पास सबसे अच्छी चार्जिंग सुविधा है और 70 चार्जिंग स्टेशन पहले से ही दिल्ली में काम कर रहे हैं। हम चार्जिंग स्टेशन की संख्या लागातार बढ़ाते जाएंगे।

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