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नए नियमों के तहत होगी बीएड, एमएड

नए नियमों के तहत होगी बीएड, एमएड

हिमाचल प्रदेश में बीएड व एमएड डिग्री को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के नियमों के मुताबिक शुरू करने की सिफारिश शिक्षा विभाग ने बुधवार को सरकार से की है। इसमें बीएड दो साल व जमा दो कक्षा के बाद इंटीग्रेटिड बीएड शुरू करने का प्रावधान होगा। अब सरकार अंतिम निर्णय लेकर एनसीटीई को रिपोर्ट सौंपेगी।
सरकार एनसीटीई को बताएगी कि नियमों का पालन हिमाचल में किया जाएगा या नहीं। देश के सभी राज्यों में टीचर एजूकेशन डिग्री में समानता लाने के लिए नियमों में परिवर्तन किया है। उच्च शिक्षा के अतिरिक्त प्रारंभिक शिक्षा के तहत होने वाले डिप्लोमा, डिग्री व कोर्स में भी बदलाव किया है।। 15 डिग्री व डिप्लोमा की अवधि व पाठ्यक्रम परिवर्तित करने पर राय दी गई है। एनसीटीई ने सभी बीएड महाविद्यालयों में समानता लाने के लिए जहां स्नातक के बाद बीएड डिग्री दो साल, वहीं जमा दो के बाद चार साल बीएड डिग्री शुरू करने का प्रावधान करने को भी आदेश दिए है। इससे पूर्व एनसीटीई ने संबधित राज्य सरकारों की भी राय मांगी गई है। एससीईआरटी, प्रदेश के 12 जिला प्रशिक्षण शिक्षण संस्थानों, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय व स्कूल शिक्षा बोर्ड से राय लेने के बाद विभाग ने सिफारिशें सरकार को सौंपी है।

2016 से बैठेगा पहला बैच
एनसीटीई के निर्देशानुसार यदि प्रदेश में बीएड डिग्री की अवधि में परिवर्तन करने पर राय बनती है तो नई व्यवस्था के मुताबिक वर्ष 2016-17 में पहला बैच बैठेगा। इसमें इस तरह का प्रावधान होगा कि स्नातक के बाद बीएड की डिग्री दो साल की होगी। जमा दो के बाद स्नातक करने की बजाय सीधे एजूकेशन की डिग्री लेने की इच्छा रखने वाले छात्र बीएड में दाखिला ले सकेंगे। चार साल के इंटीग्रेटिड कोर्स में 8 सेमेस्टर होंगे। इसे छह साल तक पूरा करने की छूट होगी।

जेबीटी नहीं, अब होगा डीएलएड
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के नए नियमों के मुताबिक देश के सभी राज्यों में प्रारंभिक शिक्षा के डिग्री व डिप्लोमा में भी समरूपता लाने के लिए अब जेबीटी नहीं बल्कि डीएलएड यानि प्रारंभिक शिक्षा का डिप्लोमा होगा। प्रदेश में भी इन्हीं नियमों के मुताबिक शिक्षक प्रशिक्षण में बदलाव किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त परफोरमेंस आर्ट, विजुअल आर्ट व पेंटिंग में भी डिप्लोमा करने का प्रावधान दिया गया है। एनसीटीई के मुताबिक उक्त सभी कोर्स के डिप्लोमा प्रदेश को करवाने होंगे।

विभाग ने एनसीटीई के नॉर्मस-2014 के मुताबिक हिमाचल में टीचर एजूकेशन शुरू करने को सरकार को सिफारिशें भेज दी है। जिस पर अब सरकार निर्णय लेकर एनसीटीई को सौंपेगी।
- मोहर सिंह, संयुक्त निदेशक, उच्च शिक्षा।

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