PHONE : +91-011-23626019
+91-011-43785678
(M) 09811186005,09873388468
09911186005
Email : crimehilore@gmail.com ,
editor.crimehilore@gmail.com


Breaking News
पड़ोसी राज्यों में पराली जलने से बढ़ने लगा है प्रदूषण

पड़ोसी राज्यों में पराली जलने से बढ़ने लगा है प्रदूषण

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में प्रदूषण बढ़ना शुरू हो गया है। सीएम ने कहा कि पिछले 8-10 माह से दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम था लेकिन पड़ोसी राज्यों में पराली जलने से प्रदूषण बढ़ने लगा। दिल्ली के आस-पास के राज्यों में पराली जलाई जा रही है। इस वजह से दिल्ली गैस चैंबर बन रहा है। सीएम की ओर से एक व्यापक पराली और शीतकालीन कार्य योजना बनाई गई। इसी के तहत ऑड-ईवन योजना की घोषणा की गई है। ऑड-ईवन योजना के तहत, सरकार सम विषम नंबर के वाहनों के उपयोग का दिन तय की है। सम तिथि के दिन सम नंबर वाले वाहन व विषम तिथि के दिन विषम नंबर वाले वाहन चलेंगे। यह कदम उस अवधि में हवा में वाहनों के उत्सर्जन को सीमित करने के उद्देश्य है । दिल्ली वर्षों से पराली के कारण आने वाले धुएं का सामना कर रही है।

*किसी की रिपोर्ट को गलत नहीं बता रहा लेकिन व पहले की हैं; सिर्फ दिल्ली के लोगों को दोष देना ठीक नहीं है; हमारा अपना प्रदूषण 25 % कम भी दिल्ली के लोगों ने ही किया है : CM*

सीएम ने कहा प्रदूषण पर विशेषज्ञों की इज्जत करता हूं। मैं खूद इंजीनियर हूं। मैं किसी रिपोर्ट को गलत नहीं बता रहा हूं। मैं बस यह कह रहा हूं कि वह रिपोर्ट अलग अलग समय की है। कोई जून 2015 की रिपोर्ट बता रहा हैं। मेरे पास अगस्त 2018 का डाटा है। इसमें लिखा है कि सर्दी में 36 प्रतिशत प्रदूषण अपना है। गर्मी में यह 26 प्रतिशत हो जाता है। मैं यह कह रहा हूं कि पुरानी रिपोर्ट पर आज का आंकलन नहीं कर सकते। आज कोई एजेंसी नहीं बता सकती कि अभी दिल्ली में किन किन कारणों से कितना प्रदूषण हैं, यह कोई नहीं बता सकता। दिल्ली में आज अपना व बाहर का भी प्रदूषण है, लेकिन किसका कितना है, यह बता पाना संभव नहीं है। पिछले सप्ताह ही एक एजेंसी ने बताया पराली से 1 प्रतिशत है। दूसरी एजेंसी ने कहा 10 प्रतिशत है। दोनों में जब दस गुना का अंतर तो यह विज्ञान कहा हैं। मैं किसी के डाटा को गलत या सही नहीं बता रहा हूं। मैं इतना कह रहा हूं कि दिल्ली में प्रदूषण बाहर से भी है। इसे कोई इंकार नहीं कर रहा । जब तक इसपर रोक नहीं लगेगी, दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त नहीं कर सकते । दिल्ली के लोगों ने बहुत कठोर क़दमों का स्वागत किया है, बहुत मेहनत की है जिससे पिछले 4 सालों में प्रदूषण 25 फीसदी कम हुआ है। हम इससे संतुष्ट नहीं है, हमें इसे और भी कम करना है। लेकिन पूरे देश में दिल्ली ऐसा अकेला शहर है जहाँ प्रदूषण घटने लगा है। दिल्ली के लोग बधाई के पात्र है. सिर्फ दिल्ली के लोगों को दोष देना जायज़ नहीं हो सकता। जितनी शिद्द्त से दिल्ली के प्रदूषण पर चर्चा होती है, उतनी शिद्द्त से दिल्ली के बाहर से आनेवाले प्रदूषण को रोकने के जरूरत है, जो आज नहीं किया जा रहा है और इसका खामियाजा दिल्ली के लोग भुगत रहे हैं। हमारी साँसें हैं, हमारी जिंदगी है, हम अपनी तरफ से कई चीज़ें कर रहे हैं और करेंगे, लेकिन जब तक बाहर से आनेवाले पराली जलाने वाले प्रदूषण को नहीं रोक जाएगा, तब तक इस समस्या का हल हम नहीं निकाल पाएंगे।

*1 अप्रैल 2020 से 4 घंटे के अंतराल में बता सकेंगे प्रदूषण के कारण*

दिल्ली में रियल टाइम सोर्स अपोरशंमेंट, जिससे की ये पता लगे की आज इस समय प्रदूषण किन कारणों से हो रहा है इसका न कोई डेटा है न इसे नाँपने का तरीका. लेकिन हम इस पर काम कर रहे हैं। दिल्ली सरकार ने वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से टाइअप किया। 1 मार्च 2019 को सेटअप किया। एक साल से यह अध्ययन कर रहे हैं। 1 अप्रैल 2020 से हम चार घंटे के अंतराल में बताने की स्थिति में होंगे कि किस कारण कितना प्रदूषण है। मशीनें आ चुकी हैं। इंडिया गेट के पास डीटीसीसी के दफ्तर के पास वह अध्ययन कर रही हैं।

*दफ्तर टाइमिंग पर चल रही बात*

सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि ऑड-ईवन के दौरान सार्वजनिक वाहनों पर एक समय दबाव न बने इसके लिए दफ्तरों के समय बदलने पर विशेषज्ञों से बात चल रही है। एक एजेंसी इसपर काम कर रही है। जल्द ही इसपर निर्णय होगा।

*कार पूलिंग को बढ़ावा देने की अपील*

सीएम ने कहा कि ऑड इवन के दौरान कार पूलिंग को बढ़ावा दें। दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ कार पूलिंग करें। इससे प्रदूषण भी कम होगा और रिश्ते भी ठीक होंगे।

ShareShare on Google+0Pin on Pinterest0Share on LinkedIn0Share on Reddit0Share on TumblrTweet about this on Twitter0Share on Facebook0Print this pageEmail this to someone

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*


You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>