December 2, 2022

पुलिस व निगम में शिकायत के बावजूद कन्टेनमेंट जोन पहाड़गंज-नबी करीम में बिल्डर माफिया कर रहा है धडल्ले से अवैध निर्माण

क्राइम हिलोरे न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली। पहाड़गंज के नबी करीम मुल्तानी डांढ़ा में राष्ट्रीय आपदा के तहत कन्टेनमेंट क्षेत्र घोषित किया हुआ है। यहाँ घरों से निकलना अथवा किसी प्रकार के निर्माण की अनुमति अथवा दुकानें खोलने की इतज़ात कानून के अनुसार नहीं है। लेकिन ट्रांसफर आदेश के बाद भी यहाँ के स्थानीय थानाध्यक्ष रामनिवास शायद इसलिए यहाँ जमें बैठे हैं की जो डील बिल्डर माफिया से हो गयी है जाते जाते उसको तो बटोरते चले शायद इसलिए उन्होंने पहली बार जब मकान नंबर – 9369 मुल्तानी ढांड़ा की 8 नंबर गली में अवैध निर्माण की शिकायत पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से लॉकडाउन में किये जाने की मिली तो स्थानीय पुलिस ने मशीन को जब्त करके सील करने का नाटक कर दिया। किन्तु बिल्डर पर कोई कार्रवाई आज तक नहीं की यह बड़ा प्रशन थानाध्यक्ष की इस निर्माण को कराने में दिलचस्पी का प्रत्यक्ष प्रमाण है। गौरतलब है कि इस अवैध निर्माण की ऑनलाइन शिकायत उत्तरी दिल्ली नगर निगम में भी पंजीकृत हुई थी। लेकिन स्थानीय कनिष्ठ अभियंता पंकज और सहायक अभियंता महेश चंद्रा के संरक्षण में हो रहे इस निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तो दूर की बात रही अब कन्टेनमेंट जोन होने के बाद मशीन जो डीजल से चलती है उससे दूसरा लेंटर डाला गया लेकिन पुलिस और निगम अधिकारी आँख बंद करके बैठे रहे। मजेदार बात यह रही की कन्टेनमेंट ज़ोन होने के कारण यहाँ बाहर से कोई नहीं आ सकता जबकि रोड़ी,बदरपुर और सीमेंट की भरी गाड़ियां यहाँ पुलिस और निगम के संरक्षण के धडल्ले से आती जाती रही। पूरा दिन लेंटर डालने का काम चलता रहा लेकिन किसी ने पिछली शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई करना उचित नहीं समझा लगता है सुविधा शुल्क के रूप में मिले माल के चलते इन अधिकारियों को कर्तव्य और कार्रवाई की याद ही नहीं आयी हो ! सूत्रों से मिली जानकरी के अनुसार पुलिस को मीडिया में खबर लीक होने का अंदेशा हो गया तो रात में आनन फानन में पुलिस ने 107 /51 का कलंदरा डी पी एक्ट में बिल्डर के खिलाफ दर्ज़ किया किन्तु मकान मालिक व ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं की जबकि इनपर आपदा प्रबंध के नियम 188 के अंतर्गत कार्रवाई होनी चाहिए थी। इस कार्यशैली से स्पष्ट हो जाता है कि पुलिस बिल्ड़र को किस कदर बचाने में अधिक दिलचस्पी ले रही है। गौरतलब है कि स्थानीय थानध्यक्ष की का ट्रांसफर के बाद यहाँ जमें रहना,शिकायत के बाद पुलिस द्वारा बिल्डर के खिलाफ केस दर्ज़ नहीं करना,निगम अधिकारियों द्वारा अवैध निर्माण को बुक अथवा गिराने या सील करने की कार्रवाई नहीं करना,राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के बावजूद बिल्डिंग मेटेरियल का कंस्ट्रक्शन साईट पर गाड़ियों से लेकर आना,बीट अफसरों का कंस्ट्रक्शन के दिन गायब रहना,शाम को डिजास्टर एक्ट,एन जी टी एक्ट,प्रदूषण एक्ट की बजाय महज 107 /51 डी पी एक्ट में कलंदरा दर्ज़ करके खानापूर्ति करना यह सब पुरे संगठित बिल्डर्स,पुलिस और निगम की मिलीभगत को साफ उजागर करते हैं अब देखना होगा की कब निगम,पुलिस और दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा अपने अपने कर्तव्य कब और कैसे निभाती है और बिल्डर्स व दोषी अधिकारियों को कब और क्या सजा मिलती है यह तो आने वाले समय में तय होगा लेकिन अब भी पहाड़गंज में अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर चल रहा है।

*क्या कहते हैं सहायक पुलिस आयुक्त*

इस अवैध निर्माण व शिकायत के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए पहाड़गंज डिवीजन के सहायक पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश लेखवाल ने बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार डी पी एक्ट में केस दर्ज़ किया गया है। बिल्डर के खिलाफ आगे की कार्रवाई चल रही है। आगे जो भी तफ्तीश में सामने आएगा कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई पुलिस कर्मी दोषी होगा तो उसके खिलाफ भी एक्शन लिया जायेगा। कानून का पालन करना हमारा कर्तव्य है। किसी भी सूरत में कोई अवैध गतिविधि क्षेत्र में नहीं होने दी जाएगी।

*क्या कहते हैं जूनियर इंजिनियर पंकज*

इस अवैध निर्माण पर कार्रवाई के बारे में जब कनिष्ठ अभियंता पंकज से फोन पर जानकारी लेने का प्रयास किया तो लाख कोशिशों के बावजूद उनका फ़ोन बंद आ रहा है अथवा उन्होंने फोन नहीं उठाया। शायद इस मामले में कैसे लीपापोती की जाये इसकी योजना पर काम कर रहे हो इसलिए फोन उठाने की जहमत नहीं उठायी हो। ऐसे कई सवाल के जवाब मिलने बाकि हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.


Previous post कोविड-19 पर अपडेट : संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 4 लाख से अधिक
Next post कोरोना को हराने जागरूकता व सेवा कार्यक्रम : सवर्ण महासंघ फाउंडेशन