November 26, 2022

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार गरीबों के लिए बड़ी राहत,80 करोड़ से अधिक गरीबों को मिलेगा लाभ – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

(MP)शहडोल – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के विस्तार से कोरोना के संकटकाल में गरीबों की मुश्किलें दूर होंगी तथा उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। यह योजना 30 जून तक लागू की गई थी जिसके अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा गरीबों को नि:शुल्क राशन प्रदाय किया जा रहा है। अब यह योजना नवम्बर माह तक के लिए बढ़ा दी गई है। योजना के अंतर्गत देश के 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को लाभ मिलेगा। इस योजना के विस्तार पर 90 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा खर्च होंगे। योजना के अंतर्गत गरीबों को हर माह 05 किलो गेहूं या चावल नि:शुल्क मिलेगा, साथ ही एक किलो चना भी दिया जाएगा।

चंबल क्षेत्र में कोरोना के नियंत्रण के लिए कमर कसें अधिकारी मध्यप्रदेश का रिकवरी रेट 76.5 प्रतिशत हुआ मुख्यमंत्री चौहान ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के चंबल क्षेत्र में कोरोना के नियंत्रण के लिए जिला कलेक्टरों सहित प्रभारी अधिकारियों से सजग रहकर समस्या बढ़ने के पूर्व ही नियंत्रण के प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूरे प्रदेश में एक जुलाई से प्रारम्भ हो रहे ‘किल कोरोना अभियान’ का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुरैना जिले में कोरोना की समीक्षा करते हुए कहा कि एहतियातन लगाये गये कर्फ्यू को जारी रखा जाए। कमर कसकर रोग नियंत्रण का कार्य हो। मुरैना जिले के प्रभारी अधिकारी प्रमुख सचिव श्री मलय श्रीवास्तव को उन्होंने स्थिति पर निरंतर निगाह रखने को कहा। सोमवार को मुरैना में 59 पॉजीटिव प्रकरण आने की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चिंता व्यक्त की और मुरैना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रभारी अधिकारी श्री मलय श्रीवास्तव ने बताया कि एक जुलाई से प्रारंभ होने वाले किल-कोरोना अभियान में मुरैना की घनी बस्तियों को भी कवर किया जाएगा।

अब पूरी तरह समाप्त करेंगे कोरोना को

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पिछले तीन माह में सभी के मिले-जुले प्रयासों से हम कोरोना को काफी हद तक नियंत्रित करने में सफल रहे है। कोरोना नियंत्रण की दिशा में मध्यप्रदेश देश के अन्य राज्यों के लिये उदाहरण बना है। मध्यप्रदेश की गतिविधियों को हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी सराहा है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अगले चरण में प्रदेश को कोरोना से पूर्ण मुक्ति दिलाने के लिये ‘किल कोरोना’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अभियान में सहभागी बनने का आव्हान किया।
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद श्री सुलेमान ने बताया कि मुरैना में रोगियों के लिए पर्याप्त बेड उपलब्ध हैं। संदिग्ध रोगियों को क्वॉरेंटाइन किए जाने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। बाहरी व्यक्तियों के आने से पॉजिटिव प्रकरण आए हैं। कर्फ्यू जारी रहने से सुधार परिलक्षित होगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सभी प्रभारी अधिकारी अपने प्रभार के क्षेत्रों की नियमित जानकारी प्राप्त कर किए जा रहे प्रयासों की सतत समीक्षा करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि फीवर क्लीनिक पूरी क्षमता से कार्य करें। बुधवार से प्रारंभ होने वाले डोर टू डोर सर्वे में नागरिकों को रोग के लक्षणों के आधार पर आवश्यक उपचार और मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया जाए।
वीडियों कान्फ्रेंस और समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश कोरोना के नियंत्रण में अन्य प्रदेशों से बेहतर स्थिति में है। प्रदेश में ग्रोथ रेट 1.46 प्रतिशत है जो देश के औसत ग्रोथ रेट से 3.68 से आधे से भी काफी कम है। प्रदेश का रिकवरी रेट 76.5 प्रतिशत है जो प्रथम स्थान (राजस्थान) के 77.1 से थोड़ा ही कम है। प्रदेश में टेस्टिंग सुविधा विकसित होने के फलस्वरूप वायरस नियंत्रण में अच्छी सफलता मिली है। गत 24 घंटे में 9 हजार 855 टेस्ट किए गए हैं। इनमें मात्र 223 पॉजीटिव केस मिले हैं। वीडियो कान्फ्रेंस में यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में मेडीकल कॉलेज में भी रिकवरी रेट काफी बेहतर हुआ। जबलपुर, इन्दौर, रतलाम, खंडवा मेडीकल कॉलेज सहित भोपाल के चिरायु मेडीकल कॉलेज में रिकवरी रेट 80 प्रतिशत और उससे अधिक है। इस समय प्रदेश में 1106 कंटेंटमेंट क्षेत्र हैं।
बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री फैज अहमद किदवई भी उपस्थित थे।

वन महोत्सव को बनाएं जन-आन्दोलन : मुख्यमंत्री चौहान

पौधारोपण के साथ ही पौधों की सुरक्षा भी करें

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वन महोत्सव के अवसर पर शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जनसाधारण में पौधरोपण के प्रति जागरूकता लाने के लिए प्रति वर्ष वन महोत्सव मनाया जाता रहा है। प्रदेश की वन नीति का मुख्य आधार वनों के बेहतर प्रबंधन से पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय ग्राम समुदाय को रोजगार उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन प्रबंधन में ग्रामीणों की सहभागिता को अधिक व्यावहारिक और पारदर्शी बनाने के लिए संयुक्त वन प्रबंधन को अपनाया गया है। प्रदेश की पर्यावरणीय सुरक्षा एवं जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए गैर वन भूमियों पर अधिकाधिक वृक्षारोपण करके हरित आवरण को बढ़ाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हरे आवरण में वृद्धि के लिये कृषकों की भूमियों पर पौधारोपण के लिए प्रदेश में राज्य बांस मिशन एवं ग्रीन इंडिया मिशन द्वारा योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं की सफलता एवं प्रदेश को हरा-भरा बनाने में जनसाधारण की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता है। मिशन में योजनाएं संचालित कर किसानों को निजी भूमि पर वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करें, जिससे प्रदेश का वनाच्छादन भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेशवासियों से आव्हान किया कि वन महोत्सव को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए पौधारोपण के साथ ही पौधों की सुरक्षा भी करें। पौधरोपण के लिए निकट की वन रोपणी से संपर्क कर तकनीकी मार्गदर्शन तथा पौधे प्राप्त किए जा सकते हैं।

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