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प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल डॉक्टरों की सलाह पर किया जा सकता है- सत्येंद्र जैन

प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल डॉक्टरों की सलाह पर किया जा सकता है- सत्येंद्र जैन

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने वैक्सीनेशन पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि दिल्ली में 18 से 44 आयु वर्ग के लिए कोवैक्सीन की डोज खत्म हो चुकी है और कोवीशील्ड की करीब दो दिन की बची है। केंद्र सरकार से अभी तक वैक्सीन उपलब्ध कराने को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिला है, लेकिन हमें जल्द वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अगर हम दूसरी कंपनियों से फार्मूला साझा करते हैं, तो बड़े पैमाने पर वैक्सीन बना सकते हैं। भारत के पास रोजाना एक करोड़ वैक्सीन उत्पादन की क्षमता है। दिल्ली में संक्रमण दर घट कर अब 6.89 फीसद पहुंच गई है। हम जल्द से जल्द इसे 2 फीसद से नीचे लाना चाहते हैं और दिल्ली को कोरोना मुक्त कराना हमारा आखिरी लक्ष्य है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बड़ों के साथ बच्चों को बचाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों को सीधे दवा उपलब्ध कराने के लिए हमने एक लाख दवाओं की मांग की है।

दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्री सत्येंद्र जैन ने प्रेस कांफ्रेंस कर दिल्ली में कोरोना की मौजूदा स्थिति को लेकर कहा कि दिल्ली में कल (18) मई को कोरोना के 4482 मामले आए थे और संक्रमण दर 6.89 फीसद रही है। दिल्ली के अंदर 24 अप्रैल के बाद से मामले धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। दिल्ली में पहले कोरोना के मामले 1 दिन में 28 हजार तक आ रहे थे, जो अब छह हजार से नीचे होते-होते चार हजार के करीब पहुंच गए हैं।

उन्होंने कहा कि कोरना की संक्रमण दर को 2 फीसदी से कम पर लाने का लक्ष्य है। दिल्ली में जब अचानक केस बढ़े थे, तब संक्रमण दर एक से दो फीसदी के आसपास चल रही थी। इसके बाद संक्रमण दर अचानक बढ़कर 36 फीसदी तक पहुंच गई थी। दिल्ली में अब हालात पहले से बेहतर हैं। पांच फीसदी से अधिक संक्रमण दर को काफी खराब माना जाता है। अभी संक्रमण दर 6 फीसदी के आसपास है। दिल्ली सरकार का आखिरी लक्ष्य है कि दिल्ली में कोरोना का कोई भी मामला ना रहे। कोविड -19 के मामले जल्द से जल्द जीरो हो जाएं।

स्वास्थ्य मंत्री ने वैक्सीन को लेकर कहा कि दिल्ली में 18 से 44 आयु वर्ग के लिए कोवैक्सीन की डोज खत्म हो चुकी है और कोवीशील्ड की अभी लगभग 2 दिन की डोज बची हुई हैं। वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार से अभी कोई भरोसा नहीं मिला है। लेकिन हमें उम्मीद है कि वैक्सीन जल्द मिल जाएगी। उन्होंने वैक्सीन उत्पादन पर कहा कि हमारी जो भी मांग होती है, पहले उनका मजाक बनाकर नकारा जाता है। मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहले कहा था कि 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन लगानी चाहिए। इसके बाद एक सप्ताह तक विपक्षी पार्टियों के लोग कहते रहे कि ऐसा नहीं होना चाहिए। इसके बाद उन्होंने 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीनेशन करना शुरू कर दिया। उसके बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 18 से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन लगा दी जाए। इसके बाद उन्होंने कहा कि देश के अंदर वैक्सीन बनाने की तकनीकी है, अन्य कंपनियों के साथ उंसके फॉर्मूला साझा कर वैक्सीन बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। सत्येंद्र जैन ने कहा कि वैक्सीन के अंदर सबसे मुश्किल उसकी रिसर्च होती है। अगर रिसर्च करके हमने वैक्सीन बना ली तो उत्पादन की क्षमता हमारे देश में लगभग एक करोड़ वैक्सीन रोजाना की है। ऐसे में देश चाहे तो बड़े पैमाने पर वैक्सीन बना सकता है। साथ ही, अपने देश के लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों के लिए भी वैक्सीन बना सकता है। मैं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दिए गए बयान का स्वागत करता हूं।

सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार बच्चों को कोरोना से बचाने की तैयारी कर रही है। सरकार बच्चों के लिए भी और बड़े लोगों के लिए भी तैयारी कर रही है। कोरोना की दूसरी लहर अप्रत्याशित थी, किसी भी एजेंसी ने पहले नहीं कहा कि कोई भी लहर इतनी तेजी से दोबारा से आ सकती हैं। इस दौरान स्पष्ट किया कि प्लाजमा थेरेपी को कोरोना के इलाज की स्पेसिफिक थेरेपी नहीं कहा गया है। कोरोना का इलाज करने वाली जितनी भी दवाइयां चल रही हैं उनमें से कोई भी स्पेसिफिकली कोरोना का इलाज करने वाली दवाई नहीं है। ऐसी कोई दवाई नहीं है जिसके बारे में यह कहा जाए कि कोरोना इससे ठीक हो जाता है। जैसे कहते हैं कि बुखार उतारने के लिए पैरासिटामॉल की दवाई है। प्लाजमा थेरेपी विशेष तौर पर कोरोना का इलाज नहीं है, लेकिन डॉक्टर मरीज का इलाज करने पर इसकी मदद ले सकते हैं। यह डॉक्टर के ऊपर निर्भर करेगा कि प्लाज्मा थेरेपी की इलाज में मदद लेनी है या नहीं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली में करीब 27 हजार बेड में से 13 हजार बेड खाली हैं। आईसीयू के साढ़े छह हजार बेड़ में से 1200 बेड खाली हैं। दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से स्थिति लगातार बेहतर होती जा रही है। हम चाहते हैं कि दिल्ली में करोना के मामले ना आएं। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस का उपचार तय नियमों के मुताबिक किया जाता है। इसका पहले भी उपचार हो रहा था। ब्लैक फंगस का इलाज घर पर नहीं हो सकता है। ऐसे में कोशिश करेंगे कि उपचार की दवाएं अस्पतालों को सीधे मिलें। दवाइयों का पहले उत्पादन कम था। अब हमने दवाइयों की मांग की है कि हमें अधिक संख्या में इनकी डोज दी जाएं। हमने अभी एक लाख दवाओं की मांग की है।

सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के अंदर काफी ग्रामीण क्षेत्र हैं। इस बार देखने में आया कि पहली लहर के अंदर वहां पर काफी ज्यादा कोरोना के मामले नहीं थे जबकि इस बार काफी मामले आए हैं। इसीलिए दिल्ली सरकार ने सबसे ज्यादा जांच ग्रामीण क्षेत्रों की है। एक दिन में दस हजार से 12 हजार लोगों की जांच कर रहे थे। अब पिछले चार-पांच दिनों से स्थिति में काफी सुधार आया है अब वहां की संक्रमण दर काफी कम हो गई है।

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