December 3, 2022

बगैर अनुमति के दीवारों पर नारे लिखने पर होगा 1 हजार रूपए तक का जुर्माना कलेक्टर ने लागू किया शहडोल जिले में संपत्ति विरूपण अधिनियम

शहडोल -कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अषोक कुमार भार्गव द्वारा मध्यप्रदेष संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा 5 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2014-15 में चुनाव प्रचार के दौरान बगैर अनुमति के संपत्ति के विरूपण संबंधी आदेष जारी किए है। जारी आदेष में कलेक्टर ने कहा है कि निर्वाचन के दरौन विभिन्न राजनीतिक दलों एवं उनके अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार करने के लिए शासकीय एवं अषासकीय भवनों पर नारे लिखे जाते है, बैनर लगाए जाते है और पोस्टर लगाए जाते है तथा विद्युत एंव टेलीफोन के खंबों पर चुनाव प्रचार से संबंधी झण्डिया लगाई जाती है जिसके कारण शासकीय संपत्ति का स्वरूप विकृत हो जाता है। उन्होंने कहा है कि शहडोल जिले मंे त्रिस्तरीय पंचायती निर्वाचन के दौरान मध्यप्रदेष संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 पारित किया गया है। इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय कोई भी अपराध संज्ञेय होगा। इस अधिनियम में उल्लेख किया गया है कि कोई भी व्यक्ति जो संपत्ति के स्वामी के लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी संपत्ति को स्याही, खड़िया, रंग, या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित कर उसे विरूपित करेगा वह जुर्माने से जो 1 हजार रूपए तक के दण्ड से दण्डित होगा। कलेक्टर ने आदेष में कहा है कि चुनाव प्रचार के दौरान यदि विभिन्न राजनैतिक दलों अथवा चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा किसी शासकीय एवं अषासकीय भवन की दीवालों पर किसी भी प्रकार की नारे लिखकर विकृत किया जाता है, विद्युत एवं टेलीफोन पर झण्डिया लगाई जाती है अथवा ऐसे पोस्टर बैनर लगाकर शासकीय संपत्ति को विकृत किया जाता है तो ऐसे पोस्टर एवं बैनर हटाने के लिए तथा चुनावी नारे मिटाने के लिए प्रत्येक थाने में लाक संपत्ति सुरक्षा दस्ता गठित किया गया है। इस दस्ते में लेाक निर्माण विभाग के स्थायी गैंग के पर्याप्त संख्या में कर्मचारी पदस्थ रहेगें। यह लोक संपत्ति दस्ता टी.आई., थाना प्रभारी के सीधे देख-रेख में कार्य करेगा। इस दस्ते को सहयोग देने के लिए और स्थल पर जाकर कार्यवाही सुनिष्चित करने के लिए संबंधित थाने का एक सहायक उप निरीक्षक पुलिस मुख्यालय पटवारी एवं स्थानीय निकाय के एक कर्मचारी को ड्यूटी लगायी जावे। इस दस्ते को एक वाहन भी उपलब्ध कराये जाये जिस पर लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता का बैनर लगा होना चाहिए। लोक निर्माण द्वारा इस दस्ते को लोक संपत्ति को विरूपण से बचाने के लिए सभी आवष्यक सामग्री जैसे गेरू, चूना, कूची, बैस, एवं सीढ़ी आदि उपलब्ध करायी जाये। यह लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता निर्वाचन की संपत्ति तक टी.आई., थाना प्रभारी के सीधे देख रेख में अपने कार्यक्षेत्र में प्रतिदिन भ्रमण करते हुए लोक संपत्तियों को विरूपित होने से रोकेगा।
यदि किसी राजनैतिक दल या चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी द्वारा किसी निजी संपत्ति को बिना उसके स्वामी के लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है, तो निजी संपत्ति के स्वामी द्वारा संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद लोक संपत्ति सुरक्षा दस्ता निजी संपत्ति को विरूपित होने से बचाने की कार्यवाही करेगा एवं थाना प्रभारी संबंधित प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर विधिवत जांच कर सक्षम न्यायालय में चलान प्रस्तुत करेंगे।

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