PHONE : +91-011-23626019
(M) 09811186005
Email : crimehilore@gmail.com ,
editor.crimehilore@gmail.com


Breaking News
बला का दर्द है सायटिका

बला का दर्द है सायटिका

कमर से पैर तक की तरफ जाने वाले असहनीय दर्द को साइटिका कहते हैं वास्तव में साइटिका दर्द का नाम साइटिका नाम की नर्व से पड़ा है जो कि कमर से पैर की तरफ जाती है और कई छोटी नर्व के समूह के साथ मिलकर एक मोटी रस्सी जैसी हो जाती है वैसे तो साइटिका के दर्द की कई कारण है लेकिन में सबसे मुख्य कारण स्लिप डिस्क है हिली हुई डिस्क पैर में जाने वाली नर्व को दबाकर साइटिका दर्द पैदा करने लगती है इस दर्द का कारण मालूम हो जाने पर इससे छुटकारा पाया जाना आसान है

साइटिक traditional pin है जिसे हम पुराने जमाने से सुनते चले आ रहे हैं कमर से पैर की तरफ जाने वाले असहनीय दर्द को साइटिका कहते हैं दर्द के प्रभाव से व्यक्ति बिस्तर पकड़ लेता है साइटिका का नाम बहुत लोगों ने सुन रखा है लेकिन सही जानकारी नहीं होने के कारण परेशान रहते हैं साइटिका दर्द का नाम साइटिका नर्व के नाम से पड़ा है जोकि कमर से पैर की तरफ जाती है और कई छोटी नर्व के समूह के साथ मिलकर एक मोटी रस्सी जैसी हो जाती है यह सायटिका नर्व ठंडे गर्म के एहसास स्पर्श की संवेदनशीलता व दर्द तथा कूल्हे से पैर तक का दर्द का अनुभव स्पाइनल कार्ड द्वारा दिमाग तक पहुंच जाती है यह नर्व इस कदर नाजुक होती है कि इसकी मामूली सी अवहेलना होने पर भी कमर से पैरों तक का दर्द तेज उत्पन्न होने लगता है साथ ही पैर चलने की अनुभूति के साथ करंट लगने जैसी वेदना साथ-साथ कमजोरी होने की शुरुआत हो जाती है

वैसे तो साइटिका के दर्द के कई कारण होते हैं लेकिन में सबसे मुख्य कारण स्लिप डिस्क है इसमें हिली हुई disc के पैर में जाने वाली नसों को दबाकर साइटिका दर्द उत्पन्न करने लगती है इस नस पर दबाव पड़ने से कई और कारण भी हैं जैसे की नस का रीड की हड्डी के बाहर आने के रास्ते का सकरा हो जाना इसे चिकित्सीय भाषा में लंबर स्टेनोसिस कहा जाता है साइटिका का एक अन्य कारण यह भी है कि खून के दौरे की कमी हो जाती है उम्र बढ़ने के साथ-साथ पैरों में खून के दौरे में कमी आ जाना एक सामान्य प्रक्रिया है जिसे हम एथ्रोस्क्लेरोसिस कहते हैं यह मधुमेह के रोगियों को एवं विटामिन बी कांप्लेक्स की कमी के कारण भी हो सकता है कई बार बहुत सी दवाइयां भी अपने साइड इफेक्ट के फलस्वरूप इस दर्द को पैदा कर सकती है साइटिका दर्द के इलाज के लिए बहुत जरूरी है इसके सही कारण का पता लगाना इसकी विस्तृत डॉक्टरी जांच के बाद इलाज की कार्यशैली निर्धारित की जाती है इसकी जांच के लिए एम आर आई, ई एम जी, एनसीपी की जांच के कारण संभव हो गया है दर्द के कारण मालूम हो जाने पर उससे छुटकारा पाना आसान है वास्तव में स्लिप डिस्क अधिकतर युवा वर्ग को परेशान करती है आमतौर पर 30 से 45 वर्ष तक के युवा इसके ज्यादा शिकार होते हैं 80 फ़ीसदी मरीज बेड रेस्ट उचित दवाइयां सही पोस्चर सलाह व्यायाम फिजियोथेरेपी द्वारा ठीक हो जाते हैं स्लिप डिस्क के मरीजों कमर में पैर दर्द से पीड़ित हैं उनमें तो एंडोस्कोप कारगर है नियमित व्यायाम इस रोग में काफी लाभप्रद है परेशानी होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा आयुर्वेद पद्धति से साइटिका का इलाज संभव है

डॉ घनश्याम व्यास पूर्व अतिरिक्त निदेशक आयुर्वेद विभाग राजस्थान

ShareShare on Google+0Pin on Pinterest0Share on LinkedIn0Share on Reddit0Share on TumblrTweet about this on Twitter0Share on Facebook0Print this pageEmail this to someone

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*


You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>