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बाबा साहब डॉ. अंबेडकर का सपना था कि हर दलित बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए,मैंने कसम खाई है कि मैं बाबा साहब के सपने को पूरा करूंगा- अरविंद केजरीवाल

बाबा साहब डॉ. अंबेडकर का सपना था कि हर दलित बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए,मैंने कसम खाई है कि मैं बाबा साहब के सपने को पूरा करूंगा- अरविंद केजरीवाल

केजरीवाल सरकार ने त्यागराज स्टेडियम में भगवान वाल्मीकि के प्रकटोत्सव को बहुत धूमधाम के साथ मनाया। इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के स्कूलों से 12वीं में 90 फीसद से अधिक नंबर हासिल करने वाले दलित समाज के 22 मेधावी छात्रों को प्रमाण पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वाल्मीकि समाज के दो सबसे बड़े आदर्श भगवान वाल्मीकि और बाबा साहब डॉ. अंबडेकर हैं और दोनों ने शिक्षा को तबज्जो दी है। दोनों ने एक ही बात कही है कि अगर हमें तरक्की करनी है, तो तरक्की का रास्ता केवल शिक्षा से निकलेगा। बाबा साहब डॉ. अंबेडकर का सपना था कि हर दलित बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन 70 साल में वह सपना पूरा नहीं हुआ। मैंने कसम खाई है कि मैं बाबा साहब के सपने को पूरा करूंगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज यही सबसे बड़ी देशभक्ति है कि सभी लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उन्हें लायक बना दो, भारत महान देश बन जाएगा। पहले सरकारी स्कूलों में पढ़ाई खराब होती थी, लेकिन अब दिल्ली के सरकारी स्कूल बहुत अच्छे और शानदार हो गए हैं। हमने बच्चे के पैदा होने से लेकर उपर तक की पढाई का सारा इंतजाम कर दिया है। ऐसा करने वाली दिल्ली सरकार देश की इकलौती सरकार है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में भगवान वाल्मीकि के प्रकटोत्सव को बहुत ही भव्य तरीके से धूमधाम के साथ मनाया। इस दौरान प्रतिभा सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के स्कूलों से 12वीं में 90 फीसद से अधिक नंबर हासिल करने वाले दलित समाज के 22 मेधावी छात्रों को प्रमाण पत्र और शील्ड देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दीप प्रज्वलित कर वाल्मीकि प्रकटोत्सव समारोह की शुरूआत की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम, दिल्ली विधानसभा के डिप्टी स्पीकर राखी बिड़लान समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी दीप प्रज्वलित किया और सभी ने भगवान वाल्मीकि के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। सीएम अरविंद केजरीवाल ने श्री कृष्ण शाह विद्यार्थी महाराज और मां भवानी को शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस समारोह को मंदिर मार्ग स्थित वाल्मीकि मंदिर के महंत पीठसीन मंडलेश्वर श्री कृष्ण शाह विद्यार्थी जी महाराज, कोंडली से ‘आप’ विधायक कुलदीप कुमार, कला संस्कृति एवं भाषा विभाग के प्रमुख सचिव विक्रम देव, वाल्मीकि योगाश्रम जलांधर पंजाब के महंत एवं राष्ट्रीय वाल्मीकि समाज धर्मगुरु महामंडलेश्वर बालयोगी बाबा प्रकटनाथ महाराज समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

*आज एक बहुत स्वस्थ परंपरा की शुरूआत हुई है, अब हर वर्ष भगवान वाल्मीकि का प्रकटोत्सव को भव्य तरीके से मनाया जाएगा- अरविंद केजरीवाल

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज दिल खुश हो गया। आज एक बहुत स्वस्थ परंपरा की शुरूआत हुई है। हर साल दिल्ली में भगवान वाल्मीकि का प्रकटोत्सव तो धूमधाम से मनाया जाता था, लेकिन दिल्ली सरकार दिल्ली के लोगों के साथ मिलकर इतने भव्य तरीके से आज पहली बार भगवान वाल्मीकि का प्रकटोत्सव मना रही है। दिल्ली के कोने-कोने से लोग यहां आए हुए हैं। अपना आशीर्वाद देने के लिए संतगण आए हुए हैं। यह आज एक स्वस्थ परंपरा की शुरूआत है और अगले साल से हर वर्ष इस कार्यक्रम को इसी तरह से मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम को मनाने का इससे अच्छा तरीका और क्या हो सकता है कि हम उस महान कवि के प्रकटोत्सव पर आज हमने अपने उन बच्चों को सम्मानित किया, जो बच्चे पढ़ाई में 90 फीसद से अधिक नंबर लेकर आए हैं। यह अपने आप में अनोखी बात है।

*पहले सरकारी स्कूलों में कोई अपने बच्चों को भेजना नहीं चाहता था, आज सरकारी स्कूलों के बच्चे 90 फीसद से अधिक नंबर ला रहे- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों में कोई अपने बच्चों को भेजना नहीं चाहता था। आज सरकारी स्कूलों के बच्चे 90 फीसद से अधिक नंबर लेकर आ रहे हैं। एक-एक बच्चे से मैने बात की। 90 फीसद से अधिक नंबर लाने वाले बच्चों में कोई ऑटो चालक का बच्चा है, कोई मजदूर का बच्चा है। गरीब से गरीब परिवारों से आने वाले बच्चे आज 90 फीसद से अधिक नंबर लेकर आए। अब उनकी आंखों में चमक है और सपना है। इनमें से कई बच्चे आईएएस अफसर बनना चाहते हैं। एक लड़की ने बताया कि वह एयर होस्टेज बनना चाहती है। एक लड़का डॉक्टर बनना चाहता है। कई सारे बच्चे शिक्षक बनना चाहते हैं। सबकी आंखों में सपने हैं। भगवान वाल्मीकि के प्रकटोत्सव को मनाने का इससे अच्छा तरीका और क्या हो सकता था। भगवान वाल्मीकि मुझे लगता है इस ब्रह्मांड में जितने इस पृथ्वी के उपर प्राणी पैदा हुए हैं, उनमें से सबसे ज्यादा ज्ञानी महर्षि वाल्मीकि थे।

*महर्षि वाल्मीकि ने पूरी दुनिया को भगवान राम के बारे में बताया- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस ब्रह्मांड के उपर संस्कृति का सबसे पहला श्लोक महर्षि वाल्मीकि ने लिखा। संस्कृति का पहला काव्य ग्रंथ रामायाण, जिसे महाकाव्य और आदिकाव्य कहा गया है, उसको महर्षि वाल्मीकि ने लिखा। भगवान राम के दोनों बच्चों को शिक्षा देना कोई हंसी-खेल नहीं था। भगवान राम के दोनों बच्चों लव-कुश को महर्षि वाल्मीकि ने शिक्षा दी। वो इतने महान ज्ञानी व्यक्ति थे। आप सोचकर देंखें कि अगर वो रामायण नहीं लिखते, तो क्या हमें भगवान रामचंद्र जी के बारे में पता चल सकता था। हमें भगवान राम के बारे में कौन बताता? महर्षि वाल्मीकि का सबसे बड़ा यह है कि उन्होंने पूरी दुनिया और पूरी इंसानियत को भगवान राम के बारे में बताया, उनकी पूरी कहानी बताई। ऐसे महान ऋषि भगवान वाल्मीकि के हम सब लोग अनुयायी हैं। वाल्मीकि समाज के दो सबसे बड़े आदर्श भगवान वाल्मीकि और बाबा साहब डॉ. अंबडेकर हैं। दोनों ने ही सबसे ज्यादा तबज्जो शिक्षा को दी है। महर्षि वाल्मीकि ने तीन संदेश नारी सम्मान, पढ़ाई और करुणा दिए हैं। उन तीनों संदेशों में उन्होंने पढ़ाई पर सबसे ज्यादा बात कही है। बाबा साहब डॉ. अंबेडकर बहुत ही गरीब परिवार में पैदा हुए थे। मैं जितनी बार भी उनकी जीवनी पढ़ता हूं, उनके उपर इतनी फिल्में बनी हैं। जितनी बार उनकी फिल्में देखता हूं, मैं समझता हूं कि वे बहुत ही महान व्यक्ति थे। उन्होंने अपने जीवन में बहुत ही संघर्ष किया। मैं बार-बार यह बात कहता हूं और आज फिर दोहरा रहा हूं कि आज हम 21वीं सदी में रह रहे हैं। आज 21वीं सदी के अंदर अगर आपको अमेरिका से डिग्री लेनी है, तो आसान नहीं है। अमेरिका से डॉक्टरेट और पीएचडी करना आज के जमाने में आसान नहीं है। उन्होंने एक नहीं, दो-दो डिग्री विदेशों की। बाबा साहब ने एक डिग्री अमेरिका से ली और दूसरी इंग्लैंड से ली। जब वे इंग्लैंड से डिग्री ले रहे थे, तब उनके पैसे खत्म हो गए थे, तो उनको बीच में डिग्री छोड़कर वापस आना पड़ा। इसके बाद डिग्री पूरा करने के लिए वे दोबारा इंग्लैंड गए। ऐसे महान व्यक्तियों के अनुयायी होकर अगर हम लोग अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा न दें, अगर हम कम पढ़े लिखे रह जाएं, तो यह ठीक बात नहीं है।

*अपने बच्चों से काम मत कराओ, उनको स्कूल भेजो, अच्छी पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी सभी माता-पिता की- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज मैं आप सभी से वोट या पैसे नहीं मांगने आया हूं, लेकिन एक वचन अवश्य मांग रहा हूं कि कुछ भी हो जाए, सारे लोग अपने बच्चांे को अच्छी से अच्छी शिक्षा दो। हमें अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देनी है। आज सबसे बड़ी देशभक्ति यही है कि सभी लोग अपने-अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे दो, अपने-अपने बच्चों को लायक बना दो, भारत महान देश बन जाएगा। यह बच्चे ही हमारा भविष्य हैं। भारत आगे कैसे बढ़ेगा? सबके बच्चे अच्छे हो गए, तो भारत आच्छा हो गया। अभी तक हमें समस्या थी। समस्या यह थी कि हम सब लोग गरीब हैं। दलित समाज गरीब है, वाल्मीकि समाज गरीब है। हम अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों मंें नहीं पढ़ा सकते थे। प्राइवेट स्कूलों में फीस अनाप-सनाप है। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई खराब होती थी। अब यह बहाना नहीं है। अब सरकारी स्कूल बहुत अच्छे और शानदार हो गए हैं। उन्हीं सरकारी स्कूलों से निकल कर यह 22 बच्चे आए हैं, जिनके 90 फीसद से अधिक अंक आए हैं। दो चीजे हैं। पहला- अगर आप अपने बच्चे से बचपन में कहीं काम करा रहे हैं, तो इससे बड़ा कोई पाप नहीं है। आप अपने बच्चे से काम मत कराओ और उसको स्कूल भेजो। उसकी अच्छी पढ़ाई कराओ। दूसरा- अगर बच्चा शरारत करता है और पढ़ाई नहीं करता है, तो आप मा-बाप हो, जरूरत पड़े, तो उनके कान भी पकड़ना। मेरे मां-बाप ने भी कान पकड़े थे। अच्छी पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी सभी माता-पिता की है। हमें यह सुनिश्चित करना पड़ेगा।

*हमने दिल्ली के अंदर आपके बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा की पूरी व्यवस्था कर दी है- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमने दिल्ली के अंदर आपके बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा की पूरी व्यवस्था कर दी है। 12वीं कक्षा तक सरकारी स्कूल है, जहां शानदार पढ़ाई होती है। आप सभी को जानकर यह आश्चर्य होगा कि इस साल ढाई लाख बच्चे प्राइवेट स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में आए हैं। 12वीं करने के बाद आपका बच्चा अगर डॉक्टर, इंजीनियर आईएएस, आईपीएस या किसी भी क्षेत्र में जाना चाहता है, उसे कोचिंग करनी पड़ती है। आजकल कोचिंग बहुत महंगी हो गई है। एक-एक कोचिंग में तीन-चार लाख रुपए लेते हैं। इसलिए हमारी सरकार ने स्कीम बनाई है कि आप कोचिंग इंस्टीट्यूट में एडमिशन ले लो और उसका सारा पैसा हम देंगे। ऐसा करने वाली पूरे देश में हमारी अकेली सरकार है। पैदा होने से लेकर उपर तक की पढाई का इंतजाम हमने कर दिया है। आप अपने बच्चे को डॉक्टर, इंजीनियर आईएएस, आईपीएस या कुछ भी बनाना चाहते हैं, आप अपने बच्चे को कोचिंग में एडमिशन दिलाओ, उसका सारा खर्चा हम देंगे। जब बच्चा कॉलेज में जाएगा, तो हम आपके बच्चे को 10 लाख रुपए तक का लोन देते हैं। इसके बदले कुछ भी गिरवी नहीं रखने हैं। सरकार आपके बच्चे की गारंटी देती है कि यह यह बच्चा बड़ा होकर लोन वापस नहीं करेगा, तो सरकार वापस करेगी। ग्रैजुएशन के बाद अगर आपका बच्चा बाबा साहब डॉ. अंबेडकर की तरफ अमेरिका या इंग्लैंड जाकर डॉक्टरेट, पीएचडी, एमटेक, पोस्ट ग्रैजुएशन करना चाहता है, तो आपको बाबा साहब अंबेडकर के जितना संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। उसका सारा खर्चा दिल्ली सरकार देगी। आप पूरी दुनिया के अच्छे से अच्छे यूनिवर्सिटी में अपने बच्चे को पढ़ाओ, विदेशों में अपने बच्चों को पढ़ाओ। विदेशों में आपके बच्चे को पढ़ाने का खर्चा दिल्ली सरकार देगी। बाबा साहब अंबेडकर और भगवान वाल्मीकि ने एक ही बात कही है कि अगर हमें तरक्की करनी है, तो तरक्की का रास्ता केवल और केवल शिक्षा से निकलेगा। बिना शिक्षा के तरक्की का रास्ता नहीं निकल सकता। बाबा साहब अंबेडकर का सपना था कि हर दलित बच्चे को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए। 70 साल के अंदर वह सपना पूरा नहीं हुआ। मैंने कसम खाई है, बाबा साहब अंबेडकर का सपना मैं पूरा करूंगा।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्योहारों का समय है। दीपावली और धनतेर समेत कई त्योहार आने वाले हैं। हम सब लोगों ने बड़ी मुश्किल से कोरोना पर काबू पाया है। आप सभी लोग धूमधाम से त्योहार मनाना, लेकिन बड़ी सावधानी के साथ त्योहार मनाना।

*मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित

महर्षि वाल्मीकि के प्रकटोत्सव कार्यक्रम के दौरान प्रतिभा सम्मान समारोह का भी आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के स्कूलों से 12वीं उत्तीर्ण करने वाले दलित समाज के 22 छात्रों को सर्टिफिकेट और शिल्ड देकर सम्मानित कर अपना आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सर्व प्रथम मेधावी छात्र अशीष को सम्मानित किया गया। आशीष ने 12वीं में 94.2 फीसद हासिल किए हैं। इसी तरह, आकांक्षा ने 92.2 फीसद, अंशु ने 91, आर्ची ने 95, आस्था ने 91.4, भावना ने 92.6, दीपिका ने 93.4, देवराज चौहान ने 92.4, धनजीव कुमार ने 91.2, हर्ष सूद ने 93, इशिका डागर ने 92.4, खुशी ने 93.2, कृतिका ने 95, कुनाल ने 94.2, मीनाक्षी ने 90, राधिका ने 91, रिया ने 94.8, सेजल ने 91.4, सीनिश ने 93.5, शिवानी ने 91.8, सिमरन ने 91.8,उन्नति ने 94.2 और विशाखा ने 12वीं में 94.6 फीसद अंक हासिल हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से सम्मानित होने वाले मेधावी छात्रों में लड़कियों की संख्या अधिक रही और अधिकांश छात्र गरीब परिवारों से संबंध रखते है।

*पहली बार महर्षि वाल्मीकि के प्रकटोत्सव का हुआ भव्य आयोजन

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार ने महर्षि वाल्मीकि का प्रकोत्सव भव्य तरीके से मनाकर दिल्ली में आज इतिहास रच दिया है। दिल्ली के इतिहास में यह पहला मौका था, जब दिल्ली सरकार ने दिल्लीवासियों के साथ मिलकर भगवान वाल्मीकि के प्रकटोत्सव को भव्य तरीके से मनाया है। साथ ही, पहली बार भगवान वाल्मीकि के प्रकटोत्सव के अवसर पर दलित समाज के मेधावी छात्रों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। इस समारोह में दलित समाज के ढेर सारे साधु-संतों ने हिस्सा लिया। साथ ही दिल्ली के कोने-कोने से समारोह में शामिल होने के लिए लोग आए थे।

*जयभीम के नारे से गूंज उठा पूरा त्यागराज स्टेडियम

भगवान वाल्मीकि के प्रकटोत्सव समारोह में दिल्ली का त्यागराज स्टेडियम आज जयभीम के नारे से गूंज उठा। इस समारोह में पूरा स्टेडियम लोगों की भारी भीड़ से भरा हुआ था। हजारों लोगों से भरे त्यागराज स्टेडियम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समारोह को संबोधित करने से पहले जब जय भीम का नारा दिए, तो पूरा दलित समाज अभिभूत हो उठा और स्टेडियम में काफी देर तक जयभीम के नारे लगते रहे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संबोधन के दौरान भी बीच-बीच में उत्साह में लोग नारे लगाते रहे।

*भगवान वाल्मीकि के प्रसंगों का किया गया मंचन

दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित महर्षि वाल्मीकि के प्रकटोत्सव समारोह का आयोजन बहुत ही भव्य तरीके से किया गया। हजारों लोगों की भीड़ से भरे स्टेडियम में समारोह की शुरूआत भगवान वाल्मीकि के प्रसंगों के मंचन से किया गया। इस दौरान भगवान वाल्मीकि के जीवन पर आधारित नृत्य का प्रस्तुतिकरण किया गया। इस मंचन के जरिए भगवान वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण के बारे में बताया गया। साथ ही, वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता को भी दर्शाया गया।

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