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भगवान श्री राम के जन्म से पूर्व की लीला का मंचन शुरू

भगवान श्री राम के जन्म से पूर्व की लीला का मंचन शुरू

श्री राम जन्मोत्सव लीला समिति (श्री राम हनुमान वाटिका मंदिर, आसफ अली रोड) की ओर से चैत्र नवरात्रों के मौके पर रामलीला मैदान में कराई जा रही है। भगवान श्री राम के जन्म से पूर्व की लीला का मंचन आज से श्री गणेश पूजन के साथ शुरू हो गया।

विख्यात रासाचार्य वृंदावन वाले पं रामस्वरूप की अगुवाई में कलाकारों ने पहले दिन महर्षि बाल्मीकि के पूर्व आचरण का प्रदर्शन एवं सत्संग से जीवन में बदलाव
एवं उत्कर्ष का मंचन हुआ। महर्षि बाल्मीकि ने भगवान राम को कर्म का उपदेश देकर समस्त मानवता के लिए मानव धर्म का पथ दिखलाने का मंचन हुआ। इसके अलावा महर्षि बाल्मीकि ने भगवान राम को बताया कि हमें कैसे रहना चाहिए और किस तरह परिवार,समाज एवं देश का निवर्हन होना चाहिए। लीला के दौरान यह भी दर्शाया गया कि महर्षि तुलसीदास पूर्व जन्म में महर्षि बाल्मीकि थे। महर्षि तुलसीदास ने
महर्षि बाल्मीकि के बताए मार्ग को अपना कर उसे जन-जन तक पहुंचाया।

इस मौके पर मंदिर के महंत श्रीरामकृष्णदास महात्यागी जी महाराज मचान वाले बाबा ने श्रद्धालुओं को आर्शीवाद देते हुए कहा कि आज की लीला से मनुष्य को अपनी गलतियों कोसुधार कर नर से नारायण बनने का संदेश मिला है।

महर्षि बाल्मीकि के कारण ही मानव को भगवान श्री राम के व्यक्तित्व के बारे में मालूम हो सका। अन्यथा मानव को भगवान राम के जीवन दर्शन नहीं हो पाते। उनके द्वारा रामायण लिखने से हिंदू संस्कृति मजबूत हुई एवं भाइयों में प्यार बढा, संतान में माता-पिता का सम्मान करने का भाव बढा।

इसके अलावा हिंदू धर्म मेंदेवी-देवता, साधु-संतों के प्रति आस्था बढी। मंदिर में नवरात्रा के मौके पर आज भी सैंकडों साधु-संतों ने एक साथ बैठकर श्रीरामयण का पाठ किया है। वह रोजाना पाठ करेंगे। मंदिर में श्रीशतचंडी यज्ञ भी किया जा रहा है।

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