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‘भारत माता की जय’ का विरोध आतंकवाद को खुला समर्थन : डॉ सुरेन्द्र जैन, विहिप

‘भारत माता की जय’ का विरोध आतंकवाद को खुला समर्थन : डॉ सुरेन्द्र जैन, विहिप

दारुल उलूम देवबंद के द्वारा दिया गया फतवा कि भारत माता की जय गैर इस्लामिक है,, की निंदा करते हुए विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री, डा. सुरेन्द्र जैन ने कहा है कि अब किसी को कोई संदेह नहीं रहना चाहिए कि देवबंद की वहाबी विचारधारा ही आतंकवाद की जननी है| पहले ये वन्दे मातरम का इसीलिए विरोध करते थे कि इसमे मूर्तिपूजा की बू आती है| अब वे इसी आधार पर उस नारे का विरोध कर रहे है, जो आजादी की लड़ाई में करोडो देशभक्तों का प्रेरणास्त्रोत रहा| आज भी देशभक्त भारतीय इस जयकारे से प्रेरणा लेते है और हमारे सैनिक देश की रक्षा का संकल्प लेकर जान तक न्यौछावर कर देते है| इस नारे में पूजा नहीं, वल्कि भारत की विजय का संकल्प लिया जाता है| डा. जैन ने उनसे पूछा कि वे भारत माता की जय को उसकी पूजा कैसे मान सकते है? उन्होंने अब और स्पष्ट कर दिया है कि वे अल्लाह के सिवाय किसी की विजय की कामना नहीं कर सकते| अल्लाह की विजय का काम आतंकवादी कर ही रहे है| इसका मतलब साफ़ है कि वे आतंकवाद का खुलकर समर्थन कर रहे है. इससे पहले के कुछ फतवे केवल अपने इरादों पर पर्दा डालने की कोशिश भर हैं, कुछ और नहीं|

यह फतवा मा. प्रधानमंत्री के उस बयान का सीधा जवाब है जिसमे उन्होंने कहा था कि धर्म को आतंकवाद के साथ जोड़कर नहीं देखना चाहिए| अब उन्होंने साफ़ कह दिया है कि जब जेहादी इस्लाम का नाम लेकर नरसंहार करते है तो वे गलत नहीं करते| अब बिल्ली थैले से बाहर आ गयी है, किसी को संदेह नहीं रहना चाहिए| सेक्युलर माफिया के वे लोग इनके कारनामो पर पर्दा डालते है या इनके बचाव के लिए” हिन्दू आतंकवाद ” जैसे शब्दों को गढ़ते है, अपने निहित स्वार्थो के लिए देश के हितो के साथ खिलवाड़ कर रहे है| शायद इसीलिए, ये लोग भी इस नारे की पवित्रता पर संदेह व्यक्त करते है| ऐसे लोग या तो बेईमान है या नादान है| दोनों ही स्थिति में इनका पर्दाफाश होना चाहिए|

दारुल उलूम देवबंद को भी चाहिए कि वह आँख मिचोनी का खेल बंद करे| वे पहले भी कभी भारत के साथ नहीं थे, और आज तो बिलकुल भी नहीं| 1947 से पहले उन्होंने भारत के विभाजन का विरोध इसलिए नहीं किया था कि उनको भारत से प्रेम था, बल्कि वे अकेले पाकिस्तान को लेकर खुश नहीं थे| वे तो सम्पूर्ण भारत को ही दारुल इस्लाम में बदलना चाहते थे| भारत माता कि जय का नारा इसमें बाधा बनता है| अब सब भ्रम दूर हो जाने चाहिए और आतंक के साथियो को बेपर्दा करना चाहिए, तभी जिहाद के अभिशाप से भारत को मुक्ति मिल सकती है |
भारत माता की जय।

जारी कर्ता
विनोद बंसल

प्रवक्ता-विहिप
@vinod_bansal M-9810949109

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