December 4, 2022

भूमिगत जल संचय के लिये बजट में विशेष प्रावधान हो

उत्तरी दिल्ली नगर निगम, करोल बाग वार्ड समिति के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने स्थायी समिति की बजट बैठक में करोल बाग क्षेत्र का अनुमानित बजट प्रस्ताव पेश करते हुये कहा कि संपूर्ण दिल्ली में भूमिगत जल के अंधाधुंध दोहन के कारण भूजल का स्तर दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है । उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां जल स्तर 20 फुट से 150-200 फुट तक न पहुंच गया हो । चूंकि जल पूर्णतया प्राकृतिक रूप से उपलब्ध होता है एवं वर्षा जल संचय के अलावा जल की संचय के अन्य साधन नहीं है । भविष्य को देखते हुये इसके लिये आवशयक है कि वर्षा जलसंचय के लिये उत्तरी दिल्ली नगर निगम को एक व्यापक योजना बनानी चाहिये एवं इसके लिये निगम के प्रत्येक वार्ड में कम-से-कम 20-20 स्थान चिन्हिंत करके आगामी वर्षा ऋतु से पहले उन स्थानों पर जल संचयन का कार्य शुरू कर देना चाहिये तथा इसके लिये प्रत्येक वार्ड के लिये पार्षदों को अलग से 50 लाख रूपये की राशि प्रत्येक वार्ड के लिये देनी चाहिये।

इसके अलावा नये भवनों के लिये जल संचयन नीति को सख्ती से लागू करना चाहिये। बिना जल संचयन प्रावधान के भवन को उपयोग की अनुमति एवं बिजली-पानी के कनेक्शन नहीं देने चाहिये । इसके अलावा सभी स्कूलों, होटलों, अस्पतालों, सभी सरकारी भवनों में भी इस नियम का सख्ती से पालन करने की आवशयकता है। ज्ञात हो कि 300 गज से अधिक निर्मित भवनों के लिये भूमिगत जल संग्रह का प्रावधान आवशयक है ।

राजेश भाटिया ने बजट प्रस्तावों पर बोलते हुये कहा कि निगम को अपनी आय बढ़ाने के लिये निगम के जिन स्कूलों में केवल प्रथम पाली पढ़ाई होती है, उन स्कूलों को दोपहर बाद निजी कोंचिग सेंटर वालों को किराये पर देकर निगम की आय बढ़ायी जा सकती है । इसके अलावा विज्ञापन नीति को सख्ती से लागू करते हुये विज्ञापन विभाग को जोन अनुसार क्षेत्रीय उपायुक्तों के माध्यम से व्यावसायिक विज्ञापन पट्टों एवं पार्किंग स्थल की नीलामी एवं निगरानी के अधिकार दिये जाने चाहिये ।
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