December 4, 2022

मधुमेह के कारण:अधिक मात्रा में जंक फूड, पेय पदार्थ का सेवन

मधुमेह
लंबे समय से चल रही एक स्थिति वह शरीर की उन प्रक्रियाओं पर असर डालती है जो खून में शक्कर ग्लूकोज से संबंधित है। मधुमेह मेटाबॉलिव बीमारियों का एक समूह जिसमें व्यक्ति की खून में ग्लूकोज ब्लड शुगर का लेवल नॉर्मल से अधिक होता है ऐसा तब होता है जब शरीर में इंसुलिन ठीक से नहीं बने शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के लिए ठीक से प्रतिक्रिया ना दें डायबिटीज दो प्रकार की होती है प्रथम डायबिटीज में इंसुलिन नहीं बनता है मधुमेह के तकरीबन 10% मामले इसी प्रकार के पाए जाते हैं बाकी 90% टाइप टू में पाये जाते है मधुमेह का तीसरा प्रकार गैस्टेशनल मधुमेह गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को होता है एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में अग्न्याशय इंसुलिन बनाता है जिसकी मदद से शरीर भोजन प्राप्त हुये शुगर को जमा करता है और इस्तेमाल करता हऔर जब अग्न्याशय इंसुलिन बनाना बंद कर देता है और बहुत कम इंसुलिन बनाता है शरीर में इंसुलिन नहीं हो पाता है ऐसी स्थिति में शुगर कोशिकाओं में जाने के बजाए खून में जमा होने लगता है जिन लोगों को ब्लड शुगर सामान्य से अधिक होता है वे अक्सर (पाली यूरिया) बार-बार पेशाब आना से परेशान होते हैं उन्हें प्यास (पाली डिप्सियां) और भूख (पॉलिफेजिया) ज्यादा लगती हैइस स्थिति को इंसुलिन प्रतिरोध कहा जाता है प्रथम प्रकार की डायबिटीज में इंसुलिन बनाना बंद कर देता है यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है प्रथम टाइप डायबिटीज में इंसुलिन नहीं बनता है टाइप 2 यह एक ऐसी आम समस्या है जिसके कारण खून में शुगर का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है मधुमेह आमतौर पर वृद्ध लोगों को ज्यादा होता है कम उम्र के लोगों को भी हो सकता है एवं बच्चों में भी पाया जाता है मधुमेह में होने वाले लक्षण खून में शुगर की मात्रा पर निर्भर करता है बार बार पेशाब जाना, अत्यधिक भूख लगना, सुस्ती, थकान, आंखों से धुंधला दिखाई देना, नींद अधिक आना, तेजी से वजन का कम होना, इस प्रकार के मधुमेह रोग को ठीक करना संभव नहीं है। इलाज से नियंत्रित किया जा सकता है इस रूप के कारण खून में शक्कर का अधिक रहने के कारण हृदय रोग, किडनी, आंखें, मसूड़े, दांत, आदि प्रभावित होते हैं खून में शुगर या ग्लूकोज का स्तर अधिक बढ़ जाता है शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति इतने अच्छे से प्रतिक्रिया नहीं दे पाती हैं जितना उन्हें देना चाहिए सिर दर्द, चक्कर आना, पैरों में ऐंठन, चिड़चिड़ापन, एवं त्वचा पर काले चक्कते हो जाते हैं, डायबिटीज जैसे सामान्यत मधुमेह कहा जाता है चयापचय संबंधी बीमारियों का एक समूह जिसमें लंबे समय तक रक्त में शर्करा का स्तर कुछ होता है पेशाब आना प्याज की बढ़ोतरी एवं भूख की वृद्धि होती है
*
मधुमेह के कारण*
अनियमित जीवन शैली, अधिक मात्रा में जंक फूड, पेय पदार्थ का सेवन, अव्यवस्थित खाना अधिक समय तक बैठना, मधुमेह की संभावना बढ़ जाती है। सामान्य से अधिक शरीर का वजन होना शारीरिक निष्क्रियता के कारण मोटापा बढ़ने के कारण मधुमेह ज्यादा प्रबल हो जाता है पेट पर बसा का अधिक जमा होना इंसुलिन उत्पादन में बाधा उत्पन्न करता है इसी कारण टाइप टू मधुमेह होता है हृदय एवं रक्त वाहिकाओं की बीमारियों के रूप में सामने आ जाता है ऐसी सूरत में व्यक्ति को (बीएमआई) अर्थात शरीर वजन सूचकांक पर विशेष निगरानी रखना अत्यंत आवश्यक है जिन परिवार का इतिहास विशेष जीन के कारण मधुमेह की संभावना बढ़ा सकते हैं अर्थात मधुमेह की संभावना ज्यादा होती है नियमित व्यायाम करें सही समय पर आहार फल सब्जी एवं अनाज का सेवन बेहद फायदेमंद होता है लंबे समय तक भूखे नहीं रहे वजन पर नियंत्रण रखें कम बजन एवं उचित आहार से डायबिटीज को ठीक किया जा सकता है! डायबिटीज के रोगी को 7 से 8 घंटे की निद्रा अत्यंत आवश्यक है निद्रा नहीं आने पर उच्च रक्तचाप की संभावना बढ़ती है तनाव से बचें कम कैलोरी वाला भोजन करें ब्लड शुगर के स्तर को कम करने के लिए दालचीनी 1 ग्राम आहार में लें डायबिटीज में या तो हमारे शरीर में इंसुलिन बनता ही नहीं है यह हमारे शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति संवेदनशील नहीं रह जाती है और शुगर उनमें उनमें स्टोर न होकर खून में रह जाता है
आंवले के रस में 1 ग्राम seहल्दी 6 ग्राम शहद मिलाकर सुबह-शाम लें
एलोवेरा इसमें इमोडिन होने के कारण हमारे शरीर में बढे हुए ग्लूकोज की लेवल को कम करता है
मधुमेहारी का उपयोग करें इंसुलिन के माध्यम से शर्करा को नियंत्रण करना मुख्य इलाज है करेले का रस सुबह भूखे पेट लेना चाहिए मेथी दाना दो चम्मच रात्रि को पानी में भिगो दें सुबह उस पानी को पीने एवं मेथी दाने को चलाएं आम के पत्ते सोयाबीन पनीर दही संतरा एवं टमाटर का विशेष उपयोग करें क्योंकि इनके अंदर विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है

Leave a Reply

Your email address will not be published.


Previous post दिल्ली के सरकारी स्कूलों के दसवीं के रिजल्ट में भी काफी सुधार
Next post वन महोत्सव-2020 : अब तक 1.5 लाख पौधे वितरित किए गए