October 2, 2022

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लांच करेंगे ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर ऋण योजना

(MP)शहडोल – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण क्षेत्रों के स्ट्रीट वेंडरों के लिये ‘मुख्यमंत्री स्ट्रीट वेंडर ऋण योजना (ग्रामीण)” बुधवार को लांच करेंगे। इस योजना में शहरी क्षेत्र के स्ट्रीट वेंडरों की तरह अब ग्रामीण क्षेत्र के पथ-विक्रेताओं को भी बैंकों से 10 हजार की कार्यशील पूँजी उपलब्ध कराई जायेगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कोविड-19 से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों के पथ-विक्रेताओं को आत्म-निर्भर बनाने के लिये योजना तैयार करने के निर्देश दिये थे।

रोगी को सड़क पर छोड़ जाने की घटना अमानवीय और निंदनीय,मुख्यमंत्री चौहान ने दिए जांच के निर्देश
राज्य में कोरोना नियंत्रण की हुई समीक्षा

खण्डवा में मेडिकल स्टोर्स से दवा लेने वाले नागरिकों से मिली पॉजीटिव रोगियों की जानकारी, इस पद्धति को अन्य जिले भी अपनाएं

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना मरीज को अस्पताल के बहार छोड़ने की घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए घटना की जाँच के आदेश दिये है। उन्होंने कहा कि यह घटना अमानवीय और निंदनीय है। घटना के दोषी लोगों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में गत साढ़े तीन माह से कोरोना पर नियंत्रण के कार्य के साथ ही एक-एक रोगी का उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य विभाग का अमला सजग है। कोविड केयर सेंटर सुचारु रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रतिदिन जिले से लेकर राज्य स्तर की गहन समीक्षा की जा रही है। इसी स्थिति में किसी रोगी को गंभीर स्थिति में अस्पताल प्रबंधन, एम्बुलेंस संचालक या किसी भी अन्य व्यक्ति द्वारा अपने हाल पर छोड़ दिए जाने की घटना बहुत गंभीर है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस घटना के दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी।
मुख्यमंत्री चौहान के निर्देश-
किल कोरोना अभियान में सर्वे दल प्रत्येक घर तक जरूर पहुँचे। मुरैना-ग्वालियर, भिण्ड-शिवपुरी में अभी भी पूर्ण सावधानी बरतने की जरूरत है। यह सुनिश्चित किया जाए कि बाजारों में भीड़ न हो। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। कहीं भी थूकने की प्रवृति पर पूरी तरह अंकुश लगे ।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कान्फ्रेस द्वारा कोरोना की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि संदिग्ध कोरोना रोगियों की शीघ्र पहचान और कान्टेक्ट ट्रेसिंग कार्य पूरी गंभीरता से जारी रहे। किल कोरोना अभियान में घर-घर पहुँचकर सर्वे दल सेम्पलिंग का कार्य बढ़ाएं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अधिक से अधिक सेंपल लिए जाने से वायरस के नियंत्रण का कार्य आसान होगा। सर्दी-खांसी जुकाम के लक्षणों वाले व्यक्तियों में जो गंभीर दिखायी दें उनका सेम्पल लेकर अविलंब उपचार प्रारंभ करें। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कोविड -19 नियंत्रण प्रयासों की जिलेवार जानकारी प्राप्त की। खण्डवा जिले की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खण्डवा मेडिकल कॉलेज द्वारा टेस्टिंग और उपचार कार्य की जानकारी ली। खण्डवा मेडिकल कॉलेज में इस समय आईसीयू में 6 रोगी भर्ती हैं। कुल 41 हजार लोगों का स्वास्थ्य सर्वे किया गया। कलेक्टर खण्डवा ने बताया कि जिले में किल-कोरोना अभियान के अंतर्गत डोर-टू-डोर सर्वे के कार्य के अलावा मेडिकल स्टोर के माध्यम से सर्दी-खांसी और बुखार के रोगियों को चिन्हित कर संबंधित परिवारों की स्वास्थ्य जांच करवाई गई है। इसके अच्छे परिणाम प्राप्त हुए। जिन 510 लोगों की स्वास्थ्य जांच हुई उनमें से 16 पॉजीटिव रोगी पाए गए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खण्डवा में अपनाई गई इस पद्धति को जारी रखने के लिए कहा।
मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने कोरोना वायरस की मॉनीटरिंग में खण्डवा जिले में हुए नवाचार को अन्य जिलों में अपनाये जाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जिस तरह भोपाल में प्रारंभ में बाहर से आए व्यक्तियों के आगमन के बाद आवश्यक एहतियात बरती गई और कांटेक्ट ट्रेसिंग का कार्य नियमित हुआ, उसे अभी भी अमल में लाना चाहिए। खण्डवा जिले में अब तक 7105 सेंपल लिए गए हैं। कुल 358 पॉजीटिव केस हैं, जिनमें 64 एक्टिव केस हैं।
खरगौन जिले की समीक्षा में बताया गया कि खरगोन में उपलब्ध बिस्तर क्षमता का 12 प्रतिशत ही उपयोग में आ रहा है। जिले में 3268 व्यक्ति होम क्वारेंटाइन किए गए हैं। जिले में 83 कंटेन्मेंआट क्षेत्र बनाये गए हैं। कुल 358 सर्वे दल कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में 16 फीवर क्लीनिक संचालित हैं। सर्वे दल को 103 कोरोना के संदिग्ध रोगी मिले हैं। इसके साथ ही 7 मलेरिया और 1 डेंगू रोगी की जानकारी भी सामने आई है। कांटेक्ट ट्रेसिंग का कार्य किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान ने प्रत्येक पॉजीटिव रोगी की कांटेक्ट ट्रेसिंग करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कलेक्टर खरगोन को निर्देश दिए कि खण्डवा में किए गए कार्य की तर्ज पर रोगियों को लक्षण के आधार पर चिन्हित करने का कार्य किया जाए।
समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में इस पखवाड़े प्रति मिलियन 1516 टेस्ट किए जा रहे हैं। प्रदेश में अप्रैल माह में यह संख्या मात्र 26 थी। हर पखवाड़े यह संख्या बढ़कर क्रमश: 222, 466, 816, 878, 1204 हुई। बीते पखवाड़े अर्थात 22 जून से 7 जुलाई के मध्य हुए टेस्ट में यह प्रति मिलियन टेस्ट की संख्या 1500 को पार कर गई है।
बैठक में जानकारी दी गई की प्रदेश में इस सप्ताह करीब साढ़े तीन करोड़ व्यक्तियों का किल-कोरोना अभियान के अंतर्गत सर्वे किया गया है। सर्वे में अब तक लगभग 57 हजार नागरिक संदिग्ध पाए गए, 27 हजार 808 लोगों के सेंपल लिए गए हैं। सोमवार को कुल 6 हजार 543 सेंपल लिए गए। इनमें से 403 व्यक्ति पॉजीटिव पाए गए, जिनका उपचार किया जा रहा है।

लम्बे समय से राशन सामग्री न लेने वालों की समीक्षा करें,उपभोक्ताओं को राशन का वितरण सुनिश्चित हो,मुख्यमंत्री चौहान ने दिए कलेक्टर्स को निर्देश

शहडोल – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को जून माह के राशन का वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही लंबे समय से राशन सामग्री न लेने वाले उपभोक्ताओं के नामों की समीक्षा करते हुए नए पात्र उपभोक्ताओं के नाम जोड़ने की कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा जिला कलेक्टर्स के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कुछ जिलों से उपभोक्ता भंडार द्वारा गड़बड़ी की शिकायतें प्राप्त होती हैं। शिकायतों की स्थिति को समाप्त किया जाए।
मुख्यमंत्री चौहान ने खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को पूर्व में मार्च, अप्रैल और मई माह का राशन प्रदान किया जा चुका है। कोविड-19 के संकट को देखते हुए सामग्री का अग्रिम प्रदाय भी किया गया। जून माह के लिए आवंटित खाद्यान्न के शत-प्रतिशत पात्र उपभोक्ताओं को वितरण का कार्य पूरा किया जाए। प्रमुख सचिव श्री शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि 88 प्रतिशत खाद्यान्न का वितरण किया जा चुका है। उपभोक्ताओं की सुविधा को देखते हुए गत दो माह बायोमेट्रिक पद्धति की अनिवार्यता भी समाप्त की गई। उपभोक्ताओं के सर्वेक्षण का कार्य कर लिया गया है। प्रत्येक पात्र उपभोक्ता को खाद्य सामग्री का प्रदाय सुनिश्चित किया जा रहा है। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े उपस्थित थे।
मध्यप्रदेश में नहीं होगी उर्वरक और खाद की कमी
मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में उर्वरक और खाद आवश्यकता के अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री से आग्रह किया गया है। श्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिरिक्त उर्वरक प्राप्त करने के संबंध में यथासमय कार्यवाही पूर्ण करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रमुख सचिव कृषि को इस संबंध में जरूरी फॉलोअप करने के निर्देश दिए। इसी तरह गत वर्ष उपार्जित 6.45 लाख मेट्रिक टन गेहूँ केन्द्रीय पूल में दिए जाने के संदर्भ में मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा किए गए अनुरोध पर केन्द्र सरकार द्वारा राज्य शासन के अधिकारियों से संवाद कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

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