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यह कैसा न्याय मीलोर्ड, प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी? – मौलिक भारत

यह कैसा न्याय मीलोर्ड, प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी? – मौलिक भारत

मौलिक भारत संस्था ने उत्तर प्रदेश में आम्रपाली बिल्डर द्वारा भ्रष्टाचार के सुप्रीम कोर्ट के असंतोषजनक व आधा अधूरा निर्णय पर मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय,प्रधानमंत्री, भारत सरकार को एक शिकायती पत्र भेजते हुए इन मामलों पर त्वरित व ठोस कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।

माननीय महोदय,

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली बिल्डर द्वारा 42000 लोगों को फ्लैट बनाकर देने के नाम पर हज़ारों करोड़ रूपयों की लूट पर जो निर्णय दिया है वह बहुत ही असंतोषजनक व आधा अधूरा है। मौलिक भारत इस संदर्भ में माननीय न्यायालय , भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार से यह पूछता है कि -

1) जब फोरेंसिक ऑडिट में नोयडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, बैंकों, राजनेताओं व नोकरशाहो की बिल्डर माफिया से खुली सांठगांठ सामने आ गयी है व पूरी लूट के जिम्मेदार लोग भी चिन्हित हो चुके हैं तो उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही का आदेश क्यों नहीं दिया गया? औधोगिक उपयोग की भूमि को आवासीय भूमि में बदलने की साजिश के अपराधियों पर न्यायायल क्यों चुप है? जो लाखो करोड़ रुपए यह माफिया लूट चुका है इसकी वसूली के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?

2) बिना पर्याप्त ढांचागत सुविधाओं के ही ओर 32000 फ्लैट आम्रपाली बिल्डर को आबंटित जमीन पर एनबीसीसी द्वारा बनाकर हुए नुकसान की भरपाई का जो आदेश माननीय न्यायालय ने दिया है उसका क्या आधार है? क्या इस क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण, सुगम यातायात , सड़क,जल, सीवर, बिजली आदि सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में वर्तमान सीमित ढांचे पर बिना अतिरिक्त दबाब डाले दे पाना संभव है? क्या पहले के सभी आबंटन सभी पहलुओं का ध्यान रखकर किए गए इसकी कोई समीक्षा की गई? क्या एनबीसीसी इस जिम्मेदारी को लेने के लिए सक्षम व तैयार है?

3) माननीय न्यायायल ने इस क्षेत्र के 400 अन्य बिल्डर प्रोजेक्ट्स जिनमें लाखो अन्य खरीदार फंसे हुए है, के लिए आम्रपाली मामले जैसी गाइडलाइंस क्यों नहीं जारी की गई?

4) आम जनता से जुड़ी ग्रुप हाउसिंग योजनाओं में गड़बड़ी करने वाले अपराधियों को मात्र आर्थिक अपराधी न मान देशद्रोही की श्रेणी में क्यों नहीं मान उनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। इतने बर्षों से लगातार लूट व अपराध करने के बाद भी जिस तरह ये अपराधी खुले आम घूम रहे हैं व विदेश भाग गए हैं और सरकार व न्यायायल खामोश है , यह चिंताजनक है।

5) देशभर के सभी बिल्डर प्रोजेक्ट्स में नेताओ व सरकारी अधिकारियों की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भागीदारी की गहन जांच के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एक विशेष जांच दल बनाया जाना चाहिए व इसके द्वारा चिन्हित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए।

मौलिक भारत का माननीय न्यायायल, केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध है कि उपरोक्त बिंदुओं को ध्यान में रखकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी करे व अपराधियों के खिलाफ अतिशीघ्र कड़ी कार्यवाही करे।

भवदीय
अनुज अग्रवाल
महासचिव, मौलिक भारत

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