December 2, 2022

रंगदारी मांगने पर शाहदरा थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिस वालों पर हो FIR :कोर्ट का आदेश

एक तो पुलसिया उगाही ऊपर से सीना जोरी के चलते शाहदरा थाने के थानाध्यक्ष के. पी. राणा समेत पांच पुलिस वालो के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश चीफ मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट (सीएमएम) सावित्री ने दिया उन्होंने एसएचओ के. पी. राणा और एएसआई लोकेश कुमार सहित छह पुलिस वालों के खिलाफ रंगदारी, धमकी देने और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत आदेश दिया । जानकारी के अनुसार बलबीर नगर एक्सटेंशन निवासी प्रदीप मीणा ने हफ्ता देने से इन्कार किया था जिसके चलते पुलिस द्वारा शाहदरा थाना में प्रदीप मीणा को 15 घंटे तक अवैध रूप से हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया गया था इस मामले से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कड़कड़डूमा कोर्ट की मुख्य महानगर दंडाधिकारी सावित्री ने मामले में शाहदरा थानाध्यक्ष के. पी. राणा, एएसआइ लोकेश कुमार और चार अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। अदालत ने मामले में डीसीपी को रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करने को कहा है। इस घटना के बाद पीड़ित प्रदीप मीणा ने अपने अधिवक्ता हरिओम गिरी के माध्यम से अदालत में शाहदरा थानाध्यक्ष, एएसआइ लोकेश कुमार व चार अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर एक अर्जी दायर की थी। मीणा ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उस पर दो हजार रुपये हफ्ता देने को कहा जब उसने रुपये देने से मना किया तो शाहदरा थानाध्यक्ष के. पी. राणा, की शह पर एएसआइ लोकेश कुमार और अन्य पुलिसकर्मी रात को उसके घर में घुसे सभी पुलिस वाले हथियारों से लैस थे। उन्होंने बिजनेसमैन की पत्नी और बहू की मौजूदगी में उनके साथ गन्दी भाषा का इस्तेमाल किया। पुलिस वालों ने कहा कि अगर वह उनकी बात नहीं मानेंगे तो उन्हें किसी झूठे केस में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा। शाहदरा पुलिस वाले प्रदीप मीणा को जबरन जिप्सी में बैठाकर थाने ले गए। वहां पर उसका सीआरपीसी की धारा-107/151 का कलंदरा बनाकर उन्हें हवालात में बंद कर दिया। प्रदीप मीणा का यह भी आरोप है कि पुलिस वालों ने थर्ड डिग्री इस्तेमाल न करने के लिए उनके बेटे से 10,000 रुपये भी ले गए। उसे 15 घंटे तक अवैध रूप से पुलिस हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया गया। अगले दिन उन्हें जमानत पर कुछ दिनों बाद पैसे देने की मोहलत देकर छोड़ दिया गया। इस घटना के सुबूत के तौर पर मीणा ने अपने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिग भी अदालत में पेश की। अदालत ने मामले में पेश सुबूतों को देखने के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया पुलिसकर्मियों पर अवैध हिरासत का आरोप बनता है और उन पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जानी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ सीनियर पुलिस अफसर अपने मातहतों का बचाव करने में लगे हुए है उनकी नज़र में घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिग और अन्य सबूत गलत है और 2000 की हफ्ता वसूली की बात गलत है जिसके चलते पुलिस मुख्य महानगर दंडाधिकारी सावित्री के आदेश के खिलाफ अपील करेगी …..

Leave a Reply

Your email address will not be published.


Previous post पार्किंग विवाद में पड़ोसी ने ली पड़ोसी की जान
Next post बदमाशो ने महिला को छत से फेका