PHONE : +91-011-23626019
+91-011-43785678
(M) 09811186005,09873388468
09911186005
Email : crimehilore@gmail.com ,
editor.crimehilore@gmail.com


Breaking News
राजनीति का शिकार  मंत्री संदीप कुमार ? आखिर सीडी चोर कौन ?

राजनीति का शिकार मंत्री संदीप कुमार ? आखिर सीडी चोर कौन ?

पुरानी सेक्स वीडियो से साबित होता है ये वीडियो संदीप की पर्सनल बनाई हुई वीडियो थी। जिसको चोरी क्या गया?
और उसको बिना अनुमति के पब्लिश
क्या गया। जिस कारण कितने घर बर्बाद हो सकते हैं उसका जिम्मेदार कौन होगा।
जिस वक्ती ओम प्रकाश ने सीडी चैनल को दी है व् कौन है ।इसकी किसी ने जाँच नहीं की। आखिर क्यों ये एक राजनीति कड़ी का हिस्सा बताया जा रहा है सुल्तानपुरी पी ब्लॉक में पार्क में कब्ज़ा कर कोयले का काम करता है।

सूत्रो से मिली जानकारी से पता चला है कहा गया है कुछ दिन में इसका नाम नेता की लिस्ट में नजर आने वाला है क्यों की किसी के कहने पर सीडी पेशकर्ता बना है।
आखिर पर्सनल सीडी कैसे पोहची मंत्री के यहाँ से चोरी हुई तभी प्रकाशित हुई। जब कोई महिला शिकायत करता नहीं है सीडी में दोनों मर्जी से सेक्स कर रहे हैं तो अपराध क्या है। जिस पर इतनी बडी सियासत का खेल चल रहा है।

मामला बनता है सीडी चोर पर उसको जिसको दी उस पर जिसने इस सीडी को चैनल को दिया उस पर जिस ने इस सीडी को उजागर क्या उस पर कानूनन किसी की पर्सनल को बिना अनुमति के प्रकाशित करना अपराध है।

सेक्स विडियो टेप देखा और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ट्वीट कर मंत्री संदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से हटा देने का फरमान जारी करने की जानकारी प्रेषित कर दी।
कई न्यूज़ चैनल के लिये ये बड़ी खबर बनी और ये भी कहा गया की विडियो आपत्तिजनक है इसलिये दिखाया नहीं जा सकता।
और उसकी पूरी अश्लील कहानी पूरी दुन्या को पेश करदी।
हालाँकि अभी तक कहीं भी ये नहीं स्पष्ट किया गया की आखिर ये विडियो आपत्तिजनक क्यों है।
क्या किसी महिला के साथ सेक्स करना अपराध की श्रेणी में आता है ? क्या संदीप कुमार किसी महिला के साथ जोर ज़बरदस्ती कर रहे थे ? क्या इसमें आपसी सहमति नहीं थी ?

पूरे प्रकरण में न तो किसी महिला के द्वारा कोई शिकाययत दर्ज कराई गई है और न ही अब तक ये स्पष्ट हो पाया है की आम आदमी पार्टी के मंत्री का अपराध क्या था।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने वक्तव्य में भ्रष्टाचार , अपराध , उसूल , सिद्धांत , चरित्र जैसे भारी भरकम शब्द इस्तेमाल करते हुए जीरो टॉलरेंस की बात कही और अपने मंत्री को तुरंत बर्खास्त करने के फैसले पर मोहर लगादी।
तमाम चर्चाओं के बीच ये भी कहा गया की तथाकथित आपत्तिजनक विडियो में आप विधायक संदीप कुमार एक नहीं बल्कि दो महिलाओं के साथ अलग अलग एक ही स्थान पर फिल्माए गए हैं। मगर वीडियो में कोई जबर जस्ती नहीं है। लेकिन इससे भी स्पष्ट नहीं होता की उनका अपराध क्या है ?
क्या यह एक मंत्री की गलती है की वो किसी महिला के साथ सेक्स करते हुए फिल्माया जाता है ?
आम आदमी पार्टी ने अपने मंत्री को तुरंत बर्खास्त कर ऊँची नैतिकता का परिचय दिया , तो आम आदमी पार्टी के हजारों सदस्य और समर्थक भी संदीप कुमार की निन्दा कर सोशल मीडिया पर भाजपा और काँग्रेस की जमात में शामिल होते दिखे। लेकिन किसी ने भी ये स्पष्ट नहीं किया की इसमें गलत क्या है ?

क्या संदीप कुमार ने मंत्री पद का फायदा उठा कर महिला को सम्बन्ध बनाने को मजबूर किया ? क्या नौकरी या फिर कोई निविदा दिलाने का झांसा दिया ? इन तमाम सवालों के जवाब अभी आने बांकी है।
न ही कहीं से कोई शिकायत ही दर्ज कराई गई है।
हो सकता है की आपसी सहमति से ये सब कुछ हुआ हो। कानून के मुताबिक अगर वो महिला शादी शुदा थी तो उसका पति इसकी शिकायत कर सकता है। लेकिन अगर महिला अविवाहित हुई तो क्या ? अगर विवाहित हुई भी और उसके पति ने कोई आपत्ति नहीं की तब भी संदीप कुमार के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता।
अब सवाल ये भी उठता है की बिना अपराध के स्पष्टता दिये मामले को जनता का मुद्दा बना देना कहाँ तक जायज है ?
संदीप कुमार किसके साथ सेक्स करते हैं या करना चाहते हैं इसका इससे उनके मंत्री होने और उनके काम काज पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
सोशल मीडिया पर लोगों ने संदीप कुमार के महिला विकास मंत्री होने को विडम्बना बताया। क्या हम ये कहना चाहते हैं की एक महिला आपसी सहमती से किसी मंत्री के साथ सेक्स नहीं कर सकती ? क्या इस पूरे प्रकरण में कहीं से महिला के खिलाफ अपराध का मामला सामने आया है ? नहीं।
असल विडम्बना ये है की संदीप कुमार की अपनी ही पार्टी ने आपसी सहमती से बनाये गए सम्बन्ध की तुलना भ्रष्टाचार से की। विडियो जारी होने के चौबीस घंटों के बाद भी अभी तक कोई ऐसा मामला नहीं आया है की संदीप कुमार ने कुछ गलत किया है। अगर मामला बनता है तो उस व्यक्ति के खिलाफ बनता है जिसने संदीप कुमार के निजी पलों को कैमरे में कैद कर न्यूज़ चैनलों तक पहुँचाने का अपराध किया। न तो अब तक इस प्रकरण में जनता से जुड़ा कोई सरोकार है , न कोई पीड़ित और न ही कोई अपराधी। इसको बेवजह किसी नेता की निजता में हस्तक्षेप कर उसके राजनैतिक जीवन ख़त्म करने का प्रयास कह सकते हैं।

रशीद अली की कलम से

ShareShare on Google+0Pin on Pinterest0Share on LinkedIn0Share on Reddit0Share on TumblrTweet about this on Twitter0Share on Facebook0Print this pageEmail this to someone

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*


You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>