December 4, 2022

रेलवे प्रबंधन की उदासीनता से यात्री हो रहे परेशान

मध्य प्रदेश,अनूपपुर। साउथ इस्टर्न रेलवे कटनी-बिलासपुर के मध्य अनूपपुर जंक्शन भारतीय रेलवे को सबसे अधिक प्रतिवर्ष आय दे रहा है। लेकिन अनूपपुर, मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, कोतमा, बैकुण्ठपुर, अंबिकापुर, विश्रामपुर, बिजुरी क्षेत्र के रहवासियों एवं यात्रियों को रेलवे द्वारा कोई उचित सुविधा नहीं दी जा रही। बल्कि अनूपपुर रेलवे जंक्शन की व्यवस्था दिनों-दिन बिगड़ते जा रही है। रेलवे स्टेशन अनूपपुर के कर्मचारियों की उदासीनता के चलते कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ट्रेनों का आना-जाना और यात्रियों का यार्ड में अपना समान एवं परिवार लेकर दौड़ लगाना दुर्घटना को अंजाम दे सकता है।

रेलवे यार्ड में दौड़ लगाते हैं यात्री
अंबिकापुर से अनूपपुर तक चलने वाली सवारी गाड़ी से हजारों यात्री उतरकर प्लेटफार्म क्रमांक ३ एवं बाहर जाने के लिए अनूपपुर जंक्शन के रेलवे यार्ड के सहारे दौड़ लगाते हुए प्लेटफार्म नं. २ से ४ तक जाते हैं। उसी बीच दोनों तरफ से गाड़ियों का आना-जाना लगा रहता है। जिस समय यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर छोटे-छोटे बच्चों को लेकर यार्ड में दौड़ लगाते हैं, देखने वाले के रौंगटे खड़े हो जाते हैं।

ट्रेनों के विलम्ब से चलने में होती है भगदड़
अंबिकापुर, चिरमिरी की ओर से आने वाली सवारी गाड़ियां अगर कुछ मिनट विलम्ब हुईं तो एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों में भगदड़ मच जाती है, कारण कि यात्रियों को प्लेट फार्म नं. 2 में उतरना और प्लेटफार्म ३ या ४ में पहुंचकर एक्सप्रेस गाड़ियों में यात्रा करने के लिए यात्रियों को लंबी दौड़ लगानी पड़ती है। कभी-कभी यह भी देखा जाता है कि कुछ यात्री एक्सप्रेस गाड़ी में चढ़ जाते है और उनके छोटे-छोटे बच्चें या महिलायें चलती गाड़ी में नहीं चढ़ पाती।

हरद स्टेशन में नहीं है सुविधायें
अनूपपुर जंक्शन से लगभग 25 किलोमीटर कोतमा, बिजुरी के बीचों बीच हरद रेलवे स्टेशन से सबसे अधिक रेलवे को राजस्व वसूली होती है, फिर भी रेलवे स्टेशन हरद में कोई व्यवस्था नहीं है। यात्रियों को बरसात एवं गर्मियों के सीजन में पेड़ के नीचे बैठकर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ता है। आजादी के बाद से आज तक रेलवे विभाग द्वारा रेलवे स्टेशन हरद में कोई मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई। जबकि इस स्टेशन से प्रत्येक ट्रेनों में हजारों यात्री यात्रा करते हैं।

सुरक्षा गार्ड वसूली में मस्त
अनूपपुर जंक्शन में विगत वर्षों से देखने को मिल रहा है कि सब्जी व्यापारियों से वसूली करने में सुरक्षा गार्ड लगे रहते हैं। शहडोल-अंबिकापुर, अंबिकापुर-शहडोल, चंदिया चिरमिरी के निश्चित समय पर दर्जनों सुरक्षा गार्ड रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म में पहुंचकर व्यापारियों को मधुमक्खी की तरह घेर लेते हैं और प्रत्येक सब्जी व्यापारियों से वसूली करते हैं।

एकल खिड़की से होती है परेशानी
रेलवे स्टेशन कोतमा एवं बिजुरी की एकल खिड़की में लंबी कतार होने के चलते यात्रियों को टिकट लेने में मुसीबत का सामना करना पड़ता है। बताया गया है कि रेलवे स्टेशन कोतमा में सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही के चलते यात्री लाईन में खड़े होकर टिकट नहीं लेते आपस में धक्का-मुक्की के चलते आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती है। यहां से चलने वाली सभी यात्री गाड़ियों में भीड़ देखी जाती है फिर भी रेवले प्रबंधन द्वारा टिकट काउंटर की बढोत्तरी नहीं की जाती। अंबिकापुर से अनूपपुर के बीच सबसे अधिक टिकट बेचने वाला रेलवे स्टेशन कोतमा मे एकल खिडकी होने के चलते समय पर यात्रियों को टिकट नही मिल पाती। कई यात्रियों को आंख के सामने ट्रेन छोडना पडता है या चेकिंग के दौरान टीटी का शिकार भी होना पडता है। यहा दो टिकट खिडकी न होने के चलते विद्यार्थी, महिलाओं, बुजुर्गो को मुसीबत का सामना करना पडता है। यहां के रेलवे स्टेशन मे आए दिन जेबकतरों का कब्जा बना रहता है। टिकट खिडकी मे खडे होते ही धक्का-मुक्की प्रारंभ कर दी जाती है और उसी बीच मे लोगों का जेब कट जाता है, जिसके चलते यात्रियों मे आक्रोश व्याप्त है। उल्लेखनीय है कि अनूपपुर जंक्शन से चिरमिरी एवं अंबिकापुर की ओर जाने वाली सवारी गाडियों मे या हरद, कोतमा सहित अन्य स्टेशनो में किसी तरह की सुविधा नही है जिससे यात्री परेशान हो रहे है।

अनूपपुर जंक्शन में गंदगी का आलम
रेलवे स्टेशन अनूपपुर से 24 घंटे के अंदर लगभग 25 से 30 सवारी गाड़ी आना-जाना करती हैं। यहां के स्टेशन में हजारों यात्री ट्रेन के इंतजार में बैठे रहते हैं। लेकिन साफ-सफाई न होने के चलते रेलवे स्टेशन में गंदगी का अंबार लगा रहता है। स्टेशन परिसर के यार्ड में लगे लगभग 150 नल कनेक्शन से बूंद भर पानी नही टपकता जिसके चलते यार्ड में गंदगी बजबजा जाती है। रेलवे प्रबंधन द्वारा इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जाता।

जबलपुर-अंबिकापुर एक्सप्रेस मे नही रहते सुरक्षा गार्ड
जबलपुर से अंबिकापुर तक चलने वाली सवारी गाड़ी मे सुरक्षा गार्ड का नामो निशान नही रहता। जबकि यह ट्रेन अंबिकापुर रात ११ बजे के आसपास पहुंचती है और कई स्टेशनों मे रूकते हुए जाती है। यात्रियों ने बताया है कि सवारी गाडी मे सुरक्षा गार्ड न होने के चलते असामाजिक तत्व ट्रेनों मे चढ जाते है और जहां इस टे्रन का स्टापेज नही है वहां भी चैन पुलिंग कर रोक दिया जाता है और जब कोई यात्री इसका विरोध करता है तो इनके द्वारा यात्रियों को तरह-तरह की धमकी दी जाती है। जिसके चलते कभी भी कोई बडी दुर्घटना हो सकती है।

फाटक पर उतरते हैं बेटिकट यात्री
इन दिनों अनूपपुर जंक्शन का रेलवे फाटक अस्थाई प्लेटफार्म बनते जा रहा है। चिरमिरी, अंबिकापुर व बिलासपुर से आने वाली सवारी गाड़ियों में बेटिकट यात्रा करने वाले यात्री फाटक के पास ट्रेन की गति कम होने पर अपनी जान जोखिम में डालकर उतरते हैं। एैसा नहीं है कि रेलवे विभाग इस बात से अंजान है लेकिन सब जानते हुए भी विभाग कोई उचित कार्यवाही नहीं कर रहा है। अगर ट्रेनों के आने के समय पर सघन चेकिंग किया जाये तो कई लोगों को पकड़ा जा सकता है।

उल्लेखनीय जब अनूपपुर रेलवे स्टेशन के निरीक्षण में विभाग के किसी उच्चाधिकारी का आगमन होता है तब रेलवे प्रबंधन द्वारा लाखों रूपये खर्च कर सजा दिया जाता है और जैसे ही सत्यापन हुआ नहीं की जस का तस यहां का रेलवे परिसर हो जाता है।

संजय पाण्डेय

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