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रोजगार बजट’ पर दिल्ली के 6500 से अधिक नागरिकों ने अपने सुझाव दिल्ली सरकार को दिए- मनीष सिसोदिया

रोजगार बजट’ पर दिल्ली के 6500 से अधिक नागरिकों ने अपने सुझाव दिल्ली सरकार को दिए- मनीष सिसोदिया

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में ‘रोजगार बजट’ पर आए प्रस्ताव पर सदन को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे लिए मेरा भारत सबसे ऊपर है और अपने देश को बेहतर बनाने के लिए अपनी आखिरी सांस तक मेहनत करता रहूंगा। आम आदमी पार्टी की विचारधारा के तीन स्तम्भ हैं, कट्टर देशभक्त, कट्टर ईमानदारी और इंसानियत। इसीलिए हम रेडलाइट पर भीख मांगने वाले बच्चों के लिए 10 करोड़ रुपए में शानदार बोर्डिंग स्कूल बनाएंगे। हमने सरकारी अस्पतालों में सारा इलाज फ्री कर दिया। अब मेरी किसी बहन-बेटी को गरीबी की वजह से किसी का इलाज कराने के लिए अपने आपको बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ‘घर-घर राशन योजना’ को लागू करने के लिए मैं सबके पैर पड़ा, लेकिन इन लोगों ने करने नहीं दिया। उपर वाला है। एक खिड़की बंद करता है, तो दस खोल देता है। दिल्ली में न सही, पंजाब में लागू करके दिखाएंगे। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने ‘रोजगार बजट’ प्रस्तुत किया है। जब से ‘रोजगार बजट’ पेश हुआ, तब से दिल्ली ही नहीं, देश भर के युवा खुश हैं कि कम से कम देश की दिशा इस तरफ तो बढ़ी। अब पूरे देश को लग रहा है कि हो तो सकता है, 75 साल में इन्होंने किया नहीं। पंजाब के नतीजे आने के बाद से लोगों को लगने लगा है कि अब ईमानदारी और देशभक्ति की हवा धीरे-धीरे पूरे देश के अंदर बहेगी।

*हर राजनीतिक पार्टी चुनाव के पहले रोजगार की बात करती हैं और जीतने के बाद कोई रोजगार की बात नहीं करता है- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में उपमुख्यमंत्री एवं वित्ती श्री मनीष सिसोदिया द्वारा लाए गए ‘रोजगार बजट’ के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा में जो बजट प्रस्तुत किया गया है, यह कोई मामूली डॉक्यूमेंट नहीं है। यह एक ऐतिहासिक बजट है। चाहे आप केंद्र सरकार ले लो या फिर कोई राज्य सरकार ले लो, आजाद भारत के इतिहास में पहली बार एक ‘रोजगार बजट’ प्रस्तुत किया गया। रोजगार की समस्या तो आजादी से ही है। 1947 में देश आजाद हुआ था। तभी से हमारे युवाओं की रोजगार की समस्या रही है। कभी कम, कभी ज्यादा रही है। लेकिन रोजगार एक ऐसा मुद्दा हुआ करता था, जिसकी चर्चा चुनावी सभाओं में होती थी। चुनाव के पहले होती थी। हर राजनीतिक पार्टी चुनाव के पहले कहती थी कि हम आएंगे, तो पांच लाख नौकरी दे देंगे, दस लाख नौकरी दे देंगे। चुनाव जीतने के बाद कोई रोजगार की बात नहीं करता है। उसके बाद फिर बंदरबांट होती है। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि एक बजट केवल और केवल रोजगार के इर्द-गिर्द बनाया गया है और बच्चों को रोजगार देने और सबके घर में खुशहाली लाने के लिए बनाया गया है।

*कुछ दिन पहले ही पंजाब में आम आदमी पार्टी की एक ईमानदार सरकार बनी और उसके नतीजे दस दिन में ही दिखने लगे- अरविंद केजरीवाल*

सीएम श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले पंजाब में आम आदमी पार्टी की एक ईमानदार सरकार बनी और उनके नतीजे दस दिन में ही देखने को मिले कि पहली कुछ घोषणाओं में से एक घोषणा थी कि 25 हजार सरकारी नौकरियां निकाली गईं और एक महीने में उनकी भर्ती चालू हो जाएंगी। इसके बाद, पंजाब में 35 हजार कर्मचारियों को पक्का करने की घोषणा की गई। अब दिल्ली के अंदर आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा बजट लाया गया, जिसमें पांच साल में 20 लाख रोजगार देने का विधानसभा के अंदर हमारी प्रतिबद्धता है। 20 लाख नौकरियां देने का तो किसी ने चुनाव के पहले भी हिम्मत नहीं की थी। यहां तक कि बड़े राज्य उत्तर प्रदेश और बिहार, जहां पर बहुत ज्यादा जनसंख्या है, वहां पर भी राजनीतिक पार्टी चुनाव के पहले यह नहीं कहती हैं कि हमें वोट दो, हम 20 लाख नौकरियां दे देंगे। बजट जो प्रस्तुत किया गया है, उसमें पूरा विस्तार में खाका तैयार किया गया है कि किस तरह से अगले पांच साल के अंदर युवाओं के लिए 20 लाख रोजगार तैयार किए जाएंगे।

*रोजगार बजट दिल्ली ही नहीं, पूरे देश के युवाओं को एक उम्मीद देता है कि अगर ईमानदारी से करें तो हो तो सकता है- अरविंद केजरीवाल*

सीएम श्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जबसे यह बजट प्रस्तुत किया गया है, तब से बहुत फोन आ रहे हैं और युवा बहुत खुश हैं। केवल दिल्ली ही नहीं, देश भर के युवा खुश हैं कि कम से कम देश की दिशा इस डायरेक्शन में तो आने लगी। जैसे हम मोहल्ला क्लीनिक बनाते हैं, तो सारी राज्य सरकारें, चाहे वो अच्छे बनाएं या बुरे बनाएं, लेकिन मोहल्ला क्लीनिक की उनको बात करनी पड़ती है। हम लोग स्कूल करते हैं, तो सारे लोग अच्छे करें या बुरे करें, लेकिन देश में चर्चा तो हो ही गई। हम बिजली मुफ्त करते हैं, तो अब देश में सारी पार्टियां जाकर चाहे हमकों कितनी भी गालियां दें, लेकिन उन्हें भी बिजली की बात तो करनी पड़ती है। हर जगह कोई 100 यूनिट मुफ्त कर रहा है, तो कोई 50 यूनिट कर रहा है। अब जब हम लोगों ने दिल्ली के अंदर रोजगार की बात की है कि हम अगले पांच साल में 20 लाख रोजगार देंगे, तो दूसरी पार्टियों को भी देश भर में रोजगार की बात करनी पड़ेगी। यह बजट केवल दिल्ली के ही नहीं, पूरे देश के युवाओं को एक उम्मीद देता है कि हो तो सकता है। अगर ईमानदारी से करें तो कर सकते हैं।

*रेडलाइट पर भीख मांगने वाले बच्चों के लिए किसी ने कुछ नहीं किया, जबकि यह कितने वर्षों से चला आ रहा है- अरविंद केजरीवाल*

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम जो इतनी सारी चीजें करते हैं। मसलन, हम स्कूल, अस्पताल बनाते हैं। यह हम क्यों करते हैं? हम रोजगार बजट क्यों लाते हैं? क्योंकि हमारी पार्टी की विचारधारा ऐसी है। कई लोग मेरे से पूछते हैं कि आम आदमी पार्टी की विचारधारा क्या है? आम आदमी पार्टी की विचारधारा के तीन स्तम्भ कट्टर देशभक्त, कट्टर ईमानदारी और इंसानियत हैं। पहला, कट्टर देशप्रेम। हम अपने देश के लिए मर-मिटने के लिए तैयार हैं। हम देश के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। हमारा रोम-रोम इस देश के लिए है। दूसरा स्तम्भ, कट्टर ईमानदारी है। इसी वजह से आज देश के दो राज्यों में तो कम से कम दो राज्यों में कट्टर ईमानदार सरकारें हो गईं। तीसरा स्तंभ इंसानियत है। रेड लाइट पर जब हम रूकते हैं, वहां पर हम देखते हैं कि बच्चे भीख मांग रहे हैं। यह कितने सालों से चला आ रहा है। कोई बच्चा हमारी कार की खिड़की पर आकर खटखटाता है। हम या तो उसे दुत्कार देते हैं या फिर दो गाली देकर भगा देते हैं। अगर किसी में दया हो तो वो जेब से निकाल कर थोड़े से पैसे दे देता है। उसको लगाता है कि मेरा काम तो हो गया। मैंने पुण्य कमा लिया। कितने सालों से यह चला आ रहा है। किसी ने उनके लिए कुछ किया! कई सरकारें आईं। अभी तक उनके लिए जो किया है, वो बताता हूं। कुछ सरकारों ने एंटी बैगिंग एक्ट निकाल दिया कि अगर कोई भीख मांगेगा, तो उसे जेल में डाल देंगे। अभी तक तो यही किया। क्यों? क्योंकि उन सरकारों में इंसानियत की कमी थी। कुछ सरकारें ने इन बच्चों को पकड़कर चाइल्ड होम में डाल दिया। वहां इतना बुरा हाल और बुरा व्यवहार कि वहां से बच्चे निकल कर भाग आते हैं और फिर वहीं आ जाते हैं। आपने कई जगह देखा होगा कि यह बच्चे सड़क के किनारे गोल चक्कर लेकर उसमें कैसे कलाबाजी खा रहे होते हैं। उनकी बॉडी कितनी फ्लैक्सीबल है। मेरे को तो लगता है कि अगर उनको थोड़ी सी ट्रेनिंग दी जाए, तो वो ओलंपिक के अवार्ड ला सकते हैं। यह बच्चे हैं, तो अपने देश के ही, लेकिन किसी ने इनकी तरफ ध्यान नहीं दिया। हमारी पार्टी की विचारधारा देशप्रेम और इंसानियत है। इसीलिए हम इन बच्चों के लिए 10 करोड़ रुपए में शानदार बोर्डिंग स्कूल बनाएंगे। मैं कह रहा हूं कि पूरे देश में प्राइवेट स्कूल भी देख लेना। यह बच्चे हॉस्टल में रहेंगे। इनका मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक सुधार किया जाएगा। इनके लिए अच्छे से अच्छे विशेषज्ञ और शिक्षक लेकर आएंगे। देखना लेना यही बच्चे एक दिन ओलंपिक के अवार्ड लेकर आएंगे।

*मुझे बेहद खुशी है कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों को ठीक करने का हम लोगों को मौका मिला- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि मैं पहले इनकम टैक्स में नौकरी किया करता था। दिल में बहुत ज्यादा जज्बा था कि देश के लिए कुछ करना है। मैंने इनकम टैक्स की नौकरी छोड़ी और सुंदर नगरी की झुग्गियों में काम करने लगा। मैं एक झुग्गी लेकर कई दिनों वहां खुद भी रहा। मैं देखना चाहता था कि इस देश के गरीब का दर्द क्या है? वहां मैं देखता था कि धोबी, मोची, मजदूर और रिक्शे वाले के बच्चे सरकारी स्कूलों में जाया करते थे। मैं खुद भी सरकारी स्कूलों में घूमा। सरकारी स्कूलों का बहुत बुरा हाल था। गरीब आदमी थोड़े दिन अपने बच्चे को सरकारी स्कूल में भेजता था और फिर सोचता था कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई तो होती नहीं है, इसलिए इसको काम पर ही लगा दो। फिर वो अपने बच्चे को काम पर लगा देते थे। तब तो सोचा नहीं था कि एक दिन मुख्यमंत्री बन जाएंगे। मुझे बेहद खुशी है कि भगवान ने हमें मौका दिया और आज दिल्ली के सारे सरकारी स्कूलों को ठीक करने का हम लोगों को मौका मिला। हमें बहुत पीड़ा होती है। जब हमें अखबारों में पढ़ने को मिलता है कि देश के किसी कोने में कोई बहन, कोई बेटी को अपने बीमार बाप का इलाज कराने के लिए उसे अपने आप को बेचना पड़ता है। जब मैं झुग्गियों में रह कर काम करता था, वहां कोई बीमार हो जाता था, तो बगल में जीटीबी अस्पताल था। कइयों को मैं जीटीबी अस्पताल लेकर जाया करता था। उन दिनों जीटीबी अस्पताल का बहुत बुरा हाल था। कोई दवाई नहीं मिलती थी। बाहर खूब दवाइयों की दुकानें थी। एक्सरे मशीन की दुकान बाहर लगी थी। डॉक्टर बाहर से टेस्ट कराने के लिए लिख देता था। दवाई बाहर से ले लो। उस समय सोचा नहीं था कि जीटीबी अस्पताल ठीक करने का हमें मौका मिलेगा। मुझे बेहद खुशी है कि हमारी विचारधारा की वजह से आज दिल्ली के अंदर ऐसी व्यवस्था की है कि चाहे कोई गरीब हो, चाहे कोई अमीर हो, किसी को कोई बीमारी हो, कैसी भी बीमारी हो, एक तरफ तो हमने सारे अस्पतालों को शानदार कर दिया। अब कई अमीर लोग भी अपना इलाज सरकारी अस्पतालों में कराते हैं। एक तरफ, सरकारी अस्पताल अच्छे कर दिए और मोहल्ला क्लीनिक खूब सारे खोल दिए। नए खूब सारे सरकारी अस्पताल बन रहे हैं। अस्पतालों की कमी नहीं छोड़ी और पालीक्लीनिक बन रहे हैं। वहीं, सारा इलाज फ्री कर दिया। सरकारी अस्पतालों में दवाई और टेस्ट सब फ्री है। अब मेरी किसी बहन-बेटी को अपने घर की गरीबी की वजह से किसी बीमार का इलाज कराने के लिए अपने आपको बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

*मुझे लगता है कि डोरस्टेप डिलीवरी ऑफ राशन से राशन की चोरी रोकी जा सकती है, मैं दिल्ली का मुख्यमंत्री तो बन गया, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं कर पाया- अरविंद केजरीवाल*

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब झुग्गियों में काम करता था, तो हम देखते थे कि राशन खूब चोरी होता था। गरीबों को राशन नहीं मिलता था। आरटीआई एक्ट पर हमने बहुत काम किया था। आरटीआई एक्ट के तहत हम यहीं सचिवालय में आकर आवेदन किया करते थे। इससे जो जनकारी राशन वालों के निकलते थे, उसमें सबके अंगूठे के झूठे निशान हुआ करते थे। अंगूठा लगाकर सबका राशन निकाल रखा था। जब हम जाकर लोगों से पूछते थे, तो वो कहता था कि मैं तो राशन ही नहीं लेने गया। मेरे को राशन मिला ही नहीं है। दुकान तो खुली नहीं। तब से सोचते थे कि कैसे इस राशन व्यवस्था को ठीक किया जाए। तब हमारे दिमाग में आया कि डोरस्टेप डिलीवरी ऑफ राशन हो सकता है। इससे राशन की चोरी रोकी जा सकती है। मैं मुख्यमंत्री तो दिल्ली में बन गया, लेकिन आज तक इसको लागू नहीं कर पाया। लेकिन उपर वाला है। एक खिड़की बंद करता है, तो दस खोल देता है। दिल्ली में न सही, पंजाब में लागू करके दिखाएंगे।

*सरकार मतलब, काम रोको, जनता को कुछ करने न दो, यह सरकारें काम रोकने के लिए बनी हैं- अरविंद केजरीवाल*

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में कल मुख्यमंत्री भगवंत मान जी ने ऐलान किया है कि डोरस्टेप डिलीवरी ऑफ राशन पंजाब के अंदर लागू करेंगे। मेरे को इसके लिए केंद्र सरकार के जूते घिसते-घिसते चार साल हो गए। मैं सबके पैर पड़ा, सबसे मिन्नतें मांगी। मैं कहा कि इसमें मेरा कोई स्वार्थ नहीं है। मैं तो राशन की चोरी ही बंद कर रहा हूं, लेकिन इन लोगों ने मेरे को करने नहीं दिया। इन्होंने पहले दो साल तक हमारे मोहल्ला क्लीनिक रोके। इसकी फाइल लेकर बैठ गए। किसी तरह करा कर ले आए। फिर सीसीटीवी कैमरों की फाइल लेकर बैठ गए। फिर मेरे को एलजी साहब के यहां धरना करना पड़ा। फिर वो सीसीटीवी की फाइल क्लीयर की। यह जो व्यवस्था है, वो पिछले 75 साल से चली आ रही है। 75 से इस देश के अंदर जितनी सरकारें आईं, सरकार मतलब, काम रोको। सरकार मतलब, जनता को कुछ करने न दो। सरकार मतलब, जनता कें काम रोको। यह सरकारें काम रोकने के लिए बनी हैं। पहली बार एक सरकार आई है, जो जनता के काम करने के लिए बनी है। इस देश के लोग बहुत आगे बढ़ना चाहते हैं। इस देश में बहुत टैलेंट है। हमारे डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जी स्कूलों के अंदर बिजनेस ब्लास्टर करवा रहे हैं। क्या टैलेंट निकल कर आ रहा है। बच्चे ऐसे-ऐसे आइडियाज लेकर आ रहे हैं। अपने को इन बच्चों को आगे बढ़ने देना है, इनको रोकना नहीं है। 75 साल से इन देश को रोका गया। गला पकड़कर घोंटा गया। मतलब लोगों को करने नहीं दिया। इसे बदलना है।

*75 साल में आज तक भ्रष्टाचार में कोई जेल नहीं गया, यह एक तरह से जनता के जले पर नमक छिड़कने जैसा है- अरविंद केजरीवाल*

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस देश में जब भी कोई आदमी सुनता है कि नेताओं ने भ्रष्टाचार कर दिया, तो उसके अंदर आग लग जाती है। इतना भ्रष्टाचार कि मन करता है कि इसका कुछ करो। 75 साल में इन सारी पार्टियों और नेताओं लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इन्होंने जमकर लूटा। वो दूसरे वाले हैं। उनकी लंबी लिस्ट है। कॉमनबेल्थ गेम्स, टू जी, कोयला, स्पेक्ट्रम, लंबी लिस्ट है। एक ये हैं, इनकी भी लिस्ट है। राफेल, सहारा बिड़ला, ताबुत घोटाला, व्यापक स्कैप, विजय माल्या को भगा दिया, ललीत गेट्स स्कैम, पनामा पेपर, इनकी भी लंबी लिस्ट है। यहां तक कि देश की डिफेंस को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने बोफोर्स घोटाला किया, इन्होंने राफेल घोटाला किया। इन लोगों ने देश की डिफेंस को भी नहीं छोड़ा। जनता को बहुत ज्यादा तकलीफ होती है। एक तो जनता देखती है कि उनका पैसा लूट लिया, देश को लूट लिया। दूसरा देखती है कि सारे क्लीन चिट हो गए। भ्रष्टाचार तो हुआ, लेकिन किसी ने नहीं किया। कोई पकड़ा नहीं गया। 75 साल में आज तक भ्रष्टाचार में कोई जेल नहीं गया, सारे छूट गए। एक तरह से जनता के जले पर नमक छिड़कना है। मेरा मानना है कि भ्रष्टाचार को देश के साथ गद्दारी का ऐलान कर देना चाहिए। जो भ्रष्टाचार करेगा, उसे गद्दारी मांगा जाएगा। वो देश के साथ गद्दारी कर रहा है। आम आदमी पार्टी में इन्होंने सबकुछ चेक कर लिया। नही ंतो ये मेरे को छोड़ देते। मेरी कोई फाइल खोल लेते और ब्लैकमेल करते। जैसा इनकी स्टाइल है। इन्होंने सुंगलू कमीशन बैठाया। इसमें चार 400 फाइलें गईं। तीन बड़े-बड़े आईएएस अफसर बैठकर हमारी 400 फाइलें देखी। उनको एक नए पैसे की चोरी नहीं मिली। फिर इन्होंने सीबीआई भेजी। मेरे घर और दफ्तर में सीबीआई की रेड कराई। कुछ नहीं मिला। मेरे बेडरूम में घुस गए। उनको लगा कि शायद वो जो कच्ची पर्चियां होती हैं, वो बेडरूम में ही होता होगा। बेडरूम में भी कुछ नहीं मिला। हम कट्टर ईमानदार हैं। अगर हमारा कोई किसी दिन पकड़ा गया, तो सबको कह रखा है कि जितनी सजा दूसरों मिलती है, उससे दोगुनी सजा दिलवाउंगा। किसी को छोड़ूंगा नहीं।

*अब इस देश का एक आम आदमी खड़ा हो रहा है, अब ईमानदारी और देशभक्ति की लहर पूरे देश में फैलेगी- अरविंद केजरीवाल*

सीएम अरविंद केजरीवाल ने संबोधन के आखिर में कहा कि हमारे लिए देश सबसे उपर है। अभी पंजाब के सीएम भगवंत मान जी की प्रधानमंत्री जी से मीटिंग हुई। मीटिंग में भगवंत मान जी ने सीधे-सीधे प्रधानमंत्री जी को कहा कि पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है। देश की सुरक्षा, बॉर्डर की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। इसीलिए आज मैं यह सुनिश्चित करने के लिए आया हूं कि अगर बॉर्डर और देश की सुरक्षा का कोई भी मसला होगा, तो मैं, मेरे नेता केजरीवाल जी और पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी तरह से आपके साथ हैं। हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं सुनिश्चित करने आया हूं कि हम देश की सुरक्षा के साथ किसी किस्म की राजनीति नहीं होंगे। कोई राजनीति नहीं होगी। देश के लिए हम किसी भी किस्म की राजनीति नहीं करेंगे। जब भी देश की बात आएगी, हमारे खून का एक-एक कतरा हमारे देश पर समर्पित है। जब भी जरूरत पड़ेगी, हम देश के लिए हर कुछ करने के लिए तैयार हैं। आज देश का आम आदमी खड़ा हो गया है। जब दिल्ली में हमारी सरकार बनी, तो हमने स्कूल और अस्पताल अच्छे किए। सड़के अच्छी की। बिजली मुफ्त कर दी। बिजली 24 घंटे कर दी। पानी फ्री कर दी। पानी घर-घर पहुंचाया। यह बात पूरे देश में फैल गई। पूरे देश के लोगों को लग रहा है कि हो तो सकता है। 75 साल में इन्होंने किया नहीं, लेकिन हो तो सकता है। कामों को लेकर पूरे देश में एक उम्मीद जागी है। जब से पंजाब के नतीजे आए हैं, तो लोगों को लगता है कि यह ईमानदारी और यह देशभक्ति की हवा जो बहने लगी है, अब यह धीरे-धीरे पूरे देश के अंदर बहेगी और पूरे देश के अंदर एक उम्मीद जागी है। पूरा देश खड़ा हो रहा है। अब इस देश का एक आम आदमी खड़ा हो रहा है। अब ईमानदारी और देशभक्ति की लहर पूरे देश में फैलेगी। मैं रोजगार बजट के प्रस्ताव का पूरी तरह से समर्थन करता हूं।

*सरकार का काम जनता की समस्या को समझ उसका समाधान निकालना है- मनीष सिसोदिया*

दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र के आखिरी दिन बजट पर चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री व वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार का काम जनता की समस्या को समझ उसका समाधान निकालना है। इसलिए जब बजट तैयार किया जाता है तो उसमें वर्तमान समस्या, आगे आने वाली समस्या के साथ-साथ जनता के सपनों की उड़ान को कैसे पंख लगाया जाए, इस पर काम करने की जरुरत होती है। उन्होंने कहा कि मैंने आज तक 8 बार इस सदन में बजट पेश किया है और पहले बजट से ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी ने सुझाव दिया कि बजट को इस तरह से बनाओ जैसे अपने घर का बजट बना रहे हो। उन्होंने बताया कि इस साल बजट की तैयारियों के दौरान जब मुख्यमंत्री जी से पूछा कि कोरोना के बाद बजट में क्या शामिल किया जाए तो मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इन दो सालों में दिल्ली की जनता ने बहुत कुछ झेला है। मुश्किलें सही हैं। इसलिए अब जनता से बजट के लिए सुझाव मांगों।

*‘रोजगार बजट’ पर दिल्ली के 6500 से अधिक नागरिकों ने अपने सुझाव दिए- मनीष सिसोदिया*

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस बाबत दिल्ली सरकार ने विज्ञापन निकाला और दिल्ली के 6500 से अधिक नागरिकों ने दिल्ली सरकार के पोर्टल पर अपने सुझाव दिए। इन सभी सुझावों को दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई इकॉनमी टीम ने स्टडी किया। टीम ने ट्रेडर्स, विभिन्न मार्किट एसोसिएशन के लोगों के साथ 150 से अधिक बैठकें की, मार्किट को स्टडी किया और इन सभी के परिणाम स्वरुप ये बजट निकल कर आया। उन्होंने बताया कि इन 6500 सुझावों में से उन्होंने स्वयं कई सुझावों को पढ़ा और सुझाव देने वाले 12 लोगों को सदन में मेहमान के रूप में बुलाया। इनमें चार्टेड एकाउंटेंट, मार्किट एसोसिएशन, सरकारी कर्मचारी आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि गांधी नगर मार्किट को लेकर हरिओम शर्मा जी से सुझाव मिला तो, ई-पार्क के लिए मनीष विरमानी व मोहित भारद्वाज से, सुनील पाण्डेय जी ने ई-कॉमर्स वेबसाइट के लिए सुझाव दिया, जिससे दिल्ली बाजार पोर्टल को बनाने में मदद मिली। अखिल जाजू, निखिल गुप्ता, सौरभ गुप्ता, रवि रंजन गुप्ता, राहुल पोद्दार, करण गोयल ने दिल्ली के बाजारों के पुनर्विकास को लेकर सुझाव दिए। तारंग नागरथ ने स्टार्ट-अप्स को लेकर तो, प्रह्लाद जैन जी ने एमिनेस्टी स्कीम को लेकर सुझाव दिए।

*दिल्ली की आम जनता ने आम आदमी की परेशानियों को दूर करने वाले सुझाव दिए और सरकार ने इन्हें बजट में अपनाया- मनीष सिसोदिया*

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली की आम जनता ने आम आदमी की परेशानियों को दूर करने वाले सुझाव दिए और सरकार ने इन्हें बजट में अपनाया। उन्होंने कहा कि इस बजट में हमने अगले 5 सालों में 20 लाख नई नौकरियों सृजित करने की बात की है और सभी को पता है कि अरविंद केजरीवाल जी जो बोलते हैं, वो करके दिखाते है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अरविंद केजरीवाल जी और दिल्ली सरकार को रोकने के लिए पिछले 7 सालों में एडी-चोटी का जोड़ लगा दिया, लेकिन अब तक रोक नहीं पाई और न ही रोक पाएगी।

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