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वर्ष 1965 के बाद पहली बार यमुना का जल स्तर इतना घटा है और इसके चलते दिल्ली में रोजना 100 एमजीडी पानी का उत्पादन प्रभावित हो रहा है- राघव चड्ढा

वर्ष 1965 के बाद पहली बार यमुना का जल स्तर इतना घटा है और इसके चलते दिल्ली में रोजना 100 एमजीडी पानी का उत्पादन प्रभावित हो रहा है- राघव चड्ढा

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने हरियाणा से यमुना में पानी नहीं छोड़े जाने की वजह से दिल्ली में गहराए जल संकट के मद्देनजर आज वजीराबाद बैराज का निरीक्षण किया। राघव चड्ढा ने कहा कि हरियाणा की खट्टर सरकार सुप्रीम कोर्ट के दिए आदेश के अनुसार दिल्ली को पानी दे। हरियाणा से पानी नहीं छोड़े जाने के चलते यमुना का जल स्तर 7.5 फीट घट गया है। अगर हरियाणा ने पानी नहीं छोड़ा तो, दिल्ली में त्राहिमाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि 1965 के बाद पहली बार यमुना का जल स्तर इतना घटा है और इसके चलते दिल्ली में रोजना 100 एमजीडी पानी का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। राघव चड्ढा ने कहा कि सेंट्रल दिल्ली, वेस्ट दिल्ली और साउथ दिल्ली में जल संकट गहरा गया है, जिसमे पीएम आवास, राष्ट्रपति भवन, सुप्रीम कोर्ट और अंतरराष्ट्रीय दूतावास शामिल हैं। डीजेबी ने याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट से 1995 में दिए अपने आदेश के अनुसार हरियाणा सरकार को रोजाना पानी देने के लिए निर्देशित करने की मांग की है। हम झोली फैला कर मांगते हैं कि दिल्ली वालों को मानवीय और कानूनी आधार पर उनके हक का पानी दीजिए। इस पर राजनीति न करिए।

*यमुना पूरी भरी हुई होती है, लेकिन आज एक बहुत बड़ा खाली मैदान नजर आ रहा है, जहां हाॅकी और क्रिकेट खेल सकते हैं- राघव चड्ढा

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने आज वजीराबाद बैराज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वजीराबाद बैराज में हरियाणा की ओर से यमुना नदी का पानी छोड़ा जाता है। हम सीधा नदी से पानी उठाकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में जाते हैं और उसे अपने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में साफ करते हैं। इसके बाद हम लोगों के घरों तक पहुंचाते हैं। यह नदी पूरी भरी हुई होती है और नदी का स्तर 7.50 फीट और ऊपर होता है, लेकिन आज पानी बहुत कम स्तर पर नजर आ रहा है और एक बहुत बड़ा खाली मैदान नजर आ रहा है। यह रिवर बेल्ट पूरा भरा होता है, लेकिन क्योंकि हरियाणा ने दिल्ली के हक और दिल्ली के अधिकार का पानी रोक लिया है, इसके चलते आज नदी सूख गई है। रिवर बेल्ट इतना सूख गया है कि आप यहां क्रिकेट या हॉकी भी खेल सकते हैं। हरियाणा ने दिल्ली के अधिकार का कम से कम 120 एमजीडी पानी आज के समय में रोका हुआ है, जिसके चलते दिल्ली में एक जल संकट बनता नजर आ रहा है।

*1965 के बाद पहली बार यमुना का जल स्तर इतना घटा है और इसके चलते दिल्ली में रोजना 100 एमजीडी पानी का उत्पादन प्रभावित हो रहा है- राघव चड्ढा

डीजेबी उपाध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली एक लैंड लॉक शहर है। हम लोग आसपास पड़ोसी राज्यों से घिरे हुए हैं। पड़ोसी राज्यों पर हम अपने जलापूर्ति के लिए निर्भर हैं। थोड़ा पानी उत्तर प्रदेश गंगा नदी के माध्यम से देता है। थोड़ा हरियाणा यमुना नदी के माध्यम से देता है और भांखड़ा नंगल से पंजाब की ओर से कुछ पानी आता है। उसमें सबसे बड़ा हिस्सा किसी का होता है, तो वह यमुना नदी का है, लेकिन आज हरियाणा सरकार ने दिल्ली का हक मार लिया है। दिल्ली वालों का हक का पानी रोक लिया है और आज हरियाणा हमें अपने अधिकार और हक का पानी नहीं दे रहा है। उन्होंने पानी इस कदर रोका है कि 1965 के बाद पहली बार यमुना नदी का जल स्तर इस वजीराबाद बैराज पर इतना घट गया है। आज इसकी वजह से दिल्ली के अंदर रोजाना 100 एमजीडी पानी का उत्पादन प्रभावित हो गया है। मैं हाथ जोड़कर हरियाणा की खट्टर सरकार से विनती करता हूं कि दिल्ली वालों के अधिकार का पानी दे दीजिए। दिल्ली वालों का हक मत मारिए। कानून के तहत आपको यह पानी देना है। सुप्रीम कोर्ट ने यह तय किया है। यह मैनीटेरियन ग्राउंड पर पानी देना है। आज आप दिल्ली वालों का अधिकार जो मार रहे हैं, दिल्ली वालों के हक का पानी उन्हें नहीं दे रहे हैं, इससे पूरी दिल्ली में त्राहिमाम त्राहिमाम हो सकती है। दिल्ली के उन इलाकों सेंट्रल दिल्ली और एनडीएमसी एरिया, जहां प्रधानमंत्री का निवास, सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट और अंतरराष्ट्रीय दूतावास है, वह सारा सेंट्रल दिल्ली, लुटियंस दिल्ली और एनडीएमसी के इलाकों के सिर पर आज जल संकट का खतरा मंडरा रहा है। इसीलिए हरियाणा सरकार से हाथ जोड़कर का विनती है कि आप खुद देखिए कि यमुना नदी सूख गई है। यमुना नदी में अब पानी नहीं बचा है। आप रिवर बेल्ट देख सकते हैं, यहां पर गिल्ली, डंडा, हाॅकी और क्रिकेट खेल सकते हैं। कृपया कर दिल्ली वालों का उनके हक का पानी दीजिए।

*दिल्ली वाले भीख नहीं मांग रहे हैं, बल्कि उनका हक है, लेकिन हरियाणा सरकार उनके हक का पानी नहीं दे रही है- राघव चड्ढा

राघव चड्ढा ने कहा कि यमुना नदी इसलिए सूख गई है, क्योंकि हरियाणा ने दिल्ली के हक का पानी रोक दिया है। हरियाणा की खट्टर सरकार ने 120 एमजीडी प्रतिदिन जो दिल्ली को मिलना चाहिए, वह नहीं दे रही है। मैं हरियाणा के सीएम खट्टर से हाथ जोड़कर कहना चाहूंगा कि आपकी दिल्ली वालों से क्या दुश्मनी है? आपको सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1995 में दिए गए आदेश के अनुसार, जितना पानी देना चाहिए, आप दिल्ली वालों को उतना पानी दीजिए। आप मानवीय आधार पर दिल्ली वालों को पानी दीजिए। अगर हरियाणा की खट्टर सरकार ने दिल्ली वालों के हक का पानी नहीं छोड़ा तो, दिल्ली में त्राहिमाम त्राहिमाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह हमारा हक है। हम कोई भीख या खैरात नहीं मांग रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने तय किया था कि हरियाणा को इतना पानी दिल्ली को देना है, लेकिन हरियाणा सरकार वह पानी नहीं दे रही है।

*सेंट्रल दिल्ली, वेस्ट दिल्ली और साउथ दिल्ली में जल संकट की समस्या है- राघव चड्ढा

मैं हरियाणा सरकार के मंत्रियों से कहना चाहूंगा कि आप यहां आइए और अपनी आंखों से देखिए। झूठे बयान न दें, आप आकर देखिए कि नदी सूख गई है। हरियाणा में तो मुख्यमंत्री और मंत्री सबके घर में पानी आ रहा है, लेकिन दिल्ली वालों के घर में पानी नहीं आ रहा है, क्योंकि यमुना नदी सूख गई है। आपने दिल्ली वालों को हक मार लिया है। खट्टर सरकार हमारा 120 एमजीडी पानी हमें वापस दे। दिल्ली जल बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और सुप्रीम कोर्ट से यही मांग की है कि हरियाणा सरकार को निर्देशित करिए कि दिल्ली वालों का हक का पानी न मारे और 1995 में सुप्रीम कोर्ट ने तय किया था कि इतना पानी दिल्ली को रोजाना हरियाणा देगा। कम से कम उतना पानी दिल्ली वालों को हरियाणा दे दे। मैं यह नहीं कह रहा कि 2021 की आबादी के हिसाब से हमें पानी दें। उन्होंने कहा कि सेंट्रल दिल्ली, वेस्ट दिल्ली और साउथ दिल्ली में पानी संकट की समस्या आ रही है और इसमें प्रधानमंत्री निवास, राष्ट्रपति भवन, सुप्रीम कोर्ट और अंतरराष्ट्रीय दूतावास, यह सारे इलाके आ रहे हैं। हर जगह पानी की समस्या आ रही है। हम सब के सिर पर जल संकट मंडरा रहा है। इसीलिए मेरी हाथ जोड़कर विनती है कि हरियाणा सरकार दिल्ली वालों को उनके हक का पानी दे।

भाजपा सांसद मनोज तिवारी द्वारा पानी के ऑडिट की मांग उठाने के सवाल पर राघव चड्ढा ने कहा कि अगर वह वास्तव में दिल्ली वालों का हक और अधिकार चाहते हैं, तो सबसे पहले भाजपा वाले मुख्यमंत्री के घर के बाहर धरने पर बैठ जाए, और दिल्ली वालों के लिए पानी लेकर आएं।

*मैं निकम्मी खट्टर सरकार को कहना चाहूंगा कि दिल्ली वालों के हक का पानी मत मारो, यह दिल्ली वालों का अधिकार है- राघव चड्ढा

डीजेबी के उपाध्यक्ष श्री राघव चड्ढा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तय किया था कि हरियाणा को इतना पानी दिल्ली को देना है, उसमें से 120 एमजीडी पानी प्रतिदिन का कम कर दिया है। वजीराबाद बैराज पर जल स्तर कम से कम 7.5 फीट ऊपर होना चाहिए। इसके लिए यहां पर लाल और काले रंग से बनाए गए एक स्केल लगाया गया है। यहां पानी का स्तर 674 अंक तक कम से कम होना चाहिए, लेकिन यमुना नदी के जल स्तर में काफी गिरावट आई है। इस स्केल पर अगर एक फीट पानी भी कम होता है, तो दिल्ली में त्राहिमाम हो जाता है। निर्दयी और निकम्मी हरियाणा की खट्टर सरकार को मैं कहना चाहूंगा कि दिल्ली वालों के हक का पानी मत मारो। यह दिल्ली वालों का अधिकार है। हम आपसे कोई भीख या खैरात नहीं मांग रहे हैं। आपको इतना पानी देना ही है। और अगर भीख या खैरात मांगने को कहते हो तो, हम झोली फैला कर मांगते हैं कि दिल्ली वालों को मानवीय और कानूनी आधार पर उनके हक का पानी दीजिए। हमें अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी दीजिए। राजनीति न करिए, राजनैतिक कारणों से पानी न रोकिए। हरियाणा सरकार में भले ही कोई यह कहे कि दिल्ली की गलती है और दिल्ली पानी का प्रबंधन नहीं कर पा रहा है। जल स्तर में आई गिरावट इसका प्रमाण है कि नदी सूख गई है। यहां पर लगी बोट भी हम आगे लेकर नहीं जा सकते हैं, क्योकि यहां एक फीट पानी पड़ा है। यह स्केल दिखा रहा है कि 7.5 की गिरावट यमुना नदी के जल स्तर में आ गई है। एक सवाल का जवाब देते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि हिमाचल, उत्तराखंड और हरियाणा में भी बरसात हुई है और नदी का स्तर हम वहां पर भी मापते हैं। गर्मियों में जितना जलस्तर होना चाहिए, हरियाणा के पास जल स्तर उससे कहीं ज्यादा ज्यादा है। हरियाणा जानबूझ कर पानी नहीं छोड़ रहा है।
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