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शिक्षकपर्व के तहत बचपन देखभाल एवं शिक्षा पर एक राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित

शिक्षकपर्व के तहत बचपन देखभाल एवं शिक्षा पर एक राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित

नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) की मुख्य विशेषताओं को रेखांकित करने के लिए शिक्षकपर्व पहल के तहत आज शिक्षा मंत्रालय द्वारा बचपन देखभाल एवं शिक्षा पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। शिक्षा मंत्रालय ने शिक्षकों को सम्मानित करने एवं नई शिक्षा नीति 2020 को आगे बढ़ाने के लिए 8 सितंबर से 25 सितंबर, 2020 तक शिक्षकपर्व का आयोजन किया।

ईसीसीई पर सत्र का संचालन एनसीईआरटी की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रोमिला सोनी द्वारा किया गया। अम्बेडकर विश्वविद्यालय की डॉ. वेनिता कौल, एनसीईआरटी की प्रोफेसर सुनीति सनवाल तथा दक्षिणी सिक्किम जिले के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय, केवजिंग के प्राचार्य श्री मोतीलाल कोईराला मुख्य वक्ताओं में शामिल थे। प्रोफेसर सुनीति ने ईसीसीई के संबंध में नई शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसाओं की व्याख्या करने के द्वारा चर्चा की शुरूआत की। चर्चा को आगे बढ़ाते हुए, उन्होंने गर्भावस्था से लेकर 2 वर्ष की आयु के शिशु के जीवन के आरंभिक वर्षों में पोषण के महत्व के बारे में बताया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पोषण, स्वास्थ्य एवं अध्ययन के बीच के संबंध की भी व्याख्या की। 2 वर्ष की आयु के आरंभिक वर्षों में शिशु के तीव्र विकास पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ता ने इस बात पर भी जोर दिया कि शोध अध्ययनों से प्रदर्शित होता है कि किसी शिशु के जीवन के आरंभिक वर्षों में पोषण का उसके स्वास्थ्य तथा बाद के वर्षों में शैक्षणिक प्रदर्शन से महत्वपूर्ण संबंध होता है।

डॉ. कौल ने एनईपी के कार्यान्वयन के लिए केंद्रीय क्षेत्रों का वर्णन किया और जोर देकर कहा कि आरंभिक चरणों में शैक्षणिक कौशलों के विकास के अतिरिक्त बच्चोंके बीच समाज में मिलने जुलने के कौशल के विकास भी महत्वपूर्ण होता है। गुणवत्तापूर्ण ईसीसीई की प्रदायगी में सामुदायिक स्तर पर प्रतिपालन एवं माता पिता की भूमिका पर भी काफी बल दिया गया। विकास के लिहाज से उपयुक्त कंटेंट एवं अध्यापन कला के महत्व को वक्ता द्वारा आनंददायक, खेल आधारित तथा बच्चों की दिलचस्पी वाली गतिविधियों के उदाहरण देने के जरिये रेखांकित किया गया। डॉ. कौल ने एनईपी 2020 की सराहना की और कहा कि पाठ्यक्रम का उर्ध्वगामी विस्तार बच्चों के लिए प्री-स्कूल से ग्रेड-1 तक के सुगम रूपांतरण के लिए काफी प्रभावी होगा।

दक्षिणी सिक्किम जिले के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय, केवजिंग के प्राचार्य श्री मोतीलाल कोईराला ने ईसीसीई के तहत बच्चों को सक्रिय, फिट एवं शिक्षण के लिए तैयार रखने के लिए शिशु योगा जैसे नवोन्मेषणों एवं गतिविधियों को साझा किया। श्री कोईराला ने यह जानकारी भी दी कि बच्चों को स्कूल में खिलौने, खेलने के उपकरण, किताबें एवं प्रिंट समृद्ध क्लासरूम उपलब्ध कराये जाते हैं जिससे कि बच्चे आनंददायक तरीके से शिक्षण गतिविधियों से जुड़ें। उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि ये गतिविधियां बच्चों को स्कूलों की तरफ आकर्षित करेंगी जिसके द्वारा नामांकनों में बढोतरी होगी।

अपनी समापन टिप्पणियों में डॉ. सेनापति ने सत्र की कार्यवाहियों का सारांश प्रस्तुत किया और बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 भारतीय संस्कृति को समृ़द्ध बनाने में सहायता करेगी जो ईसीसीई के चरण से ही अंतर्निविष्ट होने वाले मूल्यों को प्रतिबिंबित करती है।

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