November 29, 2022

साईंबर अपराध के संबंध में आम लोगों को सजग करने के लिए झज्जर पुलिस ने की साइबर जागरूकता माह की शुरुआत 

झज्जर: 01 अक्टूबर 2022

झज्जर जिला के आमजन को किसी तरह के साइबर अपराध की घटना, ऑनलाइन ठगी अथवा ठगों के गिरोह से बचाने के लिए झज्जर पुलिस द्वारा विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। झज्जर पुलिस द्वारा चलाया गया विशेष जागरूकता अभियान एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2022 तक लगातार जारी रहेगा। साइबर जागरूकता माह के दौरान झज्जर पुलिस की साइबर विशेषज्ञों की विभिन्न टीमों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर व शैक्षणिक संस्थानों में प्रतिदिन अलग-अलग तरह के साइबर अपराधों से संबंधित विस्तृत जानकारी देकर उनसे बचाव बारे जागरूक किया जाएगा। जागरूकता अभियान के तहत लोगों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए ऑनलाइन ठगी में अपनाए जाने वाले ठगों के सभी तौर तरीकों व पैंतरों के बारे में जानकारी दी जाएगी। साइबर अपराध व ऑनलाइन ठगी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए श्री ओ पी सिंह आईपीएस, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एससीबी) हरियाणा ने साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने व आम लोगों को ठगी के मामलों से बचाने व जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के संबंध में कड़े दिशा निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री ओ पी सिंह के दिशा निर्देशों की पालना करते हुए एसपी श्री वसीम अकरम के कुशल नेतृत्व में झज्जर पुलिस द्वारा आम लोगों को साइबर ठगों से बचाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक झज्जर एवं नोडल अधिकारी श्रीमती भारती डबास के मार्गदर्शन में विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता मन्थ की शुरुआत की गई है। 

 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक झज्जर श्रीमती भारती डबास ने बताया कि सूचना और संचार टेक्नोलॉजी आज हमारे दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। इसने हमारे जीवन में दोस्तों के साथ जुड़ने, नौकरी खोजने, शादी करने, जीवनसाथी खोजने, व्यवसाय चलाने, खेल खेलने, शॉपिंग करने इत्यादि के तरीके को बदल दिया है। ब्रॉडबैंड और स्मार्टफोन की सस्ती उपलब्धता के बाद लगभग हर किसी की पहुंच साइबर स्पेस तक हो गयी है। जो दुनिया भर में लगभग करोड़ों ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं को जोड़ता है। साइबर स्पेस के बढ़ते उपयोग ने हमें साइबर क्राइम के खतरों के प्रति सुभेद्य बना दिया है। हमारे द्वारा डिजिटल जीवन के प्रबंधन में मामूली चूक व लापरवाही साइबर अपराधियों के लिए दरवाजे खोल सकती है और इससे हमें वित्तीय नुकसान, प्रतिष्ठा का नुकसान, मानसिक उत्पीड़न इत्यादि हो सकता है। अतः यह आवश्यक है कि हम बाहरी डिजिटल दुनिया से वित्तीय लेन-देन, सोशल नेटवर्किंग, गेम खेलने या इंटरनेट पर चीजें खोजने इत्यादि हेतु जुड़ते समय सतर्कता और सावधानी बरतें। इस साइबर सुरक्षा जागरूकता माह में दी गई जानकारी का उद्देश्य नागरिकों में विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध, जो आमजन को प्रभावित कर सकते हैं, के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाना तथा खुद को उनसे सुरक्षित रखने के लिए कुछ उपायों के बारे में जानकारी देना है।

               उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते के बारे में कोई जानकारी बिल्कुल ना दें। ज्यादातर ठग लोगों से बैंक अधिकारी या परिचित बनकर बात करते हैं और लोगों से उनके बैंक खाते, सीवीवी, ओटीपी के बारे में जानकारी मांगते हैं। लोगों को उनके एटीएम कार्ड को ब्लॉक होने, केवाईसी अपडेट करने, उनका बैंक खाता आधार से जोड़ने के बहाने बनाते हैं या फिर बैंक खाता ब्लॉक होने का डर दिखाकर जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। जो लोग ठगों की इन बातों में आकर अपने बैंक खाते से संबंधित इस प्रकार की जानकारी देते हैं। उनके साथ साइबर अपराधी ठगी करने में कामयाब हो जाते हैं। जिसके बाद लोगों के पैसे वापिस दिलवाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।

यह रखें सावधानी

बैंक कभी भी किसी भी व्यक्ति से एटीएम नंबर, सीवीवी नंबर अथवा ओटीपी की मांग नहीं करता। यह सभी उपभोक्ताओ के लिए उनकी निजी गोपनीय जानकारी होती है। सभी व्यक्तियों को चाहिए कि वह बैंक से संबंधित अपनी किसी भी प्रकार की जानकारी किसी को ना दें। किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी या ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या अपने नजदीकी साइबर क्राइम थाना अथवा साइबर हैल्पडैस्क से संपर्क करके शिकायत दर्ज कराएं।

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