December 2, 2022

सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय में धूमधाम से मना ‘हिन्दी दिवस समारोह’

सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय, ब्लाॅक 10, लोधी रोड, नई दिल्ली
में 15 सितम्बर को‘हिन्दी दिवस समारोह’ का भव्य एवम् गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में सीमा सुरक्षा
बल के महानिदेशक देवेन्द्र कुमार पाठक, भा.पु.सेवा, अतिरिक्त महानिदेशक एम.एल.बाथम, अन्य वरिष्ठ अधिकारी गण,अधीनस्थ अधिकारी गण, जवानों सहित मीडिया व अन्य गणमान्य व्यक्ति भी भारी संख्या में मौजूद थे।

ज्ञात हो कि सीमा सुरक्षा बल भारतीय अंर्तराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के उद्देश्य से गठित भारत का पहला केन्द्रीय और विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल है, जिसका प्राथमिक दायित्व पाक और बंगलादेश से लगतीं भारतीय अंर्तराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा और ‘सीमा वासियों के दिलों में विश्वास की भावना’ पैदा करना है। इतिहास गवाह है, समय साक्षी है कि1965 से लेकर आज तक यह बल अपनी हर चुनौतियों पर खरा उतरा है। भारत के भिन्न-भिन्न राज्यों के भिन्न-भिन्न भाषा-भाषी और विविध संस्कृतियों के जवानों व अधिकारियों का मिला- जुला संगम है – सीमा सुरक्षा बल। इन विविधताओं के बावजूद इस बल की एकता बेमिसाल है तथा बल के सारे कार्मिक
अपने सहकर्मियो के साथ हृदय की गहराईयो से जुडे रहते है। इनके आपस के इस गहरे जुड़ाव की बड़ी वजह है – बल में हिन्दी का अत्यधिक प्रचलन। वास्तव में हिन्दी बल की संपर्क सूत्र है, संपर्क भाषा है एवम् हिन्दी ही है वह सशक्त माध्यम, जिसके द्वारा बल के अधिकतर कार्य संपादित होते हैं।

कहना लाजिमी होगा कि अपनी अन्य भूमिकाओं के इतर हिन्दी के प्रचार प्रसार में सीमा सुरक्षा बल का योगदान अप्रतिम रहा है। हिन्दी के प्रचार प्रसार में इसकी भूमिका महज कागजों तक सीमित न होकर वास्तविकता के धरातल पर आधारित है। तभी तो 18 से 20 -22 वर्षों तक का एक दक्षिण भारतीय,बंगाली,पूर्वोत्तर या फिर गैर हिन्दी भाषी क्षेत्र का वह युवा, जो बल का सदस्य बनने से पहले हिन्दी का क,ख,ग तक नहीं जानता; अपने प्रशिक्षण के मात्र तीन चार महीनों में ही हिन्दी जानने समझने लगता है और 2-3 सालों की नौकरी होते होते वो ऐसी हिन्दी
बोलने लगता है, जैसे वो किसी हिन्दी क्षेत्र का वासी हो।

इतना ही नहीं, सीमा सुरक्षा बल द्वारा अपने कार्यालयों में हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिये बल द्वारा समय-समय पर कार्यशालाओं, संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है और न केवल हिन्दी दिवस पर, अपितु बल अक्सर ही हिंदी की अलग-अलग प्रतियोगिताओं – जैसे – नोटिंग, ड्राफ्टिंग, निबंध लेखन, प्रशनोत्तरी, वाद-विवाद प्रतियोगिता, अनुवाद इत्यादि विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन करता है और विजेताओं को पुरस्कृत कर उन्हें हिन्दी में कार्य करने के लिये प्रोत्साहित करता है। इस बल में ऐसा करने की एक शानदार परंपरा रही है। अपनी इसी
परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी दिनांक 01 सितंबर से 15 सितंबर तक बल में ‘हिन्दी पखवाड़ा’ मनाया गया था और सीमा सुरक्षा बल की सभी स्थापनाओं में हिन्दी विषयक विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं के सम्मान का उत्सव था यह समारोह।

समारोह का आरम्भ हुआ – पी.के.दूबे, महानिरीक्षक(प्रशासन).द्वारा देवेन्द्र कुमार पाठक, भारतीय पुलिस सेवा, महानिदेशक सीमा सुरक्षा बल की अगवानी और तत्पशचात उनके सम्मान में प्रस्तुत स्वागत संभाषण से। तत्पशचात महानिदेशक के कर-कमलों से हिन्दी में कार्यों को बढ़ावा देने के लिये ‘अपील’ जारी की गई। विजेताओं को पुरस्कृत करने के पश्चात पाठक ने अपने संबोधन भाषण में समारोह को संबोधित करते हुए विजेताओं को शुभकामनाएं दीं तथा व्यवहार और कार्य, दोनों ही में हिन्दी को अपनाने पर जोर दिया और पुरस्कार राशि को
दोगुना करने की उद्घोषणा की।

कार्यक्रम के अंत में अजमल सिंह कथात, उप महानिरीक्षक (प्रशासन) ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और सामूहिक छायांकन के साथ समारोह का समापन संपन्न हुआ।

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