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हमें दूसरी संस्कृतियों से सीखना चाहिए, इससे एकता बढ़ती है और यही हमारे भारत की सुंदरता है- अरविंद केजरीवाल

हमें दूसरी संस्कृतियों से सीखना चाहिए, इससे एकता बढ़ती है और यही हमारे भारत की सुंदरता है- अरविंद केजरीवाल

दिल्ली सरकार द्वारा कोंकणी अकादमी की स्थापना की घोषणा से खुश गोवा निवासियों का एक प्रतिनिधि मंडल ने आज मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की और अकादमी की स्थापना को अधिसूचित करने के लिए धन्यवाद दिया। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब से दिल्ली सरकार ने कोंकणी अकादमी की घोषणा की है, तब से हर तरफ से अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है और मुझे खुशी है कि लोग कोंकणी अकादमी की स्थापना से बेहद खुश हैं। यह अकादमी सिर्फ सरकारी आधार नहीं है, बल्कि यह आपकी अकादमी है। कोंकणी संस्कृति का प्रचार-प्रसार हर किसी को करना चाहिए। सीएम ने कहा कि हमें दूसरी संस्कृतियों से सीखना चाहिए, इससे एकता बढ़ती है और यही हमारे भारत की सुंदरता है। मैं कोंकणी संगीत, नाटक, नृत्य आदि सहित अन्य कार्यक्रमों में सभी को सक्रिय रूप से भाग लेते हुए देखने के लिए बेहद ही उत्सुक हूं।

दिल्ली सरकार ने गोवा राज्य की भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कोंकणी अकादमी की स्थापना की घोषणा की है। दिल्ली सरकार की इस घोषणा के बाद से दिल्ली में रह रहे गोवा निवासी बेहद खुश हैं। सीएम से मुलाकात के दौरान गोवा प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि कोंकणी अकादमी स्थापित करने की काफी लंबे समय से मांग की जा रही थी। हमारे लिया यह बेहद ही खुशी की बात है कि आप की सरकार ने लंबे समय से लंबित हमारी मांगों को स्वीकार किया और कोंकणी अकादमी स्थापित करने की घोषणा की। गोवा के निवासी कोंकणी अकादमी की स्थापना को अधिसूचित करने के लिए दिल्ली सरकार के शुक्रगुजार हैं। अकादमी की स्थापना से गोवा की संस्कृति और भाषा का प्रचार-प्रचार करने में मदद मिलेगी।

वहीं, सीएम श्री अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहले अपने आवास पर आए गोवा प्रतिनिधि मंडल का स्वागत किया। सीएम ने कहा कि यह मेरे लिए बेहद ही खुशी की बात है और मैं आप सभी से मिल कर बहुत की प्रसन्न महसूस कर रहा हूं। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली भारत की राजधानी है और दिल्ली एक छोटा भारत भी है। हमारे यहां देश के तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, गुजरात, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत आदि राज्यों से लोग आते हैं। इसी तरह हमारे पास गोवा के लोग भी हैं, जो दिल्ली आकर रह रहे हैं और मुझे यह जानकर बहुत खुशी हो रही है कि दिल्ली में रहने वाले सभी गोवा निवासियों ने अपने संघ बना लिए हैं। हमने पिछले साल मराठी अकादमी की स्थापना की थी, जो तब से चल रही है। तभी से कोंकणी भाषी लोगों की मांग थी कि एक कोंकणी अकादमी भी स्थापित की जाए। जब से हमने कोंकणी अकादमी की घोषणा की है, तब से हर तरफ से अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त हो रही है और मुझे खुशी है कि कोंकणी अकादमी की स्थापना से हर कोई खुश है।

सीएम श्री अरविंद केजरीवाल ने गोवा निवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब यह आपकी अकादमी है, इसलिए सरकारी अकादमी की तरह न देखा जाए। इसे किसी अन्य सरकारी भवन या सरकारी आधार के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। आपको इस अकादमी को जीवंत बनाना होगा। हमारा विचार यह है कि कोंकणी संस्कृति का प्रचार-प्रसार हर किसी को करना चाहिए। इसी तरह, हमें अन्य संस्कृतियों जैसे- तमिल और मलयाली संस्कृतियों और भाषाओं से सीखना चाहिए। इस प्रकार एकीकरण होगा और यही भारत की सुंदरता है कि हमारे पास ऐसी विविध भाषाएं और संस्कृतियां हैं। अभी घोषणा की गई है और बहुत जल्द पदाधिकारियों की भी घोषणा की जाएगी। मैं कोंकणी संगीत, नाटक, नृत्य आदि सहित अन्य कार्यक्रमों में सभी को सक्रिय रूप से भाग लेते हुए देखने के लिए बेहद ही उत्सुक हूं।

गत 8 जनवरी को हुई कैबिनेट की बैठक में दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में कोंकणी भाषा और संस्कृति के विकास और संवर्धन को सुगम बनाने के लिए कोंकणी अकादमी की स्थापना को मंजूरी दी थी। दिल्ली के लोगों को समृद्ध कोंकणी संस्कृति, भाषा, साहित्य और लोक कलाओं के संपर्क में लाने के लिए दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति और भाषा विभाग के तहत अकादमी की स्थापना की जाएगी। नई स्थापित अकादमी को जल्द ही सभी आवश्यक बुनियादी ढांचे के साथ एक कार्यालय के लिए स्थान आवंटित किया जाएगा।

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