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हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण कारण एवं उपचार,!

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण कारण एवं उपचार,!

आजकल बहुत ही आम समस्या बनती जा रही है! ज्यादातर लोग रक्तचाप को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, और इसके शिकार होते जा रहे हैं औसतन 10 व्यक्तियों में से एक व्यक्ति उच्च रक्तचाप का रोगी पाया जाता है, डब्ल्यूएचओ द्वारा बहुत ही सराहनीय कदम उठाए जा रहे हैं 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के रूप में मनाया जाता है, यह दुर्भाग्य की बात है कि आम लोगों में इस बीमारी की आम जानकारी के अभाव में सही इलाज नहीं हो पाता है, हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन भी कहते हैं! दिल (हृदय) की धमनियों में रक्त का प्रवाह काफी तेज हो जाता है हालांकि इसका इलाज सुगमता से किया जा सकता है, यदि काफी समय तक इलाज नहीं करवाया जाए तो दिल का दौरा शुरू हो सकता है, और दिल संबंधी कई बीमारियां उत्पन्न हो जाती है, तदोपरांत मृत्यु भी हो सकती है! शारीरिक रूप से कम सक्रिय होना बी, पी, बढ़ने का कारण हो सकता है, सर्दियों में अधिक शंका रहती है, रक्त का संकुचन चरण के दौरान अधिकतम दबाव जिस मुख्य धमनी के माध्यम से हृदय ब्लड को छोड़ देता है, उसे सिस्टोलिक दबाव कहा जाता है ,और हृदय के रिलैक्स या विस्तार चरण के दौरान धमनियों के न्यूनतम दबाव को डायस्टोलिक दबाव कहा जाता है, आज के समय में अधिकांशतः हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों की संख्या अधिक है,
लक्षण अन्य बीमारियों की तरह हाई ब्लड प्रेशर के भी कुछ लक्षण होते हैं,,लगातार सिर में दर्द होना, थकान महसूस करना, बार-बार कार्य करने पर थकान महसूस हो तो नजरअंदाज नहीं करें, सीने में दर्द सांस लेने में परेशानी हो उच्च रक्तचाप में सांस लेने में परेशानी होती है, दिल की धड़कन अनियमित तरीके से गति करती हो, यह सभी उच्च रक्तचाप के प्रमुख लक्षण हैं!
कारण— धूम्रपान बजन का अधिक होना, व्यायाम नहीं करना, नमक का सेवन अधिक, तनाव झेलना, यह उन लोगों को ज्यादा होता है जो हाइपरटेंशन के शिकार है! कुछ लोग उच्च रक्तचाप को लाइलाज बीमारी समझते हैं, जबकि ऐसा नहीं है समय पर यदि चिकित्सा परामर्श लिया जाए तो इस रोग से मुक्ति मिल सकती है
डॉक्टर हृदय प्रत्यारोपण सर्जरी जैसी कराने की सलाह दे देते हैं, ब्लड प्रेशर के कारण मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं मैं ब्लॉकेज होना, शुरू हो जाता है यह सबसे घातक स्थिति होती है! इसका इलाज कोरोनरी एंजियोग्राफी नामक तकनीकी द्वारा किया जा सकता है, बार-बार ब्लड प्रेशर का दौरा दिल के खराब होने के कारण भी बन जाता है, और मौत भी हो सकती है, इस रोग के कारण किडनी में भी कार्य करने की क्षमता पर असर पड़ता है, जिन्हें दिल का दौरा पड़ता है, अधिकांश हाई ब्लड प्रेशर के शिकार होते हैं, सामान्यतया ब्लड प्रेशर 120/85 होता है उम्र के साथ-साथ यह बढ़ने भी लग जाता है नियमित रूप से ब्लड प्रेशर जांच कराते रहना चाहिए!
आयुर्वेद चिकित्सा के अनुसार बचाव हेतु भूखे पेट लहसुन, एवं मेथी, का उपयोग करें उच्च रक्तचाप से बचाव संभव है

डॉ घनश्याम व्यास
पूर्व अतिरिक्त निदेशक आयुर्वेद राजस्थान

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